उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें: सूर्य प्रताप शाही ने राज्य स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी-2021 का शुभारम्भ किया

कार्यक्रम में कृषकों एवं प्रदेश के अधिकारियों को संबोधित करते हुएकृषि मंत्री ने कहा की विगत चार वर्षों से उत्तर प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में अग्रणी रहा है तथा आने वाले रबी में भी अच्छी उत्पादकता प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा की बेटियों की पढ़ाई के लिए प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाएं संचालित कर उनकी पढ़ाई में सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला योजना, महिला सशक्तिकरण अभियान आदि विभिन्न कार्यक्रम संचालित करते हुए बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश सरकार बेटियों की शिक्षा पर जोर दे रही है। जब सभी लोग शिक्षित होंगे, जागरूक होंगे, तो बेटा-बेटी में कोई भेदभाव नहीं होगा। आज बेटियां भी बेटों से कम नहीं हैं। बेटियां भी शिक्षित होकर, आगे बढ़ रही हैं और समाज में अपने मां-बाप का नाम रोशन कर रही हैं।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 सतीश चंद्र द्विवेदी ने आज लखनऊ स्थित बख्शी का तालाब में एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में नारी सशक्तीकरण विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता बेटी को पढ़ाना चाहता है और आज ऐसा समय आ गया है कि बेटियां स्कूल जा रही हैं और शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। बेटियां-बेटों के बराबर कंधे से कंधा मिलाकर शिक्षा हासिल करने का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों को इतिहास अवश्य पढ़ना चाहिए, जिससे उनको अपने इतिहास की जानकारी हो सके।इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें: सीएम योगी बोले- हर आंगनबाड़ी का होगा अपना भवन, प्री-प्राइमरी के रूप में मिलेगी
इस अवसर पर बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा0 द्विवेदी ने सहायता प्राप्त पार्वती विद्या मंदिर जूनियर हाई स्कूल कासमण्डा के बच्चों को बैग वितरण किया। एसआर ग्रुप के बच्चों द्वारा अपने-अपने विचार व्यक्त किए गए। मंत्री जी ने उन बच्चों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया। इससे पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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पशु टीकाकरण की संख्या कुल 9,91,512 हुई
उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद ने वर्षा की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि गत 24 घंटे में प्रदेश में 0.7 मि0मी0 औसत वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षा से 2.0 मि0मी0 के सापेक्ष 35 प्रतिशत है। इस प्रकार प्रदेश में 01 जून, 2021 से अब तक 748.5 मि0मी0 औसत वर्षा हुए, जो सामान्य वर्षा 786.5 मि0मी0 के सापेक्ष 95 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि शारदा-खीरी, तथा क्वानों-गोंडा में खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है। प्रदेश में वर्तमान में 11 जनपदों में 88 गांव बाढ़ से प्रभावित है। प्रदेश के वर्षा से प्रभावित जनपदों मंे सर्च एवं रेस्क्यू हेतु एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 तथा पी0ए0सी0 की कुल 59 टीमें तैनाती की गयी है, 6731 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी है तथा 1418 मेडिकल टीमें लगायी गयी है। एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 द्वारा 58351 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।