तीन इकाइयों के कामकाज का अध्ययन कर रहे, उसके बाद लेंगे कोई फैसला: पीयूष गोयल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 30, 2022   11:13
तीन इकाइयों के कामकाज का अध्ययन कर रहे, उसके बाद लेंगे कोई फैसला: पीयूष गोयल

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उनका मंत्रालय अपने तीन उपक्रमों एमएमटीसी, एसटीसी और पीईसी के कामकाज का अध्ययन कर रहा है और राष्ट्रहित की रक्षा के लिए उचित कदम उठाया जाएगा। गोयल से पूछा गया था कि क्या वाणिज्य मंत्रालय की इन इकाइयों को बंद करने की योजना है।

दुबई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उनका मंत्रालय अपने तीन उपक्रमों एमएमटीसी, एसटीसी और पीईसी के कामकाज का अध्ययन कर रहा है और राष्ट्रहित की रक्षा के लिए उचित कदम उठाया जाएगा। गोयल से पूछा गया था कि क्या वाणिज्य मंत्रालय की इन इकाइयों को बंद करने की योजना है। इस पर उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और जो भी राष्ट्रहित में होगा वह करेंगे।’’

इसे भी पढ़ें: IPL 2022 का पहला विवाद आया सामने, RCB पर भारी है KKR, दोनों के बीच हो चुके हैं 29 मुकाबले

वाणिज्य मंत्री ने कहा, ‘‘हम इन तीन कंपनियों के कामकाज का अध्ययन कर रहे हैं और राष्ट्रहित की रक्षा और देश की जरूरतों की सुरक्षा के लिए हम उचित कदम उठाएंगे। करदाताओं द्वारा जिन संसाधनों का भुगतान किया जाता है उन्हें हमें बरबाद नहीं करना चाहिए।’’ स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन (एसटीसी) का गठन 1956 में पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ कारोबार करने के लिए किया गया था।

इसे भी पढ़ें: रीवा सर्किट हॉउस में बाबा ने किया नाबालिक के साथ दुष्कर्म, पुलिस जुटी जांच में

वहीं प्रोजेक्ट ऐंड इक्विपमेंट कॉरपोरेशन (पीईसी) का गठन 1971 में एसटीसी की अनुषंगी के रूप में हुआ था। यह 1997 में स्वतंत्र इकाई बनी। मेटल्स ऐंड मिनरल्स ट्रेडिंग कॉरपोरेशन (एमएमटीसी) की स्थापना 1963 में खनिज और अयस्कों के निर्यात तथा अलौह धातुओं के आयात के लिए की गई थी। ये तीनों कंपनियां वाणिज्य मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन आती हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।