राहुल गांधी ने भारत सरकार के कोविड-19 टीकाकरण की रफ्तार पर सवाल उठाया

Rahul Gandhi
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए रविवार को कोविड-19 टीकाकरण की गति पर सवाल किया और कहा कि अगर देश के ‘मन की बात’ समझी गई होती तो टीकाकरण के ऐसे हालात न होते। उनकी टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’कार्यक्रम से ठीक पहले आई।

नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए रविवार को कोविड-19 टीकाकरण की गति पर सवाल किया और कहा कि अगर देश के ‘मन की बात’ समझी गई होती तो टीकाकरण के ऐसे हालात न होते। उनकी टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’कार्यक्रम से ठीक पहले आई। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गांधी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘अगर समझते देश के मन की बात, ऐसे न होते टीकाकरण के हालात।’’ उन्होंने टीकाकरण की गति पर सरकार से सवाल पूछने के लिए ‘व्हेयर आर वैक्सीन’ हैशटैग का इस्तेमाल किया।

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गांधी ने कथित धीमी टीकाकरण दर और मीडिया खबरों का उल्लेख करते हुए एक वीडियो भी साझा किया। वीडियो में भारत के टीकाकरण संबंधी आंकड़ों पर प्रकाश डाला गया है जिसका उद्देश्य कोरोना वायरस की तीसरी लहर को रोकना और दिसंबर 2021 तक दोनों खुराक के साथ 60 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण करने का लक्ष्य है। आंकड़ों में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि प्रति दिन 93 लाख लोगों का टीकाकरण किए जाने की जरूरत है और पिछले सात दिनों में वास्तविक दर (हर रोज औसत टीकाकरण) प्रति दिन 36 लाख है।

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इस तरह पिछले सात दिनों में हर दिन 56 लाख टीकों का अंतर है। इसमें कहा गया है कि 24 जुलाई को (पिछले 24 घंटे में टीकाकरण) वास्तविक टीकाकरण 23 लाख लोगों का हुआ यानी 69 लाख का अंतर रहा। कांग्रेस धीमे टीकाकरण अभियान और टीका नीति को लेकर सरकार की आलोचना करती रही है।

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