Supreme Court का रुख: दिल्ली में पटाखों पर न पूरी पाबंदी होगी, न 24 घंटे की छूट

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ANI
अभिनय आकाश । Sep 30 2026 11:59AM

सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने या उन्हें दिनभर चलाने की अनुमति देने से इनकार किया है। अदालत के अनुसार, पूर्ण प्रतिबंध से भावनाएं आहत होंगी, जबकि लगातार पटाखे जलाने से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। इसलिए पटाखों के समय और प्रकार तय कर बीच का रास्ता निकालने की जरूरत है।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (30 सितंबर) को कहा कि वह न तो पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाएगा और न ही उन्हें दिन भर चलाने की इजाज़त देगा। कोर्ट दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच पटाखों पर पाबंदी लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था। कोर्ट ने कहा कि हम न तो पूरी तरह रोक लगाने के लिए तैयार हैं और न ही हम उन्हें 24 घंटे पटाखे चलाने की इजाज़त देंगे। पूरी तरह रोक लगाने से कुछ लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं, जबकि दिन भर पटाखे चलाने की इजाज़त देने से हर जीवित प्राणी पर बुरा असर पड़ेगा, जिसमें बुज़ुर्ग, बीमार लोग और बच्चे भी शामिल हैं। कोर्ट ने कहा कि इसके लिए बीच का रास्ता निकालने की ज़रूरत है, जिसमें यह तय किया जाए कि पटाखे किस समय चलाए जा सकते हैं और किस तरह के पटाखों को चलाने की इजाज़त होगी। 

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दिल्ली सरकार के सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के उपाय


दिल्ली सरकार ने हवा के प्रदूषण से निपटने के लिए अपना 'विंटर एक्शन प्लान 2026-27' पेश किया है। इसमें नियमों को सख्ती से लागू करने, गाड़ियों और निर्माण कार्यों पर पाबंदियां लगाने और लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर दिल्ली-NCR में प्रदूषण की समस्या से निपट रहे हैं। इस प्लान में 'पूरी सरकार' और 'पूरे समाज' को साथ लेकर चलने का तरीका अपनाया गया है। इसमें एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM), सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB), स्थानीय निकायों, दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) जैसी एजेंसियों को एक साथ लाया गया है। इस प्लान के तहत, 1 अक्टूबर से ANPR सिस्टम वाले सभी 500 पेट्रोल पंपों पर 'नो PUCC, नो फ्यूल' अभियान को और तेज़ किया जाएगा। जिन गाड़ियों के पास वैलिड PUCC नहीं होगा या जिनकी तय उम्र (लाइफस्पैन) खत्म हो चुकी होगी, उन्हें फ्यूल नहीं दिया जाएगा। 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड पेट्रोल और डीज़ल गाड़ियों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी जाएगी, जो BS-VI स्टैंडर्ड को पूरा नहीं करती हैं; हालांकि, CNG और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को इससे छूट दी गई है। निर्माण कार्यों से जुड़ी पाबंदियां चरणों में लागू की जाएंगी। 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल उड़ाने वाली तोड़-फोड़ और बाहरी सिविल निर्माण गतिविधियों पर रोक रहेगी, जबकि 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़-फोड़ की सभी गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक रहेगी। सरकार ने निर्माण स्थलों पर 100% CCTV कवरेज भी अनिवार्य कर दिया है।

50% वर्क फ्रॉम होम


ट्रैफ़िक और गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए, सरकारी और प्राइवेट ऑफ़िस 1 नवंबर से 50% वर्क फ्रॉम होम या हफ़्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करेंगे। MCD ऑफ़िस सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगे, जबकि दिल्ली सरकार के ऑफ़िस सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे। मेट्रो पार्किंग को छोड़कर, अधिकृत पार्किंग जगहों पर पार्किंग का किराया भी दोगुना कर दिया जाएगा। सरकार सर्दियों की अपनी रणनीति के तहत पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी बढ़ावा दे रही है। दिल्ली में अभी 6,840 बसें हैं, जिनमें 5,088 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। सरकार ने रोज़ाना मेट्रो में सफ़र करने वालों की संख्या 72 लाख और DTC बसों में सफ़र करने वालों की संख्या 42 लाख तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। 'लास्ट-माइल कनेक्टिविटी' को बेहतर बनाने के लिए 1 से 10 अक्टूबर तक 'दिल्ली मेट्रो सारथी ऐप' को बढ़ावा देने का अभियान भी चलाया जाएगा।

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