प्रसाद ने बताया कि अब तक कुल 364927 ड्राई राशन किट वितरित किए गये हैं। अब तक कुल 637278 फूड पैकेट वितरित किए गए हैं। प्रदेश में 290370.07 मी0 त्रिपाल, पीने के पानी का पाउच 270868 ली0, ओ0आर0एस0 के 295774 पैकेट तथा क्लोरीन के 3086860 टेबलेट वितरित किया गया है। प्रदेश में 1134 बाढ़ शरणालय तथा 1258 बाढ़ चौकी स्थापित की गयी है। प्रदेश में अब तक कुल 1975 पशु शिविर स्थापित किये गये हैं। विगत 24 घंटों में पशु टीकाकरण की संख्या 1044 तथा अब तक कुल पशु टीकाकरण की संख्या 991512 है।मथुरा स्थित विश्वविद्यालय के लिए धनराशि स्वीकृत उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद मथुरा स्थित उ0प्र0पंडित दीनदयाल पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में तृतीय किश्त के रूप में 292.50 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की है। स्वीकृत धनराशि का व्यय विश्वविद्यालय के सुनियोजित एवं सुव्यवस्थित संचालन में किया जायेगा।पशुधन विभाग द्वारा इस संबंध में आवश्यक शासनादेश जारी करते हुए कुलपति, उ0प्र0पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय अनुसंधान संस्थान, को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं । आदेश में कहा गया है कि स्वीकृत की जा रही धनराशि का व्यय अनुमोदित कार्य योजना एवं मदों में योजना हेतु निर्धारित गाइडलाइंस का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाए ।उप्र राज्य दुग्ध परिषद् हेतु धनराशि स्वीकृत उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में डेयरी विकास के लिए उ0प्र0 राज्य दुग्ध परिषद् को वित्तीय सहायता योजनान्तर्गत वर्त्मान वित्तीय वर्ष में प्राविधानित धनराशि रुपये 112.20 लाख के सापेक्ष तृतीय किश्त के रूप में 28.05 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इस सम्बन्ध में दुग्ध विकास विभाग द्वारा शासनादेश जारी करते हुए दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाला विकास, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को आवश्यक दिशा निर्देश दे दिए गए हैं।जमुहरा राजबाहा एवं अल्पिकाओं के पक्के कार्यों हेतु धनराशि अवमुक्तसिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा सिरसी बरौधा फीडर से निकलने वाली जमुहरा राजबाहा एवं अल्पिकाओं के पक्के कार्यों की परियोजना के लिए चालू वित्तीय वर्ष में प्रथम किश्त के रूप में 59.71 लाख रुपये के सापेक्ष 29.85 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है।इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई मुश्ताक अहमद की ओर से 24 सितम्बर, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी करते हुए निर्देशित किया गया है कि सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के पश्चात ही कार्य शुरू कराया जाये। विभाग द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंस सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य कराया जाये।इसके अलावा परियोजना का निर्माण कार्य समय से पूरा कराने के साथ ही धनराशि व्यय करते समय शासन द्वारा समय-समय पर जारी सुसंगत शासनादेशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाये। धनराशि का व्यय स्वीकृत परियोजनाओं पर ही किया जाये ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की अनियमितता के लिए विभाग की जिम्मेदारी होगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोग स्वीकृत परियोजनाओं पर ही किया जाये। ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर समस्त उत्तरदायित्व विभाग का होगा। परियोजना पर नियमानुसार समस्त वैधानिक अनापत्तियों एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंस सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाए।