जेपी नड्डा का दो दिवसीय UP दौरा, योगी सरकार में हो सकते हैं बड़े बदलाव, डिप्टी CM बनेंगे अरविंद शर्मा?

  •  अभिनय आकाश
  •  जनवरी 18, 2021   12:43
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जेपी नड्डा का दो दिवसीय UP दौरा, योगी सरकार में हो सकते हैं बड़े बदलाव, डिप्टी CM बनेंगे अरविंद शर्मा?

अरविंद शर्मा के विधान परिषद सदस्य बनने के बाद योगी सरकार में कोई अहम पद दिए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। गुजरात की एक अखबार ने बीते दिनों दावा किया कि पीएम मोदी के करीबी अरविंद शर्मा को योगी सरकार में उपमुख्यमंत्री का दावेदार बताया था।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के मंत्रमिडल विस्तार की अटकलें पिछले कई महीनों से लगाई जा रही हैं। सबे में चुनाव में अभी एक वक्त का समय शेष रह गया है ऐसे में मंत्रीमडल में फेरबदल के कयास लगाए जा रहे हैं। तमाम तहर की अटकलों के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 21 से 22 जनवरी को उत्तर प्रदेश के लखनऊ का दौरा करेंगे। समाचार एजेंसी एएनआई की खबरों को मानें तो बीजेपी चीफ राज्य के नेताओं के साथ ही राज्य संगठन और सरकार पर चर्चा करेंगे। गौरतलब है कि पीएम मोदी के करीबी अधिकारी रहे अरविंद शर्मा ने बीते दिनों वीआरएस लेकर बीजेपी की सदस्यता ली और उसके बाद ही उन्हें विधान परिषद चुनाव के लिए पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया।

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अरविंद शर्मा के विधान परिषद सदस्य बनने के बाद योगी सरकार में कोई अहम पद दिए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। गुजरात की एक अखबार ने बीते दिनों दावा किया कि पीएम मोदी के करीबी अरविंद शर्मा को योगी सरकार में उपमुख्यमंत्री का दावेदार बताया था। जिसके बाद से ही शर्मा को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। योगी सरकार के मंत्रिमंडल में इस वक्त 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम 60 बनाए जा सकते हैं। जातीय गणित के हिसाब से भी कुछ विधायकों के मंत्री बनाए जाने की संभावना है वहीं कुछ मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड पर भी हाई कमान की नजर है।  





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार को घेरा, गेंहू-खाद घोटाले पर किया मंत्री से सवाल

  •  दिनेश शुक्ल
  •  फरवरी 25, 2021   21:46
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भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार को घेरा, गेंहू-खाद घोटाले पर किया मंत्री से सवाल

प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा कि इस मामले में चौकीदार की संलिप्तता भी सामने आई है। मंत्री ने कहा कि ट्रांसपोर्टर और चौकीदार ने मिलकर 4 करोड़ 63 लाख की हेराफेरी की है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को मंदसौर और नीमच में ट्रांसपोर्टर द्वारा गेंहू तथा खाद को सोसाइटी तक पहुंचाने में हेराफेरी का मामला उठा गया। मामला मंदसौर से बीजेपी विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने उठाया। उन्होंने अपनी ही पार्टी की सरकार से सवाल पूछे हुए सरकार को घेरने की कोशिश की हालंकि सहकारिता मंत्री ने मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

 

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मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। इस दौरान भाजपा विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद भदौरिया से प्रश्न किया कि 02 दिसम्बर 2020 को मंदसौर-नीमच जिलों में ट्रांसपोर्टर व्यवसायी द्वारा गेहूं ऊपार्जन और खाद को सोसाइटी तक पहुंचाने में हेराफेरी का प्रकरण विभाग के प्रकाश में आया है। क्या इसमें अनियमितता हुई है? उन्होंने आरोप लगाया कि वेयरहाउस में चौकीदार का बेटा ही ठेकेदार है जिसने यह हेराफेरी की है।

 

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जिसके जबाब में प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा कि इस मामले में चौकीदार की संलिप्तता भी सामने आई है। मंत्री ने कहा कि ट्रांसपोर्टर और चौकीदार ने मिलकर 4 करोड़ 63 लाख की हेराफेरी की है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही को-ऑपरेटिव सोसायटी को इस संबंध में सहकारिता आयुक्त ने एफआईआर करने के लिए 15 फरवरी को एक पत्र भेज दिया है। मंत्री भदौरिया ने बताया कि आरोपितों से वसूली की कार्रवाई भी शुरू की जा रही है। इनके खिलाफ संपत्ति कुर्क करने की भी जानकारी की जाएगी। इसके लिए शासन स्तर पर एक जांच दल गठित किया जाएगा। यदि सोसायटी के महाप्रबंधक इसमें शामिल पाए जाते हैं तो उनको हटाकर 3 माह में जांच की जाएगी।





