कृषि सुधारों से किसानों के जीवन में क्रांति आएगी: तोमर

Narendra Singh Tomar
प्रतिरूप फोटो

कृषि मंत्री ने कृषि में निजीकरण पर जोर देते हुए कहा कि ‘‘सरकार की ओर से निवेश किया जाता है, लेकिन जब तक निजी निवेश एवं कठिन परिश्रम साथ नहीं आते तब तक कोई भी क्षेत्र आगे नहीं बढ़ता है।’’

 तीन कृषि कानूनों को लेकर किसानों का प्रदर्शन जारी रहने के बीच केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किये गये कृषि सुधारों से देश के किसानों के जीवन में क्रांति आएगी। हालांकि उन्होंने वर्तमान आंदोलन एवं भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के बयानों पर यह कहते हुए टि

इसे भी पढ़ें: ITR भरने वालों के लिए बेहद जरूरी सूचना, Income Tax Return भरने की ये है आखिरी तारीख

 

केंद्रीय कृषि मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ भारत में कोई भी कुछ भी कह सकता है। कृषि सुधारों से देश के किसानों के जीवन में क्रांति आएगी। ये कृषि सुधार कानून 30 साल के साधना एवं विमर्श के बाद लाये गये हैं।’’ मंत्री कृषि पर परामर्शदात्री समिति की बैठक में हिस्सा लेने के लिए यहां आये थे।

इसे भी पढ़ें: उत्तराखंड में पिछले तीन दिनों से तेज बारिश, जन-जीवन प्रभावित, भूस्खलन के कारण हाइवे बंद

जब तोमर से पूछा गया कि उन्होंने वार्ता के लिए प्रदर्शनकारी किसानों से संपर्क क्यों नहीं किया तो उन्होंने कहा, ‘‘ पहले मुझे जो कहना था, मैं कह चुका हूं और अब मैं इस विषय पर कुछ नहीं कहूंगा। ’’

कृषि क्षेत्र में निजी निवेश की तरफदारी करते हुए मंत्री ने कहा कि लंबे समय से इस क्षेत्र में सुधार नहीं हुआ और निजी निवेश के द्वार करीब करीब बंद हो गये थे। उन्होंने कहा, ‘‘ सरकार की ओर से निवेश किया जाता है लेकिन जब तक निजी निवेश एवं कठिन परिश्रम साथ नहीं आते तब तक कोई भी क्षेत्र आगे नहीं बढ़ता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी क्षेत्र में निजी निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, छोटे किसान प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर पायेंगे और महंगी फसलों की ओर आकर्षित होंगे और वैश्विक मापदंड के अनुसार फसल उपजायेंगे।’’

तोमर ने कहा कि सरकार 10,000 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाएगी और उन पर 6850 करोड़ रूपये लगायेगी। उन्होंने कहा, ‘‘ये एफपीओ छोटे किसानों की जिंदगी बदल देंगे, उनकी लागत घटायेंगे और मोलभाव की उनकी ताकत बढायेंगे।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


We're now on WhatsApp. Click to join.
All the updates here:

अन्य न्यूज़