आलू बीज वितरण/विक्रय की दरें निर्धारितउत्तर प्रदेश के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के निदेशक डॉ0 आर0के0 तोमर ने बताया कि उद्यान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राम चौहान के कुशल मार्ग दर्शन में किसानों एवं आलू उत्पादकों के हितों को दृष्टिगत रखते हुए आलू की समस्त प्रजातियों पर रू0 1000/- प्रति कुन्तल की छूट प्रदान की गयी है। वर्ष 2021-22 के लिए आलू बीज वितरण/विक्रय की दरें निर्धारित कर दी गयी है। उन्होंने बताया कि इन दरों पर प्रदेश के कृषक अपने जनपदीय उद्यान अधिकारी से नकद मूल्य पर बीज प्राप्त कर आलू बीज का उत्पादन कर सकते है। उन्होंने बताया कि यह आलू बीज आधारित प्रथम, आधारित द्वितीय तथा प्रमाणित श्रेणी का है, इससे आगामी वर्षों के लिए बीज तैयार किया जा सकता है, जिससे प्रदेश में आलू के गुणवत्तायुक्त बीज की कमी की पूर्ति होगी।इसे भी पढ़ें: पर्यटन दिवस पर यूपी के सियासी पर्यटन पर निकली हैं प्रियंका: सिद्धार्थ नाथ सिंह
डॉ तोमर ने बताया कि किसान भाई अपने जनपद के उद्यान अधिकारी से मिलकर आलू बीज की आधारित प्रथम श्रेणी 2080 रूपये, आधारित द्वितीय श्रेणी 1695 रूपये, ओवर साइज श्रेणी (आधा0 प्रथम) 1530 रूपये,ओवर साइज श्रेणी (आधा0द्वितीय) 1475 रूपये प्रति कुन्तल की दरों परआलू बीज प्राप्त कर अपने निजी प्रक्षेत्रों पर बीज उत्पादन कर सकते है। उन्होंने बताया कि सफेद एवं लाल आलू बीज प्रजातियों की विक्रय दरें एक समान है।
उद्यान निदेशक ने बताया कि किसानों को नकद मूल्य पर आधारित प्रथम, द्वितीय तथा प्रमाणित आलू बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बीज से कृषक आधारित प्रथम से आधारित द्वितीय, आधारित द्वितीय से प्रमाणित तथा प्रमाणित बीज से गुणवत्तायुक्त बीज का उत्पादन कर अपनी उत्पादकता में वृद्धि कर सकते है। उन्होंने बताया कि इस बीज का उपयोग केवल बीज उत्पादन के लिए किया जाय। इस बीज की गुणवत्ता बहुत अच्छी है।डॉ0 तोमर बताया कि इस वर्षप्रदेश में लगभग 6.20 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की बुवाइ्र का लक्षय निर्धारित किया गया है, जिसके लिए लगभग 20-21 लाख मीट्रिक टन आलू बीज की आवश्यकता होगी। उद्यान विभाग लगभग 40 हजार कुन्तल आधरित श्रेणी का आलू बीज किसानों में बीज उत्पादन के लिए वितरित करता है, जिससे किसानों द्वारा अग्रेतर श्रेणी का बीज उत्पादन किया जाता है और प्रदेश में गुणवत्तयुक्त बीज की कमी को पूरा करने में सहभागी बनते हैं। उन्होंने बताया कि गुणवत्तायुक्त प्रमाणित आलू बीज से प्रदेश के आलू उत्पादन में वृद्धि होगी।उद्यान निदेशक ने बताया कि वर्ष 2020-21 में प्रदेश के राजकीय प्रक्षेत्रों पर उत्पादन के लिए भारत सरकार 7640 कुन्तल जनक (ब्रीडर) आलू बीज सी0पी0आर0आई0 से प्राप्त कर राजकीय प्रक्षेत्रों में 190.01 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्रदेश के 16 राजकीय प्रक्षेत्रों पर आलू बीज का उत्पादन कराया गया, जिससे 40786.50 कुन्तल आधारित श्रेणी के आलू बीज का उत्पादन प्राप्त हुआ।उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 हेतु राजकीय शीतगृह अलीगंज, लखनऊ तथा मोदीपुरम, मेरठ में भण्डारित आलू बीज का प्रदेश के समस्त जनपदों को आवंटित कर किसानों के मध्य वितरण किया जायेगा।