GalaxEye को TDB से 63 करोड़ रुपये की मदद, बनेगा मल्टीसेंसर उपग्रह

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड अंतरिक्ष क्षेत्र के स्टार्टअप गैलेक्सआई को अगली पीढ़ी की सैटेलाइट तकनीक तैयार करने के लिए 63 करोड़ रुपये से अधिक की राशि देगा। आरडीआई कोष के तहत यह वित्तीय सहायता ऑप्टोसार तकनीक के विकास में इस्तेमाल होगी। यह प्रणाली किसी भी मौसम में पृथ्वी की निगरानी और लक्ष्यों के सटीक वर्गीकरण में सक्षम होगी।
अंतरिक्ष विभाग का प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी गैलेक्सीआई को अगली पीढ़ी की मल्टीसेंसर उपग्रह प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए 63 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि टीडीबी और गैलेक्सआई ने अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) कोष के तहत वित्तीय सहायता से संबंधित एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रस्तावित उपग्रह प्रौद्योगिकी ‘ऑप्टोसार’ से संबंधित है, जो पृथ्वी के अवलोकन के दो अलग-अलग तरीकों को एक साथ लाती है।
ये दो तरीके सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल (ईओ) इमेजिंग हैं। इसका उद्देश्य व्यापक क्षेत्र और लंबी दूरी की निगरानी, मानव एवं वाहनों की पहचान तथा लक्ष्यों के वर्गीकरण जैसे अनुप्रयोगों में मदद करना है। साथ ही यह विभिन्न मौसम और प्रकाश परिस्थितियों में इमेजिंग की सुविधा प्रदान करेगी।
टीडीबी के सचिव राजेश कुमार पाठक ने एक बयान में कहा, भारत का अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र ऐसे चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां देश के भीतर अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को विकसित करने और उन्हें इस्तेमाल में लाने की क्षमता और भी महत्वपूर्ण होगी।
अन्य न्यूज़













