कांग्रेस नेता पर रामदास अठावले का तंज, उनका नाम है अधीर लेकिन उनका दिमाग हो गया है बधीर

Ramdas Athawale
ANI
अंकित सिंह । Jul 29, 2022 10:09AM
रामदास अठावले ने कहा कि अधीर रंजन चौधरी का नाम है अधीर लेकिन उनका दिमाग हो गया है बधीर। उन्होंने कहा कि वे अपना दिमाग इसी तरह चलाते हैं जिससे पूरे देश का अपमान होता है। राष्ट्रपति पद का उन्होंने अपमान किया है। राष्ट्रपति महिला का उन्होंने अपमान किया है।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी के दिए एक बयान पर राजनीतिक जमकर हो रही है। दरअसल, अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपत्नी ने कह कर संबोधित किया। इसके बाद से भाजपा जबरदस्त तरीके से उन पर हमलावर है। इतना ही नहीं, भाजपा की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी माफी की मांग की जा रही है। गुरुवार को संसद से लेकर सड़क तक भाजपा ने इस मुद्दे पर एक जबरदस्त तरीके से विपक्षी दल को घेरा। इन सबके बीच केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का भी बयान सामने आया है। अठावले ने अधीर रंजन चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका नाम है अधी लेकिन उनका दिमाग हो गया है बधीर

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न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक रामदास अठावले ने कहा कि अधीर रंजन चौधरी का नाम है अधीर लेकिन उनका दिमाग हो गया है बधीर। उन्होंने कहा कि वे अपना दिमाग इसी तरह चलाते हैं जिससे पूरे देश का अपमान होता है। राष्ट्रपति पद का उन्होंने अपमान किया है। राष्ट्रपति महिला का उन्होंने अपमान किया है। उनको अपना पद छोड़ना चाहिए। वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती का भी इस पर एक ट्वीट आया है। मायावती ने लिखा कि भारत के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद पर आदिवासी समाज की पहली महिला के रूप में द्रौपदी मुर्मू जी का शानदार निर्वाचन बहुत लोगों को पसंद नहीं। इसी क्रम में लोकसभा में कांग्रेस के नेता श्री अधीर रंजन चौधरी द्वारा उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना अति-दुःखद, शर्मनाक व अति-निन्दनीय। 

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सफाई में अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मैं जानता हूं कि भारत की राष्ट्रपति चाहे कोई भी हो वे हमारे लिए राष्ट्रपति ही हैं। ये शब्द बस एक बार निकला है। ये चूक हुई है। लेकिन सत्ताधारी पार्टी के कुछ लोग राई का पहाड़ बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो मैं राष्ट्रपति से मिलकर माफी मांगूंगा। मैं बार-बार कह रहा हूं कि मुझसे चूक हुई है लेकिन ये सभी मुद्दे को भटका रहे हैं। मुझे बोलने का मौका देना चाहिए। राष्ट्रपति सर्वोच्च स्थान पर हैं मैं कभी सपने में भी नहीं सोच सकता कि ऐसा कहूं।

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