डॉ0 तोमर ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का प्रमुख आलू उत्पादन राज्य है। प्रदेश में उपभोक्ताओं के लिए पोषणीय आवश्यता, रोजगार सृजन एवं आर्थिक दृष्टि से नकदी फसल के रूप में आलू का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने बताया कि देश के कुल उत्पादन का 30 से 35 प्रतिशत आलू का उत्पादन उत्तर प्रदेश में उत्पादित होता है। प्रसंस्कृत प्रजातियों के लिए उ0प्र0 राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था से पंजीकरण के उपरान्त आलू बीज उत्पादन की बैगिंग, टैगिंग कराने पर किसानों रू0 25000 प्रति हैक्टेयर की दर से अनुदान की व्यवस्था हैं। उन्होंने बताया कि आलू की प्रसंस्कृत प्रजातियां कुफरी चिप्सोना-1, 3 एवं 4 तथा कुफरी सूर्या आदि है।जीआईएस बेस्ड महायोजनाएं तैयार किये जाने का कार्य प्रगति पर हैप्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग दीपक कुमार ने बताया कि अमृत योजना के अन्तर्गत भारत सरकार के वित्तीय सहयोग से संचालित, प्रदेश के 59 नगरों हेतु जी0आई0एस0 आधारित महायोजनाएं तैयार किये जाने का कार्य त्वरित गति से प्रगति पर है।महायोजनाओं के उद्देश्य की जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव ने बताया कि महायोजना के अनुरूप सबको आवास उपलब्ध कराने हेतु नगर की भावी जनसंख्या के अनुसार विभिन्न आय वर्गों हेतु नियोजित आवासीय सुविधा प्रदान किया जाना है। इसी क्रम में नगर वासियों को पर्याप्त लंग स्पेस उपलब्ध कराने के दृष्टिगत महायोजना में प्रस्तावित पार्क एवं खुले क्षेत्र को विकसित किया जाना, महायोजनानुसार अवस्थापना सुविधाएं यथा-मार्ग, जलापूर्ति, विद्युतापूर्ति एवं वितरण आदि की व्यवस्था पूर्ण किया जाना, नगर में भू-गर्भ जल की दर को बनाये रखने हेतु जलाश्य आदि को संरक्षित किया जाना है। इसके अतिरिक्त नगर में पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने एवं पर्यटकों को आकर्षित किये जाने हेतु योजनाएं लाने का प्रस्ताव, नगरों के ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित किये जाने का प्रस्ताव, नगरीय सीमा के अन्तर्गत प्रयाप्त भूमि के क्षेत्रफल को निर्धारित कर विभिन्न भू-उपयोगों का क्रियात्मक संबंधों के आधार पर नगर के भावी भौतिक विकास के स्वरूप के अनुसार नगर में विभिन्न भू-उपयोगों का युक्ति संगत प्राविधान किये जाने का प्रस्ताव, नगर मे हो रहे अनियोजित विकास एवं निर्माण को प्रस्तावित भू-उपयोगों तथा जोनिंग प्राविधानों द्वारा भावी विकास हेतु एक सुनियोजित दिशा प्रदान किये जाने का प्रस्ताव तथा विभिन्न प्रकार के औद्योगिक एवं वाणिज्यिक क्रिया-कलापों एवं उनकी सहायक क्रियाओं को एक नियोजित स्वरूप दिये जाने का महायोजनान्तर्गत प्रस्ताव है।विभिन्न अभिकरणों के विभागाध्यक्षों के साथ बैठक ।प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उ0प्र0 शासन दीपक कुमार की अध्यक्षता में दिनॉक 29 सितम्बर 2021 को पूर्वान्ह 10.30 बजे से विभाग के विभिन्न अभिकरणों के विभागाध्यक्षों के साथ वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया है, जिसमें ट्रांजिट ओरिएन्टेड डेवलपमेन्ट बाईलाज में संशोधन किये जाने के संबंध में राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम द्वारा प्रस्तुतिकरण किया जायेगा। इसके अतिरिक्त एक मुश्त समाधान योजना, वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु निर्धारित वृक्षारोपण के लक्ष्य के सापेक्ष अद्यतन उपलब्धि, सम्पति सृजन के अन्तर्गत दुर्बल, अल्प, मध्यम एवं उच्च आय वर्ग के भवनों, अवैध निर्माण/अतिक्रमण के विरूद्व प्रभावी प्रवर्तन हेतु चलाये जा रहे ध्वस्तीकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा के साथ ही भू-माफियाओं से रिक्त करायी गयी भूमि पर प्रधानमंत्री आवास योजना के धटक एएचपी के अन्तर्गत भवनों का निर्माण किये जाने तथा प्रदेश के सभी जनपदों में विनियमित क्षेत्र/विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों की अप्रयुक्त धनराशि को विकास कार्यो में व्यय किये जाने के संबंध चर्चा की जायेगी।