Rajasthan Municipal Election Result: 4171 वार्डों पर जीतकर BJP आगे, कांग्रेस 3597 सीटों पर सिमटी

राजस्थान में 10,210 वार्डों के घोषित नतीजों में सत्तारूढ़ भाजपा ने स्पष्ट बढ़त हासिल करते हुए 4,171 सीटों पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस 3,597 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि 2,272 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। उदयपुर, कोटा और भीलवाड़ा नगर निगम में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की है।
राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को कांग्रेस पर बढ़त बना ली। अब तक घोषित 10,210 वार्ड के परिणामों में भाजपा ने 4,171 सीट पर जबकि कांग्रेस ने 3,597 सीट पर जीत दर्ज की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
प्रमुख नगर निगमों के नतीजों में अलग-अलग तस्वीर सामने आई। भाजपा ने 80 सदस्यीय उदयपुर नगर निगम में 53 पर, 70 सदस्यीय भीलवाड़ा नगर निगम में 45 पर और 100 सदस्यीय कोटा नगर निगम में 53 वार्ड में जीत दर्ज स्पष्ट बढ़त हासिल की। कांग्रेस ने बीकानेर में बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि अजमेर और पाली में भी वह भाजपा से आगे रही।
जयपुर और अलवर में भाजपा ने बढ़त बनाई। जोधपुर में दोनों दलों के बीच कड़ा मुकाबला रहा और भाजपा तथा कांग्रेस ने 44-44 वार्ड जीते, जबकि 10 वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में निर्दलीय उम्मीदवारों ने बेहतर प्रदर्शन किया।
भारतपुर नगर निकाय के कुल 65 वार्ड में से निर्दलीयों ने 36 में जीत या बढ़त हासिल की, जबकि भाजपा 20 और कांग्रेस सात वार्ड पर विजयी या आगे है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने एक-एक वार्ड में जीत दर्ज की। अजमेर के 80 वार्ड में से कांग्रेस 37 पर, भाजपा 32 पर और निर्दलीयों 11 पर विजयी रहे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के गृह शहर पाली नगर निकाय के कुल 65 वार्ड में कांग्रेस ने 29 पर, भाजपा ने 21 पर जीत दर्ज की जबकि 15 वार्ड निर्दलीयों के खाते में गए। राज्यस्तर पर भी निर्दलीय उम्मीदवारों ने बेहतर प्रदर्शन किया है और कुल 2,272 वार्ड में जीत दर्ज की है। इससे कई शहरी निकायों में वे निर्णायक भूमिका में आ सकते हैं।
राज्य में कुल 10,244 वार्ड में मतगणना हुई, जिनमें से शाम 5:45 बजे तक 10,210 के परिणाम घोषित किए जा चुके थे। भाजपा ने 4,171, कांग्रेस ने 3,597, निर्दलीयों ने 2,272, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) ने 63, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने 38, बसपा ने 19, आम आदमी पार्टी (आप) ने 42 और भारत आदिवासी पार्टी ने आठ वार्ड जीते हैं। इन चुनावों को 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार और विपक्षी कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।
कुल 309 शहरी निकायों के चुनाव दो चरणों में नौ और 11 सितंबर को हुए थे। इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं। कुल 10,245 पार्षदों का चुनाव होना है और 1.44 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान के पात्र थे।
वर्ष 2019-21 के निकाय चुनावों में राजस्थान में 196 शहरी निकाय और 7,500 वार्ड थे। महापौर और सभापति के चुनाव के बाद कांग्रेस ने 123 शहरी निकायों पर नियंत्रण हासिल किया था, जबकि भाजपा के पास 64 निकाय थे। नौ निकायों में निर्दलीय और अन्य दलों के प्रतिनिधि प्रमुख पदों पर चुने गए थे।
महापौर और सभापति का चुनाव 21 सितंबर को होगा, जबकि उप महापौर, उप सभापति और नगरपालिका उपाध्यक्षों का चुनाव 22 सितंबर को होगा।
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