Rahul Gandhi से Pune में छात्राओं ने की बात, महिला सुरक्षा और शिक्षा की बाधाएं उठाईं

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्राओं ने अपनी समस्याएं खुलकर साझा कीं। बातचीत के दौरान छात्राओं ने यौन उत्पीड़न, असुरक्षित सार्वजनिक परिवहन और आर्थिक तंगी को महिलाओं की आत्मनिर्भरता में मुख्य बाधा बताया। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियों की पढ़ाई और विशेष तकनीकी पाठ्यक्रमों के भारी खर्च का मुद्दा भी उठाया गया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ शनिवार को संवाद के दौरान छात्राओं ने बताया कि यौन उत्पीड़न, व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर चिंता, सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की कमी और आर्थिक परेशानियां अब भी महिलाओं की शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता में बाधा बनी हुई हैं। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में पालघर के वसई की अर्थशास्त्र की छात्रा सुचित्रा पागी ने 13 साल की उम्र में स्कूल से घर लौटते समय और बाद में सार्वजनिक परिवहन से यात्रा के दौरान छेड़खानी की घटनाओं को याद किया। पागी ने कहा कि इन अनुभवों से उनके मन में पुरुषों को लेकर डर पैदा हो गया, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी पुरुष एक जैसे नहीं होते।
उन्होंने लोगों से अपील की कि जब वे किसी महिला को परेशान होते देखें तो उन्हें हस्तक्षेप करना चाहिए। पुणे में मनोविज्ञान की पढ़ाई कर रहीं मैत्री ने कहा कि सुरक्षा को लेकर चिंताएं शिक्षा में बाधा बन सकती हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों के लिए। उन्होंने कहा कि गांवों में माता-पिता अक्सर सुरक्षा कारणों से अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर भेजने में हिचकिचाते हैं और इसके बजाय बेटों को पढ़ाना पसंद कर सकते हैं।
साइबर और डिजिटल साइंस की बीएससी की दूसरे वर्ष की छात्रा प्रज्ञा गावंडे ने साइबर सुरक्षा जैसे विशेष पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करने में आने वाली आर्थिक बाधाओं को रेखांकित किया।
अन्य न्यूज़













