अमरिंदर सरकार पर हमलावर रहने वाले सिद्धू क्यों हैं खामोश ? क्या है असल मामला

अमरिंदर सरकार पर हमलावर रहने वाले सिद्धू क्यों हैं खामोश ? क्या है असल मामला

पंजाब कांग्रेस में अंतर्कलह अभी जारी है लेकिन प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू खामोश हो गए हैं। सूत्रों ने बताया कि सिद्धू को किसी भी विवाद से दूर रहने के लिए कहा गया है। पिछली बार उन्होंने 30 अगस्त को अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए निजी बिजली संयंत्र का मुद्दा उठाया था।

चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में अंतर्कलह अभी जारी है लेकिन प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू खामोश हो गए हैं। अपने बयानों से अपनी ही सरकार के होश उड़ा देने वाले सिद्धू खामोश क्यों हैं ? यह सवाल राजनीतिक गलियारों में काफी गूंज रहा है। आपको बता दें कि सिद्धू ने एक सप्ताह से कांग्रेस को लेकर अपने सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट नहीं किया है। हालांकि उन्होंने गुरुवार को किसानों से जुड़े मामलों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। 

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अंग्रेजी समाचार वेबसाइट 'इंडियन एक्सप्रेस' ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट लिखी। जिसमें बताया गया कि सिद्धू को कांग्रेस आलानेतृत्व से चुप रहने का निर्देश मिला है।

क्या चुप रह पाएंगे सिद्धू ?

सूत्रों ने बताया कि सिद्धू को किसी भी विवाद से दूर रहने के लिए कहा गया है। पिछली बार उन्होंने 30 अगस्त को अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए निजी बिजली संयंत्र का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि पंजाब सरकार को जनहित में निजी बिजली संयंत्रों को भुगतान किए जा रहे शुल्क को पुन: निर्धारित करने के लिए पीएसईआरसी को तत्काल निर्देश देना चाहिए और त्रुटिपूर्ण पीपीए (बिजली खरीद समझौता) को अमान्य करना चाहिए।

सिद्धू के मुख्यमंत्री अमरिंदर और पंजाब पार्टी प्रभारी हरीश रावत का बयान सामने आया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार सभी 122 बिजली खरीद समझौतों को रद्द नहीं कर सकती है। 

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प्रियंका से मुलाकात के बाद शांत हुए सिद्धू

आपको बता दें कि सिद्धू ने पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की थी। उसके बाद पंजाब विधानसभा सत्र में शामिल हुए। हालांकि सदन में उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया लेकिन उन्होंने बाहर भी मुंह नहीं खोला और पूरी तरह से चुप रहे। जबकि सत्र से पहले एक के बाद एक कई ट्वीट करके प्रदेश सरकार को निशाना बनाया था।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सिद्धू नए संगठनात्मक निकाय के गठन में व्यस्त हैं और लगभग हर रोज बैठकें कर रहे हैं और मीडिया से दूरियां बना रखी है।

हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने सिद्धू और अमरिंदर के बीच मनमुटाव की खबरों का खंडन करते हुए कहा था कि दोनों के विवाद से भविष्य में पार्टी को फायदा होगा।





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