Vande Mataram को कानूनी संरक्षण मिलने पर बंकिम चंद्र की वंशज सुमित्रा चटर्जी ने जताई खुशी

संसद द्वारा राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किए जाने के बाद 'वंदे मातरम्' को कानूनी संरक्षण मिलने पर बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की वंशज सुमित्रा चटर्जी ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इस कानून से ऐतिहासिक रचना को वह वैधानिक सम्मान मिलेगा जिसकी वह लंबे समय से हकदार थी। इस संशोधन के तहत राष्ट्र गीत का अपमान करने या इसके गायन में बाधा डालने पर तीन साल तक की कैद या जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम्’ के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने के प्रावधान वाले विधेयक को संसद की मंजूरी मिलने का लेखक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पांचवीं पीढ़ी की वंशज सुमित्रा चटर्जी ने स्वागत करते हुए कहा कि इस कानून से इस ऐतिहासिक रचना को वह वैधानिक सम्मान मिलेगा, जिसकी वह लंबे समय से हकदार थी। नैहाटी से भाजपा विधायक चटर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि आजादी के बाद सरकारें राष्ट्र गीत को पर्याप्त कानूनी संरक्षण देने में विफल रहीं, लेकिन नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने इस दिशा में ‘‘ऐतिहासिक’’ कदम उठाया है। चटर्जी ने पीटीआई-से कहा, ‘‘आजादी के इतने वर्षों बाद भी विभिन्न सरकारें राष्ट्र गीत को उचित वैधानिक सम्मान देने में असफल रहीं।
अब भाजपा नीत राजग सरकार ने सुनिश्चित किया है कि ‘वंदे मातरम्’ को वह सम्मान मिले, जिसका वह हकदार है। मैं केंद्र सरकार के इस कदम के लिए आभारी हूं।’’ संसद ने बृहस्पतिवार को राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया। लोकसभा ने हंगामे के बीच ध्वनि मत से इस विधेयक को मंजूरी दी।
राज्यसभा में बुधवार को यह विधेयक पारित हुआ।इस विधेयक के तहत 1971 के मूल अधिनियम में संशोधन का प्रावधान किया गया है। सरकार ने कहा कि इस संशोधन विधेयक के बाद ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा मिलेगा और जानबूझकर अपमान या इसके गायन में बाधा डालने के खिलाफ मौजूदा कानूनी प्रावधान राष्ट्रीय गीत पर भी लागू होंगे। विधेयक में कहा गया है कि राष्ट्रगान की तरह राष्ट्रगीत को गाने से जानबूझकर रोकने या ऐसे गायन में लगी किसी सभा में व्यवधान पैदा करने को एक दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया जाता है।
इसके लिए तीन साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। संशोधन के माध्यम से यही प्रावधान अब ‘वंदे मातरम्’ पर भी लागू होंगे। लोकसभा में संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसके लंबे शासनकाल के दौरान राष्ट्र गीत को उचित सम्मान नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि अब मोदी सरकार ‘वंदे मातरम्’ को उसका उचित स्थान और सम्मान दे रही है। भारत का राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम्’ बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वर्ष 1875 में लिखा था और बाद में इसे उनके 1882 में प्रकाशित उपन्यास ‘आनंदमठ’ में शामिल किया गया। यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना और ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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