Rahul Gandhi का PM-RSS पर बड़ा हमला: हमारा इतिहास नहीं बदल सकते

राहुल गांधी ने 'वाइको इन पार्लियामेंट' पुस्तक विमोचन पर आरएसएस पर भारत के विविध इतिहास, भाषा और संस्कृति को बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश अपनी क्षेत्रीय पहचान को कुचले जाने को कभी स्वीकार नहीं करेगा, क्योंकि आरएसएस की एकाकी सोच भारतीय विविधता के खिलाफ है, जिसके कारण छात्र भी सड़कों पर हैं। यह बयान देश के संघीय ढांचे और सांस्कृतिक बहुलता पर जारी बहस को रेखांकित करता है।
लोकसभा नेता राहुल गांधी कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में मारुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के महासचिव वाइको के संसदीय भाषणों के संकलन "वाइको इन पार्लियामेंट" पुस्तक के विमोचन के अवसर पर पहुंचे। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि हर राज्य को अपनी बात कहने का अधिकार है। हर राज्य को अपनी संस्कृति, अपने इतिहास और अपनी भाषा का अधिकार है। और यहाँ अचानक कुछ ऐसे नासमझ लोग आ गए हैं जो तमिल भाषा नहीं समझते, जो तमिल लोगों को नहीं समझते, जो मराठी लोगों को नहीं समझते, जो बंगाली लोगों को नहीं समझते, जो केरल के लोगों को नहीं समझते और कहते हैं कि 'नहीं, इनमें से कोई भी इतिहास काम का नहीं है, इनमें से कोई भी सोच काम की नहीं है, इनमें से कोई भी भाषा काम की नहीं है।
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राहुल ने आगे कहा कि सिर्फ़ वही भाषा और वही इतिहास ज़रूरी और काम का है जिसे RSS ने तय किया है।' असल में लड़ाई इसी बात की है। इसीलिए छात्र बाहर हैं। क्योंकि भारत कभी भी अपनी किसी भी संस्कृति, भाषा या इतिहास को किसी के भी द्वारा कुचले जाने को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि हम अपने देश में एक अजीब दौर से गुज़र रहे हैं। छात्र सड़कों पर हैं। वे नौकरी, निष्पक्ष परीक्षा और एक बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। और दूसरी तरफ, हमारे प्रधानमंत्री हैं जो उन्हें माफ़ कर रहे हैं। उन्हें माफ़ करने वाले वे कौन होते हैं? उन्हें यह ख़याल कहाँ से आया कि उन्हें भारत के भविष्य को माफ़ करने का अधिकार है?
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री, उनके सहयोगियों और RSS की सोच के पीछे एक बहुत ही खतरनाक और तीखी सोच छिपी है। इन लोगों का मानना है कि भारत के अलग-अलग राज्यों के इतिहास, पहचान और भाषाएँ बेमतलब हैं, और सिर्फ़ RSS द्वारा तय की गई भाषा और इतिहास ही अहम हैं। इसीलिए छात्र सड़कों पर उतरे हैं। भारत कभी भी अपनी संस्कृतियों, भाषाओं या इतिहास को किसी के भी द्वारा कुचले जाने को बर्दाश्त नहीं करेगा। वे अपने तरीके से 'भारत के विचार' की रक्षा कर रहे हैं।
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"वाइको इन पार्लियामेंट" किताब के लॉन्च पर JKNC प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भारत एक विविधतापूर्ण देश है। यहाँ इतनी सारी भाषाएँ, संस्कृतियाँ और जीवन-शैली हैं, फिर भी हम एकजुट हैं - एक वजह से, कि हम साथ मिलकर तरक्की कर सकते हैं, साथ मिलकर आगे बढ़ सकते हैं और भारत को महान बना सकते हैं। यह विविधता में एकता है। हमें इसी विविधता की रक्षा करनी है। अगर हम विविधता की रक्षा नहीं करेंगे, तो हम इस देश के भविष्य की रक्षा नहीं कर पाएँगे।
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