शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने AAP सरकार पर लगाया आरोप, लोंगोवाल सम्मेलन विवाद पर हाई कोर्ट जाएगी पार्टी

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर संत हरचंद सिंह लोंगोवाल की पुण्यतिथि सम्मेलन का स्थान मनमाने ढंग से दूसरी पार्टी को देने का आरोप लगाया है। पार्टी नेता दलजीत सिंह चीमा के अनुसार शिअद ने अप्रैल में ही 20 अगस्त के कार्यक्रम की अनुमति मांगी थी, लेकिन इसे शिअद (पुनर सुरजीत) को दे दिया गया। इस गैर-लोकतांत्रिक फैसले के खिलाफ अकाली दल अब पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने सोमवार को दावा किया कि हरचंद सिंह लोंगोवाल की पुण्यतिथि पर आयोजित होने वाले वार्षिक सम्मेलन के लिए आवंटित स्थल को पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के साथ स्पष्ट सांठगांठ करके शिअद (पुनर सुरजीत) को दे दिया गया। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने यहां जारी एक बयान में कहा कि उनकी पार्टी ने 20 अगस्त को लोंगोवाल की अनाज मंडी में वार्षिक सम्मेलन आयोजित करने की अनुमति के लिए अप्रैल में ही आवेदन किया था। चीमा ने आरोप लगाया, ...मुख्यमंत्री भगवंत मान के आदेश पर आप मंत्री अमन अरोड़ा द्वारा शिअद (पुनर सुरजीत) से एक नया आवेदन प्राप्त किया गया और अकाली दल के लिए आरक्षित स्थल को अचानक पुनर सुरजीत दल को आवंटित कर दिया गया।
चीमा ने कहा कि यह घटनाक्रम आप सरकार और शिअद (पुनर सुरजीत) के बीच की मिलीभगत की तरफ इशारा करता है। उन्होंने दावा किया, इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि पुनर सुरजीत दल से आवेदन अभी दो दिन पहले 15 अगस्त को ही लिया गया था और महज एक ही दिन में स्थल आवंटन का फैसला ले लिया गया। इस फैसले को मनमाना और भेदभावपूर्ण करार देते हुए अकाली दल के नेता ने कहा, ‘‘पार्टी इस गैर-लोकतांत्रिक फैसले को रद्द कराने और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सम्मेलन आयोजित करने के अपने वैध अधिकार के संरक्षण एवं न्याय के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का रुख करेगी।
अकाली दल के पूर्व प्रमुख लोंगोवाल की 41वीं पुण्यतिथि पंजाब के संगरूर स्थित उनके पैतृक गांव लोंगोवाल में मनाई जाएगी। संगरूर के शेरपुर गांव में 20 अगस्त 1985 को दो हमलावरों ने लोंगोवाल की हत्या कर दी थी, जिन्हें उनके समर्थक संत कहा करते थे।
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