Rajasthan में PMNDP के तहत 16 हजार मरीजों को मिला मुफ्त Dialysis का लाभ

चिकित्सा विभाग के अनुसार राज्य में गुर्दे के 16,003 रोगियों को कुल 1.17 लाख से अधिक डायलिसिस सेशन निशुल्क उपलब्ध कराए गए हैं। इस पूरी उपचार सुविधा का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 21.11 करोड़ रुपये है। प्रदेश के 35 जिला अस्पतालों में इस समय 149 डायलिसिस मशीनें संचालित की जा रही हैं।
राजस्थान में अब तक 16,003 मरीजों को निशुल्क डायलिसिस की सुविधा दी गई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार डायलिसिस सेवाओं के तहत करीब 21.11 करोड़ रुपये की उपचार सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य में गुर्दे के रोगियों को आसानी से और निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में अब तक 16,003 मरीजों को कुल 1,17,258 ‘डायलिसिस सेशन’ की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन सेवाओं के तहत मरीजों को उपलब्ध कराई गई उपचार सुविधा का कुल अनुमानित मूल्य करीब 21.11 करोड़ रुपये है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (पीएमएनडीपी) के तहत प्रदेश के 35 जिला चिकित्सालयों में 149 डायलिसिस मशीनें संचालित हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त 2026 तक राज्य में 4,265 मरीजों को 31,675 ‘डायलिसिस सेशन’ की निःशुल्क सुविधा दी जा चुकी है। इनमें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत 35 केंद्रों पर 3489 मरीजों के 25860 सेशन तथा बजट घोषणा के तहत चिह्नित चिकित्सा संस्थानों में 776 मरीजों के 5815 सेशन शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में 11738 मरीजों को 85583 डायलिसिस सेशन की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई। इनमें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के 35 केंद्रों पर 8507 मरीजों के 65,148 सेशन तथा बजट घोषणा के तहत चिह्नित चिकित्सा संस्थानों में 3198 मरीजों के 19,187 सेशन शामिल हैं। राठौड़ ने कहा कि राज्य बजट घोषणा वर्ष 2022-23 के अनुपालन में राज्य के 182 चिकित्सा संस्थानों में हीमोडायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इनमें से 102 चिकित्सा संस्थानों में सुविधा उपलब्ध है। शेष संस्थानों में चिकित्सकों एवं कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा 30 सितंबर 2026 तक सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि सरकारी व्यवस्था के साथ कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के माध्यम से भी निःशुल्क डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जिला चिकित्सालय नदबई (भरतपुर) एवं उपजिला चिकित्सालय सिवाना (बालोतरा) में हंस फाउंडेशन, गुरुग्राम के सहयोग से यह सुविधा संचालित है। सिवाना में तीन मशीनों के माध्यम से 12 मरीजों के 575 सेशन तथा नदबई में तीन मशीनों के माध्यम से 21 मरीजों के 673 सेशन आयोजित किए गए हैं।
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