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राज्यसभा सांसद विवेक तंखा की मांग त्रिकटु काढ़े की सीएजी करे जाँच

  •  दिनेश शुक्ल
  •  फरवरी 25, 2021   21:11
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राज्यसभा सांसद विवेक तंखा की मांग त्रिकटु काढ़े की सीएजी करे जाँच

गौरतलब है कि कांग्रेस विधायक पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने विधानसभा में आयुर्वेदिक त्रिकटु काढ़े को लेकर सवाल उठाया गया था। जिस पर लिखित जवाब में आयुष राज्यमंत्री रामकिशोर कावरे द्वारा कहा गया है कि मध्य प्रदेश में 30 नवंबर 2020 तक 30 करोड़ रुपयों का काढ़ा जनता में बांटा गया।

भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोनाकाल के दौरान सरकार द्वारा बांटे गए आयुर्वेदिक काढ़े को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने मध्य प्रदेश में 30 करोड़ रुपयों का काढ़ा बांटे जाने पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच सीएजी से करवाए जाने की मांग की है।

 

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दरअसल विवेक तन्खा ने शुक्रवार को ट्वीट कर इतने बड़े खर्च का सीएजी ऑडिट करवाने की मांग की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा आपदा में भी अवसर। मप्र में 30 करोड़ रुपए का काढ़ा सरकार ने कोरोना काल में वितरित किया। 50 ग्राम के पैकेट्स में। किसको मिला यह शोध का विषय बन गया है। क्या सीएजी का ऑडिट का विषय नहीं हैं। कोविद कार्यकाल को पूरा फ़ायदा उठाया शासन एवं प्रशासन !!

 

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गौरतलब है कि कांग्रेस विधायक पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने विधानसभा में आयुर्वेदिक त्रिकटु काढ़े को लेकर सवाल उठाया गया था। जिस पर लिखित जवाब में आयुष राज्यमंत्री रामकिशोर कावरे द्वारा कहा गया है कि मध्य प्रदेश में 30 नवंबर 2020 तक 30 करोड़ रुपयों का काढ़ा जनता में बांटा गया। अब विवेक तन्खा ने इसके पीछे घोटाले की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश को मंजूरी, पुडुचेरी में लगा राष्ट्रपति शासन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2021   20:57
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केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश को मंजूरी, पुडुचेरी में लगा राष्ट्रपति शासन

इसमें कहा गया कि रिपोर्ट पर विचार करने और उनसे मिली अन्य सूचनाओं के बाद राष्ट्रपति इस बात को लेकर संतुष्ट थे कि ऐसी स्थिति बन गई है जब केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में प्रशासन केंद्र शासित प्रदेश सरकार अधिनियम 1963 (1963 का 20) के प्रावधानों के मुताबिक नहीं चलाया जा सकता।

नयी दिल्ली। पुडुचेरी में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार गिर जाने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश पर केंद्रशासित प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा हस्ताक्षरित अधिसूचना में कहा गया कि केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की प्रशासक से 22 फरवरी को मिली रिपोर्ट के बाद यह फैसला किया गया। इसमें कहा गया कि रिपोर्ट पर विचार करने और उनसे मिली अन्य सूचनाओं के बाद राष्ट्रपति इस बात को लेकर संतुष्ट थे कि ऐसी स्थिति बन गई है जब केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में प्रशासन केंद्र शासित प्रदेश सरकार अधिनियम 1963 (1963 का 20) के प्रावधानों के मुताबिक नहीं चलाया जा सकता।

राष्ट्रपति ने केंद्र शासित प्रदेश की सरकार अधिनियम, 1963 (1963 का 20) के विभिन्न प्रावधानों को भी निलंबित कर दिया, इस तरह पुडुचेरी में केंद्रीय शासन लागू हो गया। अधिसूचना में यह भी कहा गया कि केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा निलंबित अवस्था में रहेगी। पुडुचेरी में कांग्रेस सरकार का नेतृत्व कर रहे वी नारायणसामी ने सोमवार को विस्वास मत से पहले इस्तीफा दे दिया था। पार्टी के कई विधायकों और द्रमुक के एक विधायक के हाल में इस्तीफा देने के बाद उनकी सरकार अल्पमत में आ गई थी।





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