ममता सरकार पर PM के आरोपों का TMC ने दिया जवाब, डेरेक ओ ब्रायन ने कही ये बात

  •  अंकित सिंह
  •  फरवरी 23, 2021   15:54
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ममता सरकार पर PM के आरोपों का TMC ने दिया जवाब, डेरेक ओ ब्रायन ने कही ये बात

पार्टी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने एक बयान में केंद्र की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि बंगाल ने पहले ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 2.5 लाख लाभार्थियों का विवरण केंद्र को भेज दिया था, लेकिन किसी को कुछ नहीं मिला था।

पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल तेज है। एक ओर जहां तृणमूल कांग्रेस पर सरकार बचाने की चुनौती है तो वहीं भाजपा सत्ता में आने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही है। इन सबके बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हुगली में दौरा कर ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा और उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। यही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने तो ममता सरकार पर विकास को लेकर केंद्र द्वारा लाए गए कल्याणकारी योजनाओं को रोकने और दुर्गा पूजा की अनुमति नहीं देने का भी आरोप लगा डाला। इसी आरोप पर अब तृणमूल कांग्रेस की ओर से पलटवार किया गया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने एक बयान में केंद्र की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि बंगाल ने पहले ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 2.5 लाख लाभार्थियों का विवरण केंद्र को भेज दिया था, लेकिन किसी को कुछ नहीं मिला था। 

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मोदी के इस आरोप पर कि बंगाल ने 1,700 करोड़ रुपये का उपयोग नहीं किया है, जिसे केंद्र ने साफ पानी के लिए मुहैया कराया था, पर पार्टी नेता ने कहा कि ममता बनर्जी सरकार द्वारा जल स्वपनो योजना शुरू किया गया है जिसमें 58,000 करोड़ रुपये की लागत से दो करोड़ परिवारों को नल का पानी मुहैया कराया जाएगा... जो पूरी तरह से राज्य द्वारा वहन किया जा रहा है। मोदी सरकार पर क्रेडिट लेने का आरोप लगाते हुए डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि रेल मंत्री के रूप में ममता बनर्जी ने दमदम-दक्षिणेश्वर मेट्रो की न्यू 2010 में रखी थी। 7 साल तक केंद्र की भाजपा सरकार ने इसके लिए पर्याप्त धनराशि नहीं दिया। लेकिन चुनाव से पहले अब क्रेडिट लेने के लिए आगे आ रही है। ओ'ब्रायन ने प्रधानमंत्री के दुर्गा पूजा को लेकर उठाए गए सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि 2020 में दुर्गा पूजा को राज्य सरकार ने प्रोत्साहन दिया था जिसके तहत पूजा समितियों और आयोजकों को सहायता राशि प्रदान की गई थी। मोदी के खराब शासन वाले दावे पर टीएमसी ने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति औसत आय दोगुनी से अधिक हुई है। 2010 में यह 51543 थी जो 2019 में बढ़कर लगभग 1.09 हो गई है। 

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रोजगार को लेकर राज्य से लोगों के बाहर जाने के आरोप पर टीएमसी नेता ने कहा कि 2012 में 34.6 लाभ की तुलना में बंगाल में आज लगभग 89 लाख के छोटे व्यवसाय संचालित हो रहे हैं जिनमें 1.35 करोड़ लोगों को रोजगार दिए जाते हैं। ओ'ब्रायन ने यह भी दावा किया कि राज्य में पहले ही किसानों के लिए कई योजनाएं बना रखी है जिसके तहत 10 साल में आए में 3 गुना वृद्धि देखी गई है और चिकित्सा बीमा भी दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में ममता सरकार पर जूट कारखाने बंद करने और आलू की खेती में विफल रहने का भी आरोप लगाया।  इसका जवाब देते हुए डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि 2019 में राज्य ने सात करोड़ जूट बैग खरीदे हैं जबकि केंद्र ने जूट बोर्डों को समाप्त कर दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि बंगाल में 30 लाख मैट्रिक टन से अधिक का आलू निर्यात करने की क्षमता है। केंद्र ने आलू को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटा दिया है। 





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मन की बात कार्यक्रम में बोले PM मोदी, जल सिर्फ जीवन ही नहीं, आस्था और विकास की धारा भी है

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 28, 2021   12:11
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मन की बात कार्यक्रम में बोले PM मोदी, जल सिर्फ जीवन ही नहीं, आस्था और विकास की धारा भी है

आकाशवाणी के ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम की 74वीं कड़ी में अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया के हर समाज में नदी के साथ जुड़ी हुई कोई-न-कोई परम्परा होती ही है और नदी तट पर अनेक सभ्यताएं भी विकसित हुई हैं।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने जल को जीवन के साथ ही आस्था का प्रतीक और विकास की धारा करार देते हुए रविवार को देशवासियों से इसका संरक्षण करने का आह्वान किया। आकाशवाणी के ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम की 74वीं कड़ी में अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के लिए केंद्र सरकार इस साल ‘‘विश्व जल दिवस’’ से 100 दिनों का अभियान भी शुरू करेगी। मोदी ने कहा कि दुनिया के हर समाज में नदी के साथ जुड़ी हुई कोई-न-कोई परम्परा होती ही है और नदी तट पर अनेक सभ्यताएं भी विकसित हुई हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति क्योंकि हजारों वर्ष पुरानी है इसलिए इसका विस्तार देश में और ज्यादा मिलता है। 

