Rahul Gandhi ने UGC-NET परीक्षा विवाद पर PM Modi को घेरा, NTA से मांगी जवाबदेही

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट के तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराए जाने के फैसले के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की गलतियों के कारण अभ्यर्थियों का समय और मेहनत बर्बाद हो रही है। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को पहला कदम बताते हुए एनटीए नेतृत्व की जवाबदेही तय करने की मांग की।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट के कुछ विषयों की परीक्षा फिर से कराए जाने को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐसी व्यवस्था बनाई है जो एक परीक्षा तक नहीं करा सकती। राहुल ने यह भी कहा कि विद्यार्थियों के वर्षों का समय ‘‘चुराया जा रहा है’’ और जब तक प्रधानमंत्री मोदी इसका जवाब नहीं देते, वह इस मुद्दे को उठाते रहेंगे। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हर दूसरे पेपर की तरह एक बार फिर, मुझे पूरा यकीन है कि कोई जवाबदेही तय नहीं होगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सितंबर में फिर से यह परीक्षा देने वाले हर छात्र से कहना चाहता हूं, आप समस्या नहीं हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक ऐसी व्यवस्था बनाई है जो परीक्षा तक नहीं करा सकती और फिर परीक्षा देने वाले छात्रों को दोष देती है।’’ राहुल ने आरोप लगाया कि एनटीए ने ‘‘गलत प्रश्नपत्र’’ तैयार किए और पुराने प्रश्न दोहराए। उन्होंने कहा कि हजारों अभ्यर्थियों ने वर्षों तैयारी की, आवेदन शुल्क भरा और दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक यात्रा की, लेकिन अब उन्हें सितंबर में फिर से यह प्रक्रिया करनी होगी। राहुल ने सवाल उठाया कि ‘‘एनटीए अभी भी असली सवाल का जवाब नहीं दे रहा है कि क्या परीक्षा से पहले ये प्रश्नपत्र लीक हुए थे?’’ उन्होंने कहा कि एनटीए अपनी गलती स्वीकार नहीं करता और दावा किया कि किसी भी तरह की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी।

कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ‘‘पहला कदम था, आखिरी नहीं’’ और एनटीए के नेतृत्व को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। राहुल ने कहा, ‘‘मैंने यह बात कोटा, देहरादून और प्रयागराज में कही है और मैं इसे कहता रहूंग कि यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रह गई है। यह एक ऐसी मशीन बन गई है जो पैसे, सालों, मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास लेती है और बदले में कुछ नहीं देती।

नौकरी तक नहीं।’’ उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के वर्षों का समय ‘‘चुराया जा रहा है’’ और जब तक प्रधानमंत्री मोदी इसका जवाब नहीं देते, वह इस मुद्दे को उठाते रहेंगे। एनटीए ने जून में आयोजित यूजीसी-नेट 2026 के तीन विषयों अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र की परीक्षा रविवार को दोबारा कराने की घोषणा की। परीक्षा एजेंसी ने इन विषयों के प्रश्नपत्रों में त्रुटियों की शिकायत मिलने के बाद यह फैसला लिया है।

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