क्या ठाकरे का CM, पवार किंगमेकर और कांग्रेस देगी बाहर से समर्थन ?

  •  अनुराग गुप्ता
  •  नवंबर 6, 2019   15:36
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क्या ठाकरे का CM, पवार किंगमेकर और कांग्रेस देगी बाहर से समर्थन ?
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कांग्रेस के विधायकों का कहना है कि हमें शिवसेना और एनसीपी का बाहर से समर्थन करना चाहिए। कांग्रेस विधायकों की उठी इसी मांग के बाद वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे शाम को मुंबई जाएंगे।

मुंबई। महाराष्ट्र में राजनीतिक उठापटक के बीच में अब खबर निकलकर आ रही है कि कांग्रेस विधायक प्रदेश में शिवसेना का मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि एनसीपी अपना समर्थन शिवसेना को देकर प्रदेश में सरकार बनाए और हम बाहर से समर्थन करेंगे।

आपको याद हो तो सभी समाचार चैनलों ने द टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से खबर छापी थी कि महाराष्ट्र में शिवसेना का मुख्यमंत्री, एनसीपी का उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस द्वारा बाहर से समर्थन दिए जाने के बाद उन्हें विधानसभा अध्यक्ष का पद दिया जा सकता है। 

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कांग्रेस के विधायकों का कहना है कि हमें शिवसेना और एनसीपी का बाहर से समर्थन करना चाहिए। कांग्रेस विधायकों की उठी इसी मांग के बाद वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे शाम को मुंबई जाएंगे। जहां पर वह विधायकों से बातचीत करेंगे और जानेंगे कि उनके मन में क्या कुछ चल रहा है।

वैसे तो कांग्रेस विधायकों की इस मांग से तो पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी भी अवगत है। ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सांसद हुसैन दलवई ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर शिवसेना को समर्थन देने की मांग की थी। 

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विपक्ष में बैठना चाहते हैं पवार

बुधवार सुबह शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से उन्हीं के आवास में मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद संजय राउत शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिलने मातोश्री गए। हालांकि उनकी इस मुलाकात के बाद शरद पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और भाजपा-शिवसेना से कहा कि वह प्रदेश में जल्द से जल्द सरकार का गठन करें। साथ ही अपने रुख पर अडिग रहते हुए उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी पार्टी एक जिम्मेदार विपक्ष के तौर पर काम करेगी।

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पवार ने की थी सोनिया गांधी से मुलाकात

शरद पवार ने 4 नवंबर को सोनिया गांधी से मुलाकात की और महाराष्ट्र की स्थिति पर खुलकर बातचीत की। इस मुलाकात के बाद पवार ने कहा कि एनसीपी को लोगों ने विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया है, लेकिन आप भविष्य की बात नहीं कर सकते हैं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


सरकार ने कसी ओला-ऊबर पर नकेल, नहीं वसूल सकेंगे ज्यादा किराया

  •  अभिनय आकाश
  •  नवंबर 28, 2020   19:37
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सरकार ने कसी ओला-ऊबर पर नकेल, नहीं वसूल सकेंगे ज्यादा किराया
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ओला उबर सबसे बड़ी कैब एग्रीगेटर कंपनियां हैं। पीक आवर्स में ऐसी कंपनियां किराया कई गुणा बढ़ाकर वसूलती हैं। एग्रीगेटर्स को डेटा स्थानीयकरण सुनिश्चित करना होगा कि डेटा भारतीय सर्वर में न्यूनतम तीन महीने और अधिकतम चार महीने उस तारीख से संग्रहीत किया जाए।

आपको जब सवेरे ऑफिस जाना हो या शाम परिवार के साथ घूमने तभी कैब एग्रीग्रेटर कंपनियां पीक आवर्स के नाम पर मनचाहा किराया वसूलती हैं। लेकिन अब भारत सरकार कैब कंपनियों पर नए नियम लाई है। सरकार का यह कदम अहम हो जाता है, क्योंकि लोग कैब सेवाएं देने वाली कंपनियों के अधिकतम किराये पर लगाम लगाने की लंबे समय से मांग कर रहे थे। 

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बेस फेयर से 50% कम चार्ज करने की अनुमति