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उन्होंने कहा, “भारत में कोई ऐसा दिन नहीं होगा जब देश के किसी-न-किसी कोने में पानी से जुड़ा कोई उत्सव न हो। माघ के दिनों में तो लोग अपना घर-परिवार, सुख-सुविधा छोड़कर पूरे महीने नदियों के किनारे कल्पवास करने जाते हैं। इस बार हरिद्वार में कुंभ भी हो रहा है। जल हमारे लिये जीवन भी है, आस्था भी है और विकास की धारा भी है।” पानी को पारस से भी ज्यादा महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पारस के स्पर्श से लोहा, सोने में परिवर्तित हो जाता है वैसे ही पानी का स्पर्श जीवन और विकास के लिये जरुरी है।

उन्होंने कहा, ‘‘पानी के संरक्षण के लिये, हमें, अभी से ही प्रयास शुरू कर देने चाहिए।’’ आगामी 22 मार्च को मनाए जाने वाले विश्व जल दिवस का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है और इसे देश के नागरिकों को समझना होगा। उन्होंने अपने आसपास के जलस्त्रोतों की सफाई के लिये और वर्षा जल के संचयन के लिये देशवासियों से 100 दिन का कोई अभियान शुरू कने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘इसी सोच के साथ अब से कुछ दिन बाद जल शक्ति मंत्रालय द्वारा भी जल शक्ति अभियान- ‘कैच द् रैन’ भी शुरू किया जा रहा है। इस अभियान का मूल मन्त्र है पानी जब भी और जहां भी गिरे उसे बचाएं।’’ 

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उन्होंने कहा, “हम अभी से जुटेंगे और पहले से तैयार जल संचयन के तंत्र को दुरुस्त करवा लेंगे तथा गांवों में, तालाबों में, पोखरों की सफाई करवा लेंगे, जलस्त्रोतों तक जा रहे पानी के रास्ते की रुकावटें दूर कर लेंगे तो ज्यादा से ज्यादा वर्षा जल का संचयन कर पायेंगे।” प्रधानमंत्री ने संत रविदास जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी और कहा कि आज भी उनके ज्ञान, हमारा पथप्रदर्शन करता है उन्होंने कहा, “हमारे युवाओं को एक और बात संत रविदास जी से जरूर सीखनी चाहिए। युवाओं को कोई भी काम करने के लिये, खुद को पुराने तौर तरीकों में बांधना नहीं चाहिए। आप, अपने जीवन को खुद ही तय करिए।





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ISRO को मिली एक और कामयाबी, PSLV-C51 ने अमेजोनिया-1 समेत 19 उपग्रहों को लेकर भरी उड़ान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 28, 2021   11:41
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ISRO को मिली एक और कामयाबी, PSLV-C51 ने अमेजोनिया-1 समेत 19 उपग्रहों को लेकर भरी उड़ान

प्रक्षेपण के करीब 18 मिनट बाद प्राथमिक उपग्रह अमेजोनिया-1 के कक्षा में स्थापित किए जाने की संभावना है, जबकि अन्य 18 उपग्रह अगले दो घंटों में कक्षाओं में भेजे जाएंगे।

श्रीहरिकोटा। ब्राजील के अमेजोनिया-1 और 18 अन्य उपग्रहों को लेकर भारत के पीएसएलवी (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान) सी-51 ने रविवार को यहां श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी। करीब 26 घंटे की उल्टी गिनती पूरी होने के बाद पीएसएलवी-सी51 ने चेन्नई से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रथम लॉन्च पैड से सुबह करीब 10 बजकर 24 मिनट पर उड़ान भरी।

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प्रक्षेपण के करीब 18 मिनट बाद प्राथमिक उपग्रह अमेजोनिया-1 के कक्षा में स्थापित किए जाने की संभावना है, जबकि अन्य 18 उपग्रह अगले दो घंटों में कक्षाओं में भेजे जाएंगे। इन उपग्रहों में चेन्नई की स्पेस किड्ज़ इंडिया (एसकेआई) का उपग्रह भी शामिल है। इस अंतरिक्ष यान के शीर्ष पैनल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर उकेरी गई है। 





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देश में कोरोना के मामलों में तेजी से हो रही वृद्धि, 16,752 नए मामले दर्ज, 113 मरीजों की मौत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 28, 2021   11:01
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देश में कोरोना के मामलों में तेजी से हो रही वृद्धि, 16,752 नए मामले दर्ज, 113 मरीजों की मौत

आंकड़ों के मुताबिक, संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या बढ़कर 1,64,511 पहुंच गई है जो कुल मामलों का 1.48 प्रतिशत है। देश में अबतक कुल 1,07,75,169 मरीज संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं।

नयी दिल्ली। भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 16,752 नए मरीजों की पुष्टि हुई है जो पिछले 30 दिनों में सबसे ज्यादा हैं। इसके बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 1,10,96,731 हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक के अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, 113 और संक्रमितों की मौत के बाद महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या 1,57,051 पहुंच गई है। देश में 29 जनवरी को 18,855 नए मामले आए थे। 

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आंकड़ों के मुताबिक, संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या बढ़कर 1,64,511 पहुंच गई है जो कुल मामलों का 1.48 प्रतिशत है। देश में अबतक कुल 1,07,75,169 मरीज संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। इसके बाद संक्रमण से मुक्त होने की दर 97.10 फीसदी है। कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु दर 1.42 प्रतिशत है। देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। 

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वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के मुताबिक, 27 फरवरी तक 21,62,31,106 नमूनों की जांच की गई है। शनिवार को ही 7,95,723 नमूनों का परीक्षण किया गया है।





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