• केन्द्रीय मंत्री ने हिमाचल को निवेश के लिए उत्कृष्ट केन्द्र विकसित करने पर राज्य सरकार के प्रयासों को सराहा

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस दौरान कहा कि हिमाचल प्रदेश में निवेशक मित्र पारिस्थितिक तंत्र है और निवेशकों के साथ बेहतर औद्योगिक संबंध स्थापित हैं। व्यापार में सुगमता की दिशा में भी हिमाचल देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश सरकार हिमाचल को देश के निवेश केन्द्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

शिमला ।   केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हिमाचल प्रदेश के आर्थिक विकास पर उद्योग जगत के हितधारकों, निवेशकों और व्यापारिक घरानों के संचालकों के साथ आज यहां आयोजित संवाद सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि 20 से 26 सितम्बर, 2021 के सप्ताह को वाणिज्य सप्ताह के रूप में आयोजित किया जा रहा है ताकि देश भर में भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत को मनाया जा सके। उन्होंने हिमाचल प्रदेश को निवेशकों के लिए उत्कृष्ट केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार की पहल को सराहा।

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मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस दौरान कहा कि हिमाचल प्रदेश में निवेशक मित्र पारिस्थितिक तंत्र है और निवेशकों के साथ बेहतर औद्योगिक संबंध स्थापित हैं। व्यापार में सुगमता की दिशा में भी हिमाचल देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश सरकार हिमाचल को देश के निवेश केन्द्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 7 व 8 नवम्बर, 2019 को धर्मशाला में वैश्विक निवेशक सम्मेलन आयोजित किया जिसमें 96 हजार करोड़ निवेश के लिए 703 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए गए। प्रदेश सरकार ने एक और आगे कदम बढ़ाते हुए सम्मेलन के दो महीनों के अन्दर लगभग 13,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह भी आयोजित किया।

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जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के लिए चिकित्सा उपकरण पार्क स्वीकृत करवाने में सफल रही है जिससे राज्य में औद्योगिक विकास को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेश के विकास में उद्योगपतियों का महत्वपूर्ण योगदान है जिसे देखते हुए राज्य सरकार उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए भरसक प्रयत्न कर रही है। उन्होंने निवेशकों से राज्य में निवेश करने और प्रदेश के विकास का भागीदार बनने का आग्रह किया।

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उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने औद्योगिक घरानों और निवेशकों के साथ हमेशा मधुर संबंध बनाए रखे हैं। राज्य में निवेश के लिए उपयुक्त वातावरण है जो यहां निवेशकों को आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार यहां ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट आयोजित की जिसके परिणामस्वरूप करोड़ों रुपये का निवेश आकर्षित हुआ। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में शुरू की गई औद्योगिक विकास योजना को 2022 के बाद भी जारी रखा जाना चाहिए ताकि प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा मिल सके। उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. धीमान ने मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री का स्वागत करते हुए निवेश आकर्षित करने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला।

वर्धन समूह के सचित जैन, बीबीएनआईए के अध्यक्ष संजय खुराना, सुनील तनेजा, ड्रग मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के राजेश गुप्ता, सीआईआई हिमाचल चैप्टर के अध्यक्ष शैलेश अग्रवाल, मोरपेन लैब्स लिमिटेड के संजय सूरी, ग्रीनलैंड इंडस्ट्रीज के मनोज शर्मा व आशीष, हाइडल सैक्टर के आर.के. वर्मा, स्टार्ट क्राफ्ट के विपीन गर्ग व राहुल सहित राजीव शर्मा और राजीव अग्रवाल ने इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री व मुख्यमंत्री के समक्ष अपने विचार रखे।

उन्होंने निवेशकों की सुविधा के लिए बेहतर निवेशक मित्र पर्यावरण और व्यापार में सुगमता के लिए की गई पहल के लिए प्रदेश सरकार की सराहना की। उन्होंने प्रदेश के लिए चिकित्सा उपकरण पार्क स्वीकृत करने के लिए केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया। निवेशकों ने प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में अधोसंरचना को और सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका यह भी कहना था कि राज्य में एपीआई निगरानी कोष्ठ स्थापित किया जाए। प्रदेश के कई निर्यातकों ने वर्चुअल माध्यम से केन्द्रीय मंत्री के साथ बातचीत की और अपने विचार साझा किए।

सांसद सुरेश कश्यप, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा और निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति भी बैठक में उपस्थित थे।