10,000 फर्जी SIM का 'मास्टरमाइंड' Guwahati से गिरफ्तार, CBI का बड़ा एक्शन

सीबीआई ने 'ऑपरेशन चक्र-पांच' के तहत गुवाहाटी से मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार किया है, जिसने साइबर धोखाधड़ी के लिए 10,000 से अधिक अवैध सिम कार्ड हासिल किए थे। आरोपी ने पीओएस एजेंट को 67 लाख रुपये देकर इन सिम कार्ड्स को खरीदा था और वह पिछले साल से फरार था।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने साइबर अपराधों में इस्तेमाल के लिए 10,000 से अधिक सिम कार्ड अवैध रूप से प्राप्त करने वाले एक प्रमुख साजिशकर्ता को गुवाहाटी से गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल अगस्त से फरार उबैद उल्लाह को रविवार तड़के गिरफ्तार किया गया।
सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘गिरफ्तार आरोपी ने गुवाहाटी में अवैध रूप से सिम कार्ड हासिल किया था और अगस्त 2025 से फरार था। जांच में पता चला है कि आरोपी ने अवैध रूप से जारी किए गए लगभग 10,000 सिम कार्ड प्राप्त करने के लिए कई बैंक खातों के माध्यम से पीओएस एजेंट को लगभग 67 लाख रुपये हस्तांतरित किए।’’
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘इन सिम कार्ड को प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किए गए कूरियर लेनदेन से संबंधित सबूत भी मिले हैं।’’ यह गिरफ्तारी सीबीआई के ‘ऑपरेशन चक्र-पांच’ का हिस्सा है, जिसके तहत एजेंसी ने पूरे भारत में साइबर अपराध के बुनियादी ढांचे पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
सीबीआई ने अवैध रूप से सिम कार्ड जारी करने और डिजिटल अरेस्ट, ऋण एवं निवेश धोखाधड़ी जैसे अपराधों में शामिल साइबर अपराधियों की मदद करने वाले प्वॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) एजेंट के खिलाफ पिछले साल मामला दर्ज किया था। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘जांच के दौरान, आठ राज्यों में लगभग 45 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप फर्जी/अवैध रूप से प्राप्त सिम कार्ड जारी करने में शामिल 10 आरोपी पीओएस एजेंट को गिरफ्तार किया गया।
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