कर्मचारियों के भत्ते रोकने के फ़ैसले पर पुनर्विचार करे योगी सरकार : सपा

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उन्होंने इस फैसले को अव्यावहारिक और तुगलकी करार देते हुए कहा कि इस फैसले से कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई में दिन-रात सहयोग कर रहे सरकारी कर्मचारियों का मनोबल गिरेगा।

बलिया (उप्र)। उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता रामगोविंद चौधरी ने राज्य कर्मचारियों के छह तरह के भत्तों पर रोक लगाने के प्रदेश सरकार के निर्णय को अव्यावहारिक करार देते हुए इस पर पुनर्विचार का अनुरोध किया है। सपा के वरिष्ठ नेता चौधरी ने रविवार को एक बयान जारी कर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता न बढ़ाए जाने और राज्य कर्मियों के छह तरह के भत्तों पर रोक लगाने को लेकर योगी सरकार की तीखी आलोचना की है।

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उन्होंने इस फैसले को अव्यावहारिक और तुगलकी करार देते हुए कहा कि इस फैसले से कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई में दिन-रात सहयोग कर रहे सरकारी कर्मचारियों का मनोबल गिरेगा।

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चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए विधायकों के वेतन में कटौती करने के बाद अब राज्य कर्मचारियों के छह तरह के भत्तों पर रोक लगा दी है। साथ ही कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में भी कोई बढ़ोतरी न करने का एलान किया है।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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