दुर्भाग्य से भारत और पाक के रिश्ते नहीं हैं बेहतर: विश्व आर्थिक मंच पर बोले इमरान खान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 23, 2020   09:42
दुर्भाग्य से भारत और पाक के रिश्ते नहीं हैं बेहतर: विश्व आर्थिक मंच पर बोले इमरान खान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को कहा कि जब भारत के साथ उनके देश के संबंध सामान्य हो जायेंगे तो तब दुनिया को पाकिस्तान की वास्तविक रणनीतिक आर्थिक संभावनाओं के बारे में पता चलेगा।

दावोस। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को कहा कि जब भारत के साथ उनके देश के संबंध सामान्य हो जायेंगे तो तब दुनिया को पाकिस्तान की वास्तविक रणनीतिक आर्थिक संभावनाओं के बारे में पता चलेगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से ये रिश्ते बेहतर नहीं हैं। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) 2020 में बुधवार को अपने विशेष संबोधन में खान ने कहा कि उनका दृष्टिकोण पाकिस्तान को एक कल्याणकारी देश बनाने का है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शांति और स्थिरता के बिना आर्थिक वृद्धि संभव नहीं है। 

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सिर्फ शांति के लिए किसी भी अन्य देश के साथ भागीदारी करने को तैयार हैं। उन्होंने अमेरिका के साथ संबंध को ऐसी ही भागीदारी बताया। खान ने कहा, ‘‘मेरी उम्र पाकिस्तान जितनी ही है। पाकिस्तान मुझसे सिर्फ पांच साल बड़ा है। मैं अपने देश के साथ ही पला बढ़ा हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे संस्थापक पाकिस्तान को इस्लामिक कल्याणकारी देश बनाना चाहते थे। जब मैं किशोर था तो मुझे कल्याण का मतलब नहीं पता था। जब मैं इंग्लैंड गया तब मुझे इसका मतलब पता चला। उस समय मैंने फैसला किया कि जब भी मुझे मौका मिलेगा मैं पाकिस्तान को कल्याणकारी बनाने के लिए काम करूंगा।’’ 

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खान ने कहा, ‘‘जब मैं बच्चा था तो मुझे पाकिस्तान के जंगलों और पर्वतों से प्यार था। जैसे-जैसे मेरी उम्र बढ़ती गई पर्वत गायब होते गए और जंगल का क्षेत्र कम होने लगा। उसके बाद मैंने फैसला किया कि मैं पाकिस्तान की प्राकृतिक सुंदरता को फिर कायम करने के लिए काम करूंगा।’’ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि बिना शांति और स्थिरता के आर्थिक वृद्धि संभव नहीं है। सोवियत जब हमारे क्षेत्र से चले गए तो हमारे यहां उग्रवादी समूह बचे। अर्थव्यवस्था के लिए शांति और स्थिरता जरूरी है। 

उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान की छवि प्रभावित हुई है। ऐसे में हमने फैसला किया है कि सिर्फ शांति के लिए हम किसी दूसरे देश के साथ भागीदारी करेंगे। हमने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव घटाने के लिए प्रयास किया। तालिबान को अफगानिस्तान से भगाने के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ भागीदारी की। अपने प्रशासन के बारे में खान ने कहा कि उन्हें कड़े फैसले लेने पड़े लेकिन अब उसके अच्छे नतीजे सामने आ रहे है। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई उस समय देश अपने इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक संकट के दौर में था। 

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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान रणनीतिक दृष्टि से दुनिया के सबसे अच्छे बिंदु पर है। एक तरफ चीन है ओर दूसरी ओर ईरान है। खान ने कहा, ‘‘हमारा दूसरा सबसे बड़ा पड़ोसी भारत है। दुर्भाग्य से भारत से हमारे संबंध अच्छे नहीं हैं। मैं उन सब बातों में नहीं जाना चाहता हूं लेकिन एक बार भारत के साथ हमारे रिश्ते सामान्य होने के बाद दुनिया को पाकिस्तान की वास्तविक रणनीतिक उपयोगिता का पता चलेगा।’’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास पहाड़ी पर्यटन की व्यापक क्षमता है। साथ ही हमारे पास हिंदुओं और बौद्ध सहित धार्मिक पर्यटन के लिये काफी संभावनायें है।





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