हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक मेरठ के प्रसिद्ध नौचंदी मेले का दो साल बाद कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने गुब्बारे उड़ाकर किया उद्घाटन

हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक मेरठ के प्रसिद्ध नौचंदी मेले का दो साल बाद कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने गुब्बारे उड़ाकर किया उद्घाटन

मेरठ के सुप्रसिद्ध नौचंदी मेले का आज दो साल बाद उद्घाटन किया गया। मेले के संचालन के लिए 14 सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है।

मेरठ,हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक कहे जाने वाले मेरठ के ऐतिहासिक नौचंदी मेले का दो साल बाद रविवार शाम पांच बजे शहीद गेट के पास पुरानी परंपरा के तहत शुभारंभ किया गया। मेरठ मंडल के कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने गुब्बारे उड़ाकर मेले का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में आईजी रेंज प्रवीण कुमार, डीएम के. बालाजी, एसएसपी प्रभाकर चौधरी, नगर आयुक्त मनीष बंसल, एसपी सिटी विनीत भटनागर भी साथ रहे। 

इस बार मेले का आयोजन जिला पंचायत द्वारा किया जा रहा है। एमएलसी चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू होने के चलते जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी मेले का शुभारंभ में शामिल नहीं हुए। हालांकि वह नौचंदी पहुंचे थे।

मेरठ में आयोजित होना वाला सुप्रसिद्ध नौचंदी मेले का इतिहास 350 साल पुराना है। यह मेला हिंदू मुस्लिम एकता का भी प्रतीक है। नौचंदी मेले के लिए साल भर मैदान खाली रहता है। वर्षों पुराने नौचंदी मेले में एक तरफ नवचंडी देवी में पूजा अर्चना की जाती है, तो वहीं ठीक सामने ही बाले मियां की मजार पर चादरपोशी की जाती है। धार्मिक स्थलों के महत्व को देखते हुए मेला पूरे देश में प्रसिद्ध हैं। कई राज्यों से मेले में आने वाले कलाकार पटेल मंडप में हुनर दिखाते हैं। इसके अलावा कई राज्यों के पारंपरिक स्टॉल भी लगाए जाते हैं। इस बार मेले में स्वयंसेवी संस्थाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे मेले में महिलाएं भी अपने उत्पाद की बिक्री कर सकें। 

दो साल बाद रविवार शाम पांच बजे शहीद गेट के पास कमिश्नर सुरेंद्र सिंह, आईजी प्रवीण कुमार, डीएम के. बालाजी व एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने नवचंडी देवी माता के मंदिर में चुनरी चढ़ाई। उसके बाद बाले मियां की मजार पर चादर भी चढ़ाई गई। कार्यक्रम के दौरान गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। मेले की परंपरा है की होली के बाद पड़ने वाले दूसरे रविवार को ही मेले का शुभारंभ किया जाता है।





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