हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर को हटाने को लेकर कयासबाजी

हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर को हटाने को लेकर कयासबाजी

प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुखविन्दर सिंह सुक्खू का मानना है कि कि हमें पार्टी में कुछ व्यापक बदलाव करने और आवश्यक सुधार करने की जरूरत है। पार्टी के पदाधिकारी हैं, जो कभी भी पार्टी की विचारधारा और आत्मा से संबंधित नहीं थे। मुझे लगता है कि आलाकमान पार्टी के ढांचे में बदलाव लाने के तौर-तरीकों पर काम कर रहा है। यह बहुत जल्द ही पता चल जाएगा।

शिमला ।  भले ही प्रदेश की राजनिति में इन दिनों विपक्षी दल कांग्रेस में नये अध्यक्ष की जल्द ताजपोशी को लेकर कयासबाजी जोंरों पर है। व कहा जा रहा है कि कांग्रेस संगठन में बडा बदलाव कर आलाकमान करेगा। अगर ऐसा होता है तो मौजूदा कुलदीप राठौर का हटना लगभग तय माना जा रहा है।  

 

दरअसल , हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर, विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री और अन्य सहित हिमाचल कांग्रेस के कुल 21 नेताओं ने पिछले दिनों नई दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ बैठक की । यह बैठक डेढ़ घंटे तक चली। जिसमें प्रदेश के नेताओं ने राज्य पार्टी संगठन में बदलाव का अनुरोध करने के अलावा विभिन्न चुनाव समितियों के गठन पर जल्द निर्णय लेने की भी मांग की है। कुछ नेताओं ने प्रदेश में नए संगठन प्रमुख की मांग की है। वहीं , पार्टी के तीन कार्यकारी अध्यक्षों के अलावा एक उप नेता प्रतिपक्ष नियुक्त करने की भी मांग की जा रही है।

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लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने दावा किया है कि हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में पार्टी में कोई भी बदलाव नहीं होगा। उन्होंने पंजाब का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस गलती नहीं दोहराएगी। खास बात है कि हाल ही में पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राज्य के कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की थी, जिसके बाद कयास लगाए जाने लगे थे कि पार्टी आलाकमान संगठन में बड़े बदलाव कर सकता है।

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राठौर ने दावा किया, ’चूंकि विधानसभा चुनावों के आगे बढ़ने की संभावनाएं काफी ज्यादा हैं। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान पंजाब में की हुई गलती नहीं दोहराएगा।’ खास बात है कि पंजाब में कांग्रेस को काफी नुकसान हुआ था। सत्ता संभाल रही कांग्रेस को राज्य में 117 में से केवल 18 सीटें ही मिल सकी थी। जबकि, आम आदमी पार्टी ने 92 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की थी।

इस सप्ताह ही सोनिया गांधी और हिमाचल प्रदेश के कांग्रेस नेताओं के बीच बैठक हुई थी। राठौर ने पार्टी में बदलावों की खबरों को लेकर कहा, ’बीते तीन सालं में कांग्रेस ने जमीन पर काम किया है, जिसका परिणाम यह रहा कि पार्टी ने सभी चारों उपचुनाव जीते हैं।’

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उन्होंने दावा किया, ’जिस टीम ने सोलन और पालमपुर नगर निगम चुनाव और लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों में जीत दर्ज की है, वह नहीं बदली जाएगी।’ फिलहाल, वे राज्य के दौर पर है और पार्टी का सदस्यता कार्यक्रम जारी है। इस दौरान उन्होंने नेताओं के दल बदलने पर चर्चा की। पहाड़ी राज्य में साल के अंत में चुनाव की संभावनाएं हैं।

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कांग्रेस छोड़कर आप में जाने वालों पर उन्होंने कहा कि सभी लोग अपना फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन इतना महत्वकांक्षी होना सही नहीं है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर शिमला जिले को नजरअंदाज करने के आरोप लगाए। प्रदेश अध्यक्ष नेकहा कि कांग्रेस शिमला नगर निगम चुनाव जीतेगी और राजधानी का गौरव दोबारा स्थापित करेगी। उन्होंने कहा, ’इस बात में संदेह नहीं है कि कांग्रेस ने हाल के चुनाव में खराब प्रदर्शन किया, लेकिन सच्चाई यह है कि वह देश के अखंडता और धर्मनिरपेक्षता पर कायम है।’

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वहीं, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुखविन्दर सिंह सुक्खू का मानना है कि  कि हमें पार्टी में कुछ व्यापक बदलाव करने और आवश्यक सुधार करने की जरूरत है। पार्टी के पदाधिकारी हैं, जो कभी भी पार्टी की विचारधारा और आत्मा से संबंधित नहीं थे। मुझे लगता है कि आलाकमान पार्टी के ढांचे में बदलाव लाने के तौर-तरीकों पर काम कर रहा है। यह बहुत जल्द ही पता चल जाएगा।





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