आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव: YSRCP ने लगाया TDP पर नामांकन रोकने का आरोप

वाईएसआरसीपी नेता सज्जला रामकृष्ण रेड्डी ने अमरावती में आरोप लगाया कि राज्य की गठबंधन सरकार विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोक रही है। उन्होंने पुलिवेंदुला में हुई कथित पुलिस गोलीबारी की उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की। वहीं तेदेपा ने पलटवार करते हुए वाईएसआरसीपी पर गुंडागर्दी और विकास बाधित करने का आरोप लगाया है।
वाईएसआरसीपी के राज्य समन्वयक सज्जला रामकृष्ण रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि ‘‘हमलों, धमकियों और आपराधिक मामलों’’ से उनकी पार्टी को जारी स्थानीय निकाय चुनावों से बाहर नहीं किया जा सकता। विपक्षी दल के नेता ने हाल ही में पुलिवेंदुला में कथित पुलिस गोलीबारी की उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवार जब नामांकन दाखिल करने की कोशिश कर रहे थे, तब पुलिस अधिकारियों ने बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की।
रेड्डी ने युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, हमलों, धमकियों और आपराधिक मामलों से वाईएसआरसीपी को चुनाव से बाहर नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार नामांकन दाखिल करने से रोक रही है, नाम वापस लेने के लिए दबाव डाल रही है और नामांकन खारिज करवा रही है , ताकि बाद में निर्विरोध जीत का जश्न मना सके। इस बीच, तेदेपा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में वाईएसआरसीपी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उसका एजेंडा गुंडागर्दी करना और विकास रोकने के लिए चुनाव जीतना है।
सत्तारूढ़ दल ने कहा, आंध्र प्रदेश को विकास के मामले में देश में नंबर एक बनाना हमारा एजेंडा है। 2024 के चुनावों जैसा उत्साह दिखाते हुए लोगों को मतदान करना चाहिए और गठबंधन की जीत सुनिश्चित करनी चाहिए। गुंडों से निपटने का काम हम संभाल लेंगे।
तेदेपा ने दावा किया, वाईएसआरसीपी अध्यक्ष ने गुंडों, बदमाशों और अपराधियों पर भरोसा किया है।
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