अखिलेश के साथ मनमुटाव की खबरों के बीच सीएम योगी से मिले शिवपाल, 20 मिनट तक चली बैठक

अखिलेश के साथ मनमुटाव की खबरों के बीच सीएम योगी से मिले शिवपाल, 20 मिनट तक चली बैठक

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया की ओर से इस बैठक की पुष्टि की गई है। बताया गया है कि शिवपाल यादव और योगी आदित्यनाथ की मुलाकात एक शिष्टाचार मुलाकात थी। शिवपाल यादव और योगी की मुलाकात के ठीक बाद स्वतंत्र देव सिंह भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे।

लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के प्रमुख और समाजवादी पार्टी की टिकट पर जसवंत नगर से चुनाव जीतने वाले शिवपाल यादव ने आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब शिवपाल यादव तथा अखिलेश यादव के बीच मनमुटाव की खबरें हैं। इस मुलाकात को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से कयासों का दौर शुरू हो गया है। इसे विपक्षी गठबंधन में तनाव का संकेत माना जा रहा है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया की ओर से इस बैठक की पुष्टि की गई है। बताया गया है कि शिवपाल यादव और योगी आदित्यनाथ की मुलाकात एक शिष्टाचार मुलाकात थी। शिवपाल यादव और योगी की मुलाकात के ठीक बाद स्वतंत्र देव सिंह भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे।

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बताया गया है कि शिवपाल यादव ने योगी आदित्यनाथ से चुनाव के बाद मुलाकात नहीं की थी। इसी वजह से यह मुलाकात हुई है। मुख्यमंत्री के 5, कालिदास मार्ग स्थित आवास पर यह मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली। आज ही शिवपाल यादव ने विधायक के रुप में विधानसभा में शपथ ली थी। शिवपाल यादव के अलावा तीन अन्य विधायकों ने भी आज शपथ ली थी। आपको बता दें कि आज ही शिवपाल यादव से पत्रकारों ने कुछ सवाल किए जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि बहुत जल्द में हर चीज के बारे में बात करूंगा और सब कुछ बता दूंगा। आपको बता दें कि चुनाव से पहले शिवपाल यादव ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया था। वह समाजवादी पार्टी की टिकट पर ही जसवंतनगर से चुनाव जीते हैं।

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इससे पहले शिवपाल यादव ने दावा किया था कि उन्हें समाजवादी पार्टी की विधायक दल की बैठक में नहीं बुलाया गया। इसके अलावा खबर यह भी थी कि शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी के सहयोगी दलों की बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे। वर्ष 2017 के बाद से अलग-अलग रहने के बाद अखिलेश यादव और शिवपाल यादव ने हाल ही में संपन्न राज्य विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आपसी रिश्ते सुधारने का फैसला किया था। आपसी मनमुटाव के कारण शिवपाल यादव ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अपनी पार्टी बनायी थी। इस बार शिवपाल सपा के चुनाव चिन्ह पर अपनी पारंपरिक जसवंतनगर सीट से छठी बार जीते हैं। 24 मार्च को सपा विधायकों की बैठक में शिवपाल यादव को नहीं बुलाए जाने के बाद उनके रिश्ते में ताजा तल्खी आई, हालांकि उन्होंने साइकिल के निशान पर चुनाव लड़ा था और यहां तक कि करहल विधानसभा क्षेत्र में अखिलेश के लिए प्रचार भी किया था।





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