शमशान घाट कर्मचारियों ने की ये बड़ी गलती, भावनाएं आहत होने पर मुक्तिधाम में मचा हंगामा

शमशान घाट कर्मचारियों ने की ये बड़ी गलती, भावनाएं आहत होने पर मुक्तिधाम में मचा हंगामा
प्रतिरूप फोटो

इस मामले को लेकर श्मशान घाट पर जोरदार हंगामा मच गया परिजन अपना गुस्सा बता रहे थे, उनका कहना था कि अस्थि और राख के साथ परिवार की भावनाएं जुड़ी हुई रहती हैं, ऐसे में यह सामान किसी और परिवार को दे देने से परिजनों की भावनाएं आहत होती हैं।

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में सोमवार की सुबह रीजनल पार्क मुक्तिधाम पर उस समय हंगामा मच गया जब शमशान घाट के कर्मचारीयों ने किसी एक व्यक्ति की अस्थियाँ दूसरे को दे दी। दरअसल एक बुजुर्ग महिला की अस्थि और राख को लेने के लिए उसके परिवार के सदस्य पहुंचे। वहां जाने पर उन्हें मालूम पड़ा कि श्मशान घाट के कर्मचारियों के द्वारा अस्थी और राख तो किसी और को दे दी गई है।

 

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जानकारी के अनुसार रीजनल पार्क के श्मशान घाट पर नानक नगर पिपलिया राव निवासी शुभम कुशवाहा अपनी दादी गिरजा बाई की अस्थियां और राख लेने के लिए रिश्तेदारों और परिवार के लोगों के साथ पहुंचे थे। वहां पर उनकी दादी की ना तो अस्थियां थी और नहीं राख थी। श्मशान घाट के कर्मचारियों से इस बारे में बातचीत की गई तो उनका कहना था कि जिस स्थान पर अंतिम संस्कार किया जाना बताया जा रहा है उस स्थान पर जो अंतिम संस्कार किया गया था उसके अवशेष को कोई और परिवार ले गया है।

 

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वही श्मशान घाट के कर्मचारियों के द्वारा इस परिवार से उनकी श्मशान घाट की रसीद मांगी गई जब यह रसीद उन्हें दिखाई गई तो श्मशान घाट के कर्मचारियों ने अपनी गलती को मान लिया। अंतिम संस्कार के अवशेष को जो परिवार लेकर गया था उस परिवार को फोन लगाकर संपर्क किया गया तो उस परिवार के द्वारा बताया गया कि हमारे द्वारा रात को ठंडा करने का काम किया जा चुका है। इस मामले को लेकर श्मशान घाट पर जोरदार हंगामा मच गया परिजन अपना गुस्सा बता रहे थे, उनका कहना था कि अस्थि और राख के साथ परिवार की भावनाएं जुड़ी हुई रहती हैं, ऐसे में यह सामान किसी और परिवार को दे देने से परिजनों की भावनाएं आहत होती हैं।





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