• NDC के दीक्षांत समारोह में बोले राजनाथ, हमारी संप्रभुता को खतरे में डालने वालों पर होगी त्वरित कार्रवाई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ज्ञान की भूमिका को किसी देश की सबसे बड़ी सम्पत्ति के रूप में बहुत लंबे समय से महसूस किया गया है। हमने अपने गुरुओं को समाज में सबसे उंचे पायदान पर रखा है।

नयी दिल्ली। नेशनल डिफेंस कॉलेज के दीक्षांत समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मास्टर ऑफ फिलॉसफी की डिग्री प्राप्त करने वाले सदस्यों को बधाई देते हुए खुशी है। मुझे पता है कि समकालीन समय में सरकार द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों के व्यावहारिक नीति समाधान की दिशा में आप अकादमिक शोध के दौर से गुजरे हैं। 

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ज्ञान की भूमिका को किसी देश की सबसे बड़ी सम्पत्ति के रूप में बहुत लंबे समय से महसूस किया गया है। हमने अपने गुरुओं को समाज में सबसे उंचे पायदान पर रखा है। ज्ञान और बुद्धिमता को हमारे समाज में सर्वोच्च गुणों के रूप में माना गया है।

उन्होंने कहा कि बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए श्रीकृष्ण ज्ञान, बुद्धिमत्ता, शासनकला को साथ लाए। हमारा मकसद राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक संबंध बनाना है। ये सिद्धांत रणनीतिक सोच के मूलतत्व हैं। ये प्राचीन काल में उतने प्रासंगिक थे जितने आज की चुनौतियों से पार पाने के लिए हैं। 

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अफगानिस्तान का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि वहां की घटनाओं ने हमारे समय की वास्तविकता को उजागर किया है। उभरते भू-राजनीति के बारे में एकमात्र निश्चितता इसकी अनिश्चितता है। इसी बीच उन्होंने बालाकोट और गलवान घाटी घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बालाकोट और गलवान में हमारी कार्रवाई सभी हमलावरों के लिए स्पष्ट संकेत है कि हमारी संप्रभुता को खतरे में डालने के किसी भी प्रयास का त्वरित और मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। 

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