नहीं माने बड़बोले सिद्धू, पाकिस्तान में उठा दिया राफेल मुद्दा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 27, 2018   17:54
नहीं माने बड़बोले सिद्धू, पाकिस्तान में उठा दिया राफेल मुद्दा

सिद्धू ने इस गलियारे को संभव बनाने के लिए खान को धन्यवाद दिया और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच शांति को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘इससे दोनों देशों के बीच शत्रुता मिटेगी।’’

लाहौर। पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने करतारपुर को ‘‘अनंत संभावनाओं वाला गलियारा’’ बताते हुए मंगलवार को कहा कि ऐसी पहल से शांति को बढ़ावा मिलेगा और भारत और पाकिस्तान के बीच ‘‘शत्रुता’’ मिटेगी। सिद्धू भारतीय पत्रकारों के एक समूह के साथ यहां आये हैं ताकि वह लाहौर से करीब 120 किलोमीटर दूर नारोवाल में करतारपुर गलियारे की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में शामिल हो सकें। वाघा सीमा पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

आयोजन में शामिल होना तक तो ठीक था लेकिन सिद्धू ने लाहौर पहुँच कर राफेल मामले को उठा दिया। अपने घरेलू मुद्दे वो भी रक्षा सौदे से संबंधित मुद्दे पाकिस्तान में उठाकर सिद्धू क्या देश से गद्दारी नहीं कर रहे हैं। लाहौर में मीडिया से बातचीत में उन्होंने पाकिस्तान सेनाध्यक्ष से गले मिलने की बात पर कहा कि मैं गले मिला था कोई राफेल डील नहीं की थी। उन्होंने कहा है कि जब दो पंजाबी मिलते हैं तो गले मिलते हैं और यह सामान्य बात है। उम्मीद है सिद्धू की इस गुस्ताखी को अमरिंदर सिंह गंभीरता से लेंगे ?

चार किलोमीटर लंबा यह गलियारा भारत के गुरदासपुर जिला स्थित डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान में नारोवाल में गुरुद्वारा करतारपुर साहिब से जोड़ेगा। यह गलियारा भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को गुरुद्वारे तक वीजा मुक्त पहुंच मुहैया कराएगा। प्रधानमंत्री इमरान खान बुधवार को गलियारे की आधारशिला रखेंगे। सिद्धू ने इस गलियारे को संभव बनाने के लिए खान को धन्यवाद दिया और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच शांति को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘इससे दोनों देशों के बीच शत्रुता मिटेगी।’’

यह भी पढ़ें: सिद्धू जी राजनीति लाफ्टर शो नहीं है, जरा अपने CM अमरिंदर सिंह से प्रेरणा लीजिये

उन्होंने मीडिया से कहा, ‘‘इमरान खान ने तीन महीने पहले जो बीज बोये थे वह अब एक पेड़ बन गया है। सिख समुदाय के लिए यह खुशी का पल है कि बाबा गुरु नानक का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बिना किसी परेशानी के करतारपुर पहुंचने के लिए एक गलियारा मिल जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि गलियारा खुलने से 73 वर्षों का इंतजार समाप्त हो गया है। सिद्धू ने कहा, ‘‘करतारपुर गलियारा शांति का पथ साबित होगा।’’ उन्होंने इसे ‘‘अनंत संभावनाओं वाला गलियारा’’ करार दिया और कहा कि ऐसी पहलों से (दोनों देशों के बीच) शांति को बढ़ावा मिलेगा।

दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध बहाली के बारे में पूछे जाने पर सिद्धू ने कहा, ‘‘दोनों देशों में ऐसे कई कलाकार और क्रिकेटर हैं जिन्हें सभी प्यार करते हैं और भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच होने चाहिए।’’ उन्होंने कहा,‘‘इमरान खान, वसीम अकरम और जावेद मियांदाद के भारत में कई प्रशंसक हैं, इसी तरह से पाकिस्तान में शाहरुख और सलमान खान के काफी प्रशंसक हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘धर्म को राजनीति की आंखों से नहीं देखा जाना चाहिए।’’

यह भी पढ़ें: शिवराज सरकार 15 साल पुरानी खटारा गाड़ी है, इसको हटाना हैः सिद्धू

पाकिस्तान यात्रा करने के उनके निर्णय की आलोचना संबंधी सवाल पर सिद्धू ने कहा, ‘‘जो मेरी आलोचना करते हैं मैं उन लोगों को माफ करता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं बचपन से ही इमरान खान का प्रशंसक रहा हूं।’’ करतारपुर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित नारोवाल जिले के शकरगढ़ में स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने वहां अपने जीवन के 18 वर्ष से अधिक समय बिताया था। करतारपुर साहिब गुरुद्वारा रावी नदी के किनारे स्थित है। सोमवार को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और भारत के पंजाब राज्य के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने गुरदासपुर में गलियारे की आधारशिला रखी थी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।