प्रधानमंत्री आवास योजनाउत्तर प्रदेश शासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में केन्द्रांश की प्रथम किश्त की द्वितीय अंश की धनराशि 31367.26 लाख रूपये (रूपये तीन अरब तेरह करोड़ सड़सठ लाख छब्बीस हजार मात्र) स्वीकृत करते हुए आयुक्त ग्राम्य विकास, उत्तर प्रदेश के निवर्तन पर रखने के निर्देश दिये हैं।इस सम्बन्ध में अग्रेतर कार्यवाही के लिए आयुक्त, ग्राम्य विकास विभाग, उ0प्र0 को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये है, जिसमें कहा गया है कि स्वीकृत की जा रही धनराशि का उपयोग अनुमन्य धनराशि की सीमा तक ही किया जायेगा। पूर्व में कराये गये निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से पूर्ण रूप से संतुष्ट होने पर ही वास्तविक आवश्यकता के अनुसार अग्रेतर किश्त व धनराशि का आहरण किया जायेगा।इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश: धर्मांतरण गैंग से जुड़ा IAS अफसर का कनेक्शन, डिप्टी सीएम बोले- होगी जांच
राशन कार्डों के जारी व निरस्त तथा संशोधन करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी
प्रदेश सरकार ने राशन कार्डों को जारी व निरस्त और उसमें संशोधन करने की प्रक्रिया से जुड़े पुराने शासनादेशों के स्थान पर नगरीय/ग्रामीण क्षेत्रों में राशन कार्ड बनवाने उसमें संशोधन या नए यूनिट को जोड़ने निरस्त करने या यूनिट के स्थानांतरण के लिए अलग-अलग फॉर्म के प्रारूप निर्धारित करने के साथ इसकी ऑनलाइन/ऑफलाइन प्रक्रिया निश्चित कर दी है।खाद एवं रसद विभाग द्वारा इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है।यह जानकारी अपर खाद्य आयुक्त, अनिल कुमार दुबे ने देते हुए बताया कि आवेदक को राशन कार्ड आवेदन प्रपत्र ग्रामीण/नगरीय पर, नए राशन कार्ड आवेदन के साथ निर्धारित आवेदन पत्र, जिसकी समस्त प्रविष्टियों पूर्ण हो परिवार के मुखिया समेत समस्त सदस्यों के आधार कार्ड की छाया प्रति, आधार कार्ड में वर्तमान पता ना हो तो निवास के संबंध में प्रमाण पत्र, तहसील द्वारा निर्गत आय प्रमाण पत्र, मुखिया की एक पासपोर्ट साइज फोटोे तथा मुखिया की बैंक पासबुक की प्रथम पृष्ठ की छाया प्रति देनी होगी।दुबे ने बताया कि आवेदक को राशन कार्ड के लिए निर्धारित आवेदन पत्र पर सभी वांछित सूचनाएं भरकर जन सेवा केंद्र संचालक को एस0एस0डी0जी0 के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उपलब्ध कराना होगा। आवेदन पत्र विभागीय वेबसाइट पर डाउनलोड हेतु उपलब्ध रहेगा। आवेदक का राशन कार्ड हेतु ऑनलाइन तथा ऑफलाइन आवेदन, जो पूर्ति निरीक्षक लॉगिन से ऑनलाइन किया गया है, विभागीय वेबसाइट ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी लॉगिन पर तथा नगरीय क्षेत्रों में अधिशासी अधिकारी/नगर निगम के संबंधित जोनल अधिकारी लॉगिन पर सत्यापन हेतु प्रेषित किया जाएगा।अपर आयुक्त ने बताया कि इन्क्लूजन हेतु आवश्यक तथ्यों यथा-आय एवं निवास से संबंधित अभिलेखों का सत्यापन करते हुए, नगरीय क्षेत्रों में अधिशासी अधिकारी/नगर निगम के संबंधित जोनल अधिकारी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित खंड विकास अधिकारी द्वारा एवं नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत में अधिशासी अधिकारी द्वारा की जाएगी। सेक्स वर्कर को बिना उसकी पहचान खोले राशन कार्ड प्राथमिकता पर जारी किए जाएंगे। ऐसे परिवार जिनमें कोई सदस्य दिव्यांग हो, उनको भी प्राथमिकता पर राशन कार्ड जारी किए जाएंगे।