कौन हैं हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति गुसाईं ? लैंसडाउन सीट से लड़ सकती हैं चुनाव

कौन हैं हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति गुसाईं ? लैंसडाउन सीट से लड़ सकती हैं चुनाव

अनुकृति गुसाईं की अपनी अलग पहचान है। उन्होंने राजनीति में आने के लिए अपने मॉडलिंग करियर को अलविदा कहा है। मिस इंडिया ग्रैंड इंटरनेशनल रहीं अनुकृति गुसाईं के मॉडलिंग करियर की शुरुआत साल 2013 में हुई थी और इसी साल उन्होंने मिस इंडिया दिल्ली का खिताब जीता था। उसी साल मिस इंडिया प्रतियोगिता में पांचवें स्थान पर रहीं।

देहरादून। उत्तराखंड समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी दलों में आयाराम-गयाराम की राजनीति जारी है। इसी क्रम भाजपा से निष्कासित हुए हरक सिंह रावत और उनकी अपनी बहू अनुकृति गुसाईं ने कांग्रेस का दामन थाम था। ऐसे में चर्चा है कि हरक सिंह रावत की बहू पौड़ी गढ़वाल जिले की लैंसडाउन विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतर सकती हैं। उत्तराखंड की सियासत में यह सीट अपना अलग स्थान रखती है। यहां पर टिपन टॉप और ताड़केश्वर महादेव जैसे पर्यटन और आस्था से जुड़े हुए स्थल भी हैं। 

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कौन हैं अनुकृति गुसाईं

अनुकृति गुसाईं की अपनी अलग पहचान है। उन्होंने राजनीति में आने के लिए अपने मॉडलिंग करियर को अलविदा कहा है। मिस इंडिया ग्रैंड इंटरनेशनल रहीं अनुकृति गुसाईं के मॉडलिंग करियर की शुरुआत साल 2013 में हुई थी और इसी साल उन्होंने मिस इंडिया दिल्ली का खिताब जीता था। उसी साल मिस इंडिया प्रतियोगिता में पांचवें स्थान पर रहीं। इसके बाद उन्होंने मिस इंडिया एशिया पैसिफिक-2014 और फिर मिस इंडिया ग्रैंड इंटरनैशनल-2017 में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

साल 2018 में मॉडल अनुकृति गुसाईं हरक सिंह रावत के बेटे तुषित रावत के साथ सात फेरों के अटूट बंधन में बंध गई और लैंसडाउन में उनकी सक्रियता बढ़ गई। इतना ही नहीं उन्होंने अपने ससुर हरक सिंह रावत का चुनाव प्रचार भी संभाला है। उन्होंने पहले ही चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था लेकिन भाजपा ने उनके ससुर को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। जिसके बाद दोनों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। माना जा रहा है कि अनुकृति गुसाईं कांग्रेस की चुनाव प्रसार का अहम हिस्सा हो सकती हैं।

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सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहने वालीं अनुकृति गुसाईं महिला उत्थान एवं बाल कल्याण संस्थान नामक एनजीओ चलाती हैं। माना जा रहा है कि हरक सिंह रावत अपनी बहू के लिए भाजपा से टिकट मांग रहे थे। लेकिन भाजपा एक परिवार एक टिकट के नियमों का पालन करते हुए उन्हें टिकट नहीं देना चाह रही थी। ऐसे में उन्हें अपनी बहू के लिए कांग्रेस में वापस शामिल होना पड़ा।





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