प्रियंका की रैली में उठी राजस्थान की लड़की को न्याय दिलाने की मांग, सीएम गहलोत से की बात

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 24, 2021   08:48
प्रियंका की रैली में उठी राजस्थान की लड़की को न्याय दिलाने की मांग, सीएम गहलोत से की बात

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने न्याय की मांग कर रहे पीड़िता के परिजन से बात की और उन्हें मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हो गया और कांग्रेस नेता संबोधित करने वापस मंच पर गईं।

मथुरा। उत्तर प्रदेश में मथुरा जनपद के पालीखेड़ा गांव में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की सभा में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब उनका संबोधन शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद मंच के समक्ष करीब दर्जनभर लोगों ने तख्तियां दिखाते हुए राजस्थान की एक लड़की को राजस्थान सरकार से न्याय दिलाने की मांग करनी शुरू कर दी। इस पर जब सुरक्षाकर्मियों एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मांग कर रहे लोगों को शांत करने के लिए आगे बढ़े, तो प्रियंका गांधी ने खुद मंच से ही उन्हें रोक दिया और खुद तत्काल माइक छोड़कर नीचे आ गईं। फिर हाथों में तख्तियां थामे लड़कों एवं कुछ लड़कियों ने कांग्रेस नेता के सामने अपनी समस्या रखी। 

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इस पर गांधी ने उसी समय राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से वार्ता कर मामले की जानकारी ली और उक्त लड़की को न्याय दिलाने को कहा। कांग्रेस नेता ने न्याय की मांग कर रहे पीड़िता के परिजन से बात की और उन्हें मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हो गया और कांग्रेस नेता संबोधित करने वापस मंच पर गईं। इसके बाद, राजस्थान के भरतपुर जिले के जुरहरा थाना क्षेत्र में पिछले वर्ष दर्ज दुष्कर्म मामले में राजस्थान पुलिस ने पीड़िता और उसके परिजनों को सुरक्षा मुहैया करवा दी है। 

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस से इस संबंध में रिपोर्ट मंगवाकर कार्रवाई के लिये आवश्यक निर्देश दिये। भरतपुर पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र विश्नोई ने बताया कि पीड़िता के परिजनों को सुरक्षा मुहैया करवा दी गई है। परिजनों ने आरोप लगाया उन्हें डराया धमकाया जा रहा था इसलिये मंगलवार को सुरक्षा उपलब्ध करवाई गई है। जुरहरा थाना में दुष्कर्म का एक मामला पिछले वर्ष अप्रैल में दर्ज करवाया गया था। वहीं, दूसरी ओर आरोपियों के परिजनों ने भी राजस्थान के पुलिस महानिदेशक से मुलाकात कर प्राथमिकी में दर्ज मामले को झूठा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। सूत्रों ने बताया कि दर्ज प्राथमिकी में की गई शिकायत और पीड़िता के मजिस्ट्रेट के समक्ष दिये गये बयानों में विरोधाभास है।





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