अपर आयुक्त ने बताया कि पूर्ति निरीक्षक द्वारा सत्यापित आवेदनों को अपनी लॉगिन से दो दिवस के अंदर जिला पूर्ति अधिकारी लॉगिन पर प्रेषित किया जाएगा। जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा अग्रेतर 02 दिवसों में आवेदनों को ऑनलाइन अनुमोदित/अस्वीकृत कर दिया जाएगा। राशन कार्ड जारी होने पर आवेदक को एस0एम0एस के माध्यम से सूचित किया जाएगा।दुबे ने बताया कि राशन कार्ड में संशोधन हेतु आवेदक द्वारा जन सेवा केंद्र के माध्यम से राशनकार्ड संशोधन/नए यूनिट जोड़ने संबंधी फार्म पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा अथवा संबंधित आपूर्ति कार्यालय से निर्धारित प्रारूप प्राप्त कर समस्त सूचनाएं भरकर आवेदन भौतिक रूप से संबंधित आपूर्ति कार्यालय में जमा करना होगा। राशन कार्ड संशोधन/नए यूनिट जोड़ने हेतु उसी प्रक्रिया एवं समय सीमा का पालन किया जाएगा, जैसा कि नवीन राशन कार्डों के निर्गमन हेतु व्यवस्था की गई है। राशन कार्ड में संशोधन हेतु जिला पूर्ति अधिकारी स्तर से अनुमोदन प्रदान किया जाएगा।अपर आयुक्त ने बताया कि प्रचलित राशन कार्ड अथवा राशन कार्ड से संबंधित यूनिट के निरस्तीकरण के लिए राशन कार्डधारक को जन सेवा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन राशन डिलीशन फॉर्म अथवा यूनिट डिलीशन फॉर्म अंकित करते हुए भरना होगा तथा स्वहस्ताक्षरित प्रति भी अपलोड करानी होगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष प्रचलित राशन कार्डाे के सत्यापन का अभियान भी चलाया जाएगा तथा जिलाधिकारी स्वप्रेरणा यथा आवश्यकता प्रस्तुत राशन कार्ड के सत्यापन का अभियान चला सकेंगे। अभियान के दौरान अथवा शिकायत प्राप्त होने पर अपात्र/अनुपयुक्त पाये गये राशन कार्ड अथवा उसमें सम्मिलित यूनिट, पूर्ति निरीक्षक जिला पूर्ति अधिकारी से अनुमोदन प्राप्त करते हुए, निरस्त कर सकेंगे। जिसकी कारण सहित सूचना विभाग की वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी।दुबे ने बताया कि वर्तमान में पूरे प्रदेश में ‘वन नेशन वन राशन कार्ड‘ योजना के अंतर्गत राष्ट्र स्तरीय पोर्टेबिलिटी की व्यवस्था लागू है, जिसके अंतर्गत यदि कोई पात्र परिवार अपने मूल निवास स्थान से पलायन करता है तो उसे पोर्टेबिलिटी के अंतर्गत किसी भी उचित दर दुकान से राशन प्राप्त किए जाने की अनुमन्यता सुलभ रहती है। ऐसे में राशन कार्ड स्थानान्तरण की आवश्यकता ही नहीं है, परन्तु यदि कोई कार्डधारक खाद्यान्न प्राप्त करने हेतु किसी विशिष्ट दुकान का चयन करना चाहता है, तो उसे जन सेवा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन राशन कार्ड फॉर्म जमा करना होगा।दुबे ने बताया कि परिवार के मुखिया की मृत्यु हो जाने की दशा में मुखिया परिवर्तन हेतु राशन कार्ड में सम्मिलित किसी सदस्य द्वारा जन सेवा केंद्र के माध्यम से मुखिया परिवर्तन संबंधी फॉर्म पर मुखिया का मृत्यु प्रमाण पत्र, नए मुखिया का पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ, बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छाया प्रति अपलोड करते हुए आवेदन करना होगा। परिवार की ऐसी वरिष्ठता महिला जिसकी आयु 18 वर्ष से कम न हो अथवा ऐसी महिला की अनुपलब्धता की दशा में, वरिष्ठतम पुरुष सदस्य को ही राशन कार्ड का मुखिया बनाया जा सकेगा। पुरुष मुखिया वाले राशन कार्ड धारक का यह दायित्व होगा कि जैसे ही परिवार में सम्मिलित महिला की आयु 18 वर्ष पूर्ण हो जाएगी, राशन कार्ड में उसे मुखिया बना दिया जाएगा। यदि किसी परिवार का विभाजन हो जाता है तो परिवार के सदस्य, परिवार के राशन कार्ड में तदनुसार विभाजन हेतु राशन कार्ड में सम्मिलित किसी सदस्य द्वारा जन सुविधा केंद्र के माध्यम से राशन कार्ड विभाजन संबंधी फॉर्म पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके लिए यह आवश्यक होगा कि परिवार के सभी सदस्य राशन कार्ड डेटाबेस में पूर्व से आधार वैलिडेटेड हों।