ओला उबर सबसे बड़ी कैब एग्रीगेटर कंपनियां हैं। पीक आवर्स में ऐसी कंपनियां किराया कई गुणा बढ़ाकर वसूलती हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के द्वारा शुक्रवार को जारी मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश 2020 के अनुसार, ‘‘एग्रीगेटर कंपनियों को मूल किराये के 50 प्रतिशत तक न्यूनतम किराये और डेढ़ गुने तक अधिकतम किराये वसूलने की मंजूरी दी जाती है।’’ मंत्रालय ने कहा कि यह संसाधनों के इस्तेमाल को सुलभ करेगा और बढ़ावा देगा, जो कि परिवहन एग्रीगेशन के सिद्धांत का मूल है। यह गतिशील किराये के सिद्धांत को प्रमाणिक बनायेगा, जो मांग व आपूर्ति के अनुसार संसाधनों का इस्तेमाल सुनिश्चित करने में प्रासंगिक है। नये दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रत्येक सवारी (राइड) पर लागू किराये का कम से कम 80 प्रतिशत हिस्सा एग्रीगेटर के साथ जुड़े वाहन के चालक को मिलेगा। शेष हिस्सा एग्रीगेटर कंपनियां रख सकती हैं। मंत्रालय ने कहा कि जिन राज्यों में शहरी टैक्सी का किराया राज्य सरकार ने निर्धारित नहीं किया है, वहां किराया विनियमन के लिये 25-30 रुपये को मूल किराया माना जायेगा। राज्य सरकारें एग्रीगेटर द्वारा जोड़े गये अन्य वाहनों के लिये इसी तरह से किराया निर्धारित कर सकती हैं।

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डेटा की सुरक्षा के लिए बनाया नियम

एग्रीगेटर्स को डेटा स्थानीयकरण सुनिश्चित करना होगा कि डेटा भारतीय सर्वर में न्यूनतम तीन महीने और अधिकतम चार महीने उस तारीख से संग्रहीत किया जाए, जिस दिन डेटा जेनरेट किया गया था। डेटा को भारत सरकार के कानून के अनुसार सुलभ बनाना होगा लेकिन ग्राहकों के डेटा को यूजर्स की सहमति के बिना शेयर नहीं किया जाएगा। कैब एग्रीगेटर्स को एक 24X7 कंट्रोल रूम स्थापित करना होगा और सभी ड्राइवरों को अनिवार्य रूप से हर समय कंट्रोल रूम से जुड़ा होना होगा





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


PM के संयंत्र में आने से समाधानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता मजबूत होगी: भारत बायोटेक

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   19:34
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PM के संयंत्र में आने से समाधानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता मजबूत होगी: भारत बायोटेक
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प्रधानमंत्री मोदी ने भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वायरस के संभावित टीके कोवैक्सीन की प्रगति की समीक्षा करने के लिये जीनोम घाटी में स्थित उसके संयंत्र की यात्रा की।

नयी दिल्ली। दवा बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने शनिवार को कहा कि हैदराबाद में जीनोम घाटी में स्थित उसके संयंत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से वैज्ञानिक खोज और सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं को सुलझाने की प्रतिबद्धता मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वायरस के संभावित टीके कोवैक्सीन की प्रगति की समीक्षा करने के लिये जीनोम घाटी में स्थित उसके संयंत्र की यात्रा की। 

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कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की यात्रा से हमें टीके के लिए प्रेरणा मिली है। इससे वैज्ञानिक खोज, सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं के निराकरण तथा कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई के प्रति हमारी प्रतिबद्धता मजबूत होती है।’’ कंपनी अभी कोवैक्सीन का तीसरे चरण का नैदानिक परीक्षण कर रही है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


मेघालय में कोरोना के 71 नये मामले, एक और मरीज की जान गयी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   19:25
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मेघालय में कोरोना के 71 नये मामले, एक और मरीज की जान गयी
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राज्य में अबतक 111 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पूर्वी खासी पहाड़ी जिले में सबसे अधिक 53 नये मरीज सामने आये हैं जबकि पश्चिमी गारो पहाड़ी जिले में नौ और रि-भोई में तीन नये मामले सामने आये।

शिलांग। मेघालय में 71 और लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद शनिवार को राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 11,704 हो गयी। स्वास्थ्य सेवा निदेशक अमन वार ने बताया कि कोविड-19 से एक और मरीज की मौत हो जाने से राज्य में अबतक 111 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पूर्वी खासी पहाड़ी जिले में सबसे अधिक 53 नये मरीज सामने आये हैं जबकि पश्चिमी गारो पहाड़ी जिले में नौ और रि-भोई में तीन नये मामले सामने आये। 

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वार के मुताबिक, मेघालय में फिलहाल कोविड-19 के 858 मरीज उपचाराधीन हैं। उनके अनुसार शनिवार को 129 और मरीजों के स्वस्थ होने के साथ ही अबतक 10,735 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में अबतक कोविड-19 के लिये 2.39 लाख नमूनों की जांच हुई है।





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