सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. महिंद्र वत्स का निधन, सेक्स समस्याओं का हंसमुख अंदाज में करते थे निदान

सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. महिंद्र वत्स का निधन, सेक्स समस्याओं का हंसमुख अंदाज में करते थे निदान

डॉ. महिंद्र वत्स अपने कॅरियर के शुरुआती 40 वर्षों के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ रहे। वह भारत के परिवार नियोजन संघ के साथ परामर्शदाता के रूप में भी जुड़े थे। उन्होंने यौन परामर्श और शिक्षा कार्यक्रम के लिए पैरवी की थी।

मुंबई। देश के प्रसिद्ध सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. महिंद्र वत्स का सोमवार को निधन हो गया। वह 96 साल के थे और उन्होंने मुंबई में आखिरी सांस ली। बतौर सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. महिंद्र वत्स एक मशहूर अखबार के साथ जुड़े हुए थे। जिसमें उनका कॉलम 'आस्क द एक्सपर्ट' छपा करता था। जिसका पाठक बेसब्री से इंतजार किया करते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके बच्चों ने कहा कि पिताजी कई आयामों वाले व्यक्ति थे। उन्होंने एक शानदार जीवन जिया और अपनी शर्तों पर जिया। ऐसे देश में जहां सेक्स से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बात करना अनुचित माना जाता है, वहां वत्स के कई प्रशंसक थे। 

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समाचार एजेंसी के मुताबिक डॉ. महिंद्र वत्स 'मुंबई मिरर' अखबार के लिए कॉलम लिखते थे। डॉ. महिंद्र वत्स के निधन के बाद अखबार की संपादक मीनाल बघेल ने ट्वीट कर दुख जताया और कहा कि सैक्स एक्सपर्ट चला गया। डॉ. महिंद्र वत्स का निधन हो गया है। वह मुंबई मिरर के लिए लेख लिखा करते थे। उन्होंने 2005 में अखबार के शुरू होने से लेकर बिना किसी अंतराल के 9 दिन पहले तक अखबार के अंतिम संस्करण के लिए कॉलम लिखा।

बता दें कि डॉ. महिंद्र वत्स अपने कॅरियर के शुरुआती 40 वर्षों के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ रहे। वह भारत के परिवार नियोजन संघ के साथ परामर्शदाता के रूप में भी जुड़े थे। उन्होंने यौन परामर्श और शिक्षा कार्यक्रम के लिए पैरवी की थी। 

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जानकार बताते हैं कि डॉ. महिंद्र वत्स बहुत जल्दी ही लोकप्रिय हो गए थे। वह भी तब जब भारतीय समाज में लोग सेक्स जैसे विषय पर खुलकर बातचीत करने से परहेज करते हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि डॉ. महिंद्र वत्स ने सेक्स काउंसलर के तौर पर काम करते हुए 40 हजार से अधिक लोगों की सेक्स समास्याओं का निपटारा किया है और उन्हें आनंदमय जीवन जीने के लिए भी प्रेरित किया है।

आज के समय में भी लोग सेक्स समस्याओं से जूझने के बावजूद उसके विषय में बातचीत करने से कतराते रहते हैं जिसकी वजह से समस्या और भी ज्यादा बढ़ जाती है। जबकि होना यह चाहिए कि व्यक्ति को सेक्स से जुड़ी समस्याओं के निदान के बारे में जल्द-से-जल्द सोचना चाहिए। 

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1960 में कॉलमनिस्ट बन गए थे डॉ. महिंद्र वत्स

कॉलमनिस्ट के तौर डॉ. महिंद्र वत्स के कॅरियर की शुरुआत साल 1960 में हो गई थी हालांकि उन्होंने कुछ वक्त के बाद लिखना शुरू किया था। वह बतौर  रोग विशेषज्ञ के तौर पर प्रसिद्ध हुए थे। दरअसल, जब वह 30 साल के हुए तो उन्हें एक मैग्जीन में कॉलम लिखने का ऑफर मिला था। जहां पर पाठक उनसे महिलाओं और बच्चों से जुड़ी समस्याओं के बारे में सवाल पूछा करते थे लेकिन कुछ समय बीतने के बाद उनसे सेक्स से जुड़ी समस्याओं के बारे में सवाल पूछा जाने लगा। जिसका उन्होंने बिना हिचकिचाहट के साथ मजाकिया लिहाज में जवाब दिया और देखते-ही-देखते वह सेक्स एक्सपर्ट बन गए।





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