Karnataka मंत्री Priyank Kharge का RSS पर बड़ा हमला! 'धन शोधन' और 'आय के स्रोत' पर उठाए गंभीर सवाल

Priyank Kharge
ANI
रेनू तिवारी । Feb 16 2026 8:58AM

कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर ‘‘धन शोधन’’ में लिप्त होने का रविवार को आरोप लगाया और इसकी आय के स्रोत पर भी सवाल उठाया। प्रियंक ने कहा कि वह चाहते हैं कि देश में सभी पर लागू होने वाला कानून और संविधान आरएसएस पर भी लागू हो।

कर्नाटक सरकार के कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रियंक खरगे ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खरगे ने आरएसएस की कार्यप्रणाली, उनकी देशभक्ति और विशेष रूप से उनके वित्तीय लेन-देन पर सवाल खड़े किए।

इसे भी पढ़ें: शिवाजी-टीपू सुल्तान तुलना पर पुणे में सियासी संग्राम! BJP और Congress कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर पथराव किया, नौ घायल

कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर ‘‘धन शोधन’’ में लिप्त होने का रविवार को आरोप लगाया और इसकी आय के स्रोत पर भी सवाल उठाया। प्रियंक ने कहा कि वह चाहते हैं कि देश में सभी पर लागू होने वाला कानून और संविधान आरएसएस पर भी लागू हो। उन्होंने कहा, ‘‘आरएसएस ने 52 वर्षों तक अपने कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया और हमें वे देशभक्ति का पाठ पढ़ाते है।’’

इसे भी पढ़ें: Bangladesh की नई BNP सरकार का शपथ ग्रहण, India-China समेत 13 देशों को भेजा न्योता

यहां एक कार्यक्रम में सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘इसके (आरएसएस के) पास 2,500 से अधिक संगठनों का नेटवर्क है, ये अमेरिका और इंग्लैंड से हैं। ये उनसे पैसे लेते हैं और मैं बता रहा हूं कि ये लोग धन शोधन में शामिल हैं।’’ आरएसएस को पैसा कहां से मिल रहा है और कैसे मिल रहा है, इस सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘वे चाहते हैं कि हम अच्छे नागरिक बनें, आयकर दें, लेकिन वे खुद स्वतंत्र रहना चाहते हैं। यह कैसे संभव है? हमें इस पर सवाल उठाना होगा।

प्रियंक खरगे के इस बयान से कर्नाटक सहित राष्ट्रीय राजनीति में एक नया विवाद खड़ा होने की संभावना है। जहाँ कांग्रेस अक्सर आरएसएस की विचारधारा पर हमला करती रही है, वहीं "मनी लॉन्ड्रिंग" जैसे सीधे वित्तीय आरोप इस टकराव को एक नए स्तर पर ले गए हैं। अब देखना यह होगा कि भाजपा और आरएसएस इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

नोट- यह खबर पीटीआई भाषा द्वारा प्रसारित की गयी है। लेखक ने इस जानकारी को केवल लेख के तौर पर कुछ शाब्दिक बदलाव के साथ प्रकाशित किया है- 

All the updates here:

अन्य न्यूज़