'इतने महीने बाद क्यों जागे सिसोदिया', संबित पात्रा बोले- ब्लैक लिस्टेड कंपनियों ने कैसे खोले ठेके? LG ने नियमों के तहत किया काम

Sambit Patra
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भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने मनीष सिसोदिया से पूछा कि नवंबर, 2021 को उपराज्यपाल ने कार्रवाई की थी और अगस्त का महीना चल रहा है। इतने महीने तक आप को कुछ सूझा नहीं है। आपने अगर एक बार भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की हो, विधानसभा में चर्चा की हो या फिर जनता से बात की हो तो बताएं?

नयी दिल्ली। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार की नई एक्साइज नीति को लेकर घमासान मचा हुआ है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल पर निशाना साधते हुए स्टैंड बदलने का आरोप लगाया। जिसको लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मनीष सिसोदिया पर पलटवार किया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि उपराज्यपाल ने भाजपा के किसी नेता के कहने पर नहीं बल्कि संविधान के कहने पर कार्रवाई की है।

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इसी बीच संबित पात्रा ने मनीष सिसोदिया से पूछा कि नवंबर, 2021 को उपराज्यपाल ने कार्रवाई की थी और अगस्त का महीना चल रहा है। इतने महीने तक आप को कुछ सूझा नहीं है। आपने अगर एक बार भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की हो, विधानसभा में चर्चा की हो या फिर जनता से बात की हो तो बताएं ? उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के पीछे सीबीआई, ईडी लगी तो उन्हें याद आया कि इस मामले को कैसे डाइवर्ट किया जाए। ऐसे में उन्होंने उपराज्यपाल को निशाना बनाने का प्रयास किया क्योंकि उपराज्यपाल तो प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं कर सकते हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि मैन्यूफ्रैचरिंग कंपनी को रिटेल की अनुमति नहीं होती है उसे मनीष सिसोदिया ने अनुमति दी। इसके अलावा ब्लैक लिस्टेड कंपनिया ठेके नहीं खोल सकते हैं लेकिन यहां पर तो उन्होंने ठेके खोले हुए हैं। कारटेल की भी टेंडर में अनुमति नहीं होती है लेकिन कारटेल को भी मनीष सिसोदिया ने अनुमति दी हुई है।

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संबित पात्रा ने कहा कि विगत वर्ष जब कोरोना अपने चरम पर था और चर्चा छिड़ी हुई थी कि प्रवासी मजदूरों को कैसे वैक्सीन लगाई जाए और उन्हें सेवा ही संगठन के माध्यम से भाजपा भोजना पहुंचाने की तैयारी में थी। तभी अरविंद केजरीवाल बस मुहैया कराकर प्रवासी मजदूरों को दिल्ली से बाहर जाने का रस्ता दिखा रहे थे। ठीक उसी वक्त मनीष सिसोदिया महापाप कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शराब कंपनियों के 144 करोड़ रुपयों को मनीष सिसोदिया ने बिना किसी की अनुमति के माफ करने का काम किया। भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है कि शराब कंपनियों के पैसों को माफ किया गया हो।

उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया ने पहले शराब कंपनियों के पैसों को माफ कर दिया और फिर बाद में कैबिनेट से मंजूरी ली।  

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