RSS के मुखपत्र 'पांचजन्य' ने आमिर खान पर उठाए सवाल, लिखा- ड्रैगन का प्यारा खान

RSS के मुखपत्र 'पांचजन्य' ने आमिर खान पर उठाए सवाल, लिखा- ड्रैगन का प्यारा खान

संपादकीय में यह भी कहा गया है कि आमिर खान का वह इंटरव्यू आज भी कोई नहीं भूल पाता जिसमें उन्होंने कहा था कि मेरी पत्नी किरण राव को अब भारत में डर लगता है और भारत में असहिष्णुता बढ़ गई है।

तुर्की के राष्ट्रपति की पत्नी से मिलने के बाद बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान सुर्खियों में है। इसके अलावा वह चीनी उत्पादों का भी प्रमोशन कर रहे है जिसको लेकर उन पर सवाल उठाए जा रहे है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र पांचजन्य ने उनसे तीखे सवाल पूछे है। पांचजन्य में 'ड्रैगन का प्यारा खान' शीर्षक के जरिए संघ ने आमिर खान पर निशाना साधा है। पांचजन्य में लिखा गया है कि जिस तरह आमिर खान तुर्की जाकर देशवासियों की भावनाओं को ठेंगा दिखा रहे है, उन्हें इसे समझने की जरूरत है। पांचजन्य में कहा गया है कि वह खुद को तो सेकुलर बताते है और इजरायल के प्रधानमंत्री के भारत आने पर उनसे मिलने से मना कर देते है। जब वो खुद को इतना ही सेकुलर मानते है तो तुर्की जाकर शूटिंग करने की क्यों सोच रहे जो जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन करता है।

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आमिर खान को चीन की सत्ताधारी पार्टी का प्यारा बताया गया है। आमिर खान पर यह भी आरोप लगाया गया है कि वह भारत विरोधी ताकतों से हिल-मिल रहे है। पांचजन्य ने कहा कि भारत के लोग फिल्मी सितारों को बुलंदियों पर पहुंचाते है। देश के लोग उनके मजहब की नहीं बल्कि उनकी अदाकारी के प्रशंसक होते है। इसी वजह से उन पर पैसे भी लुटाते है। पर वही इंसान जब देशवासियों के भावनाओं को ठेंगा दिखाता है तो बुरा लगता है। पांचजन्य ने आमिर पर तंज कसते हुए कहा कि 'पहले मजहब फिर देश' की जिहादी सोच दिखाने लगे या दुश्मन देश के चंद पैसों पर कठपुतली बन साथ चलने लगे, दुश्मन देश की मेहमाननवाजी पूरी बेशर्मी से कबूल करने लगे तो देश की जनता क्या सोचेगी?

संघ ने यह भी कहा कि आजादी के बाद देश में देशभक्ति फिल्मों का चलन हो गया था। यह फिल्में देश की जनता के अंदर देश भावना जगाती थी। पर कुछ समय तक यह फिल्में नेपथ्य में चली गई। पिछले कुछ समय से एक बार फिर देशभक्ति फिल्में बनने लगी है। लेकिन दूसरी तरफ ऐसे अभिनेता और फिल्मकार हैं जिन्हें अपने देश के दुश्मनों से प्यार है। उन्हें देश से ज्यादा चीन और तुर्की पसंद है। संघ ने सवाल किया कि आखिर चीन में आमिर खान की फिल्में क्यों शानदार कारोबार करती है जबकि अन्य सितारों की फिल्में असफल रहती है। संघ ने यह भी कहा कि फिलहाल आमिर खान चीनी मोबाइल विवो के ब्रांड एंबेसडर है जो सुरक्षा नियमों की अनदेखी करता है।

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संपादकीय में यह भी कहा गया है कि आमिर खान का वह इंटरव्यू आज भी कोई नहीं भूल पाता जिसमें उन्होंने कहा था कि मेरी पत्नी किरण राव को अब भारत में डर लगता है और भारत में असहिष्णुता बढ़ गई है। अभिनेता से यह भी सवाल किया गया है कि आखिर एक ऐसे देश के इशारे पर क्यों चल रहे हैं जिसके शासन में पत्रकारों को सबसे ज्यादा कैद किया गया है। चीन में मानव अधिकारों का उल्लंघन आम बात है और वहां सोशल मीडिया पर भी पाबंदी है। फिलहाल देश में आमिर खान सुर्खियों में बने हुए है। तुर्की के राष्ट्रपति की पत्नी से उनका मिलना किसी को नहीं भा रहा है। वह अपनी आने वाली फिल्म लाल सिंह चड्ढा के लिए तुर्की में है।





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