सूर्य प्रताप शाही ने राज्य स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी-2021 का शुभारम्भ कियाउत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री, सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में आज योजना भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय कृषि उत्पादकता गोष्ठी 2021-22 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषकों एवं प्रदेश के अधिकारियों को संबोधित करते हुएकृषि मंत्री ने कहा की विगत चार वर्षों से उत्तर प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में अग्रणी रहा है तथा आने वाले रबी में भी अच्छी उत्पादकता प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि में उन्नतशील प्रजातियों के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा बीज की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।शाही ने कहा कि रबी 2021 में प्रदेश के अंदर 50 हजार कुंतल बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लगभग 10 हजार कुंतल बीज कृषि विभाग के राजकीय कृषि बीज भंडारों के माध्यम से अनुदान पर वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, शेष निजी संस्थाओं के माध्यम से कृषकों को उपलब्ध कराने की रणनीति बनाई गई है। इस वर्ष खरीफ में अच्छी वर्षा हुई है तथा सितंबर में औसत से 108 प्रतिशत वर्षा प्राप्त हुई है। पर्याप्त जल की उपलब्धता के कारण रबी में अच्छे उत्पादन की पूरी संभावना है। दलहन एवं तिलहन का आच्छादन बढ़ाए जाने का अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष रबी में 18 लाख हेक्टेयर में दलहन व 12 से 13 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में तिलहन के आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।इसे भी पढ़ें: भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने किया विस्तारक बैठक
खेती-किसानी से जुड़े ग्रामीणों की आमदनी बढ़ाने के लिए उन्हें उद्यमिता के साथ जोड़ना होगा
अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम डा0 नवनीत सहगल ने गैर कृषि क्षेत्र के लिए क्षेत्रीय सलाहकार समिति के बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। खेती-किसाने से जुड़े ग्रामीणों की आमदनी बढ़ाने के लिए उन्हें उद्यमिता के साथ जोड़ना होगा। इसमें नाबार्ड जैसी संस्थाओं का महत्पूर्ण योगदान होगा। इसके लिए उन्होंने खादी ग्रामोद्योग, एमएसएमई, निर्यात प्रोत्साहन तथा नाबार्ड का एक वर्किंग गु्रप बनाने पर विशेष बल भी दिया।अपर मुख्य सचिव ने गोमती नगर स्थित नाबार्ड कार्यालय में आयोजित बैठक में कहा कि सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दे रही है। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा एमएसएमई हैं। इसमें सूक्ष्म और लघु उद्यमों की संख्या सबसे अधिक है। एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों की आय को बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खादी, हैण्डलूम और एमएसएमई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां रोजगार से सबसे अधिक संभावनाएं है। छोटे-छोटे उद्यमियों को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़कर उनके रोजगार को बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में नाबार्ड को सहयोग देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के साथ अन्य व्यवसायिक गतिविधयां संचालित करे, राज्य सरकार इसमें पूरा सहयोग प्रदान करेगी।अन्य न्यूज़















