Anandi Gopal Joshi Death Anniversary: 9 साल में शादी, 22 में मौत, पढ़ें देश की First Lady Doctor की कहानी

Anandi Gopal Joshi
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देश की पहली महिला डॉक्टर आनंदी गोपाल जोशी का 26 फरवरी को निधन हो गया था। उस दौर में महिलाएं डॉक्टर बनने की सोच भी नहीं सकती थीं, लेकिन आनंदी गोपाल जोशी ने भारत की पहली महिला डॉक्टर बनकर इतिहास रच दिया था।

आज ही के दिन यानी की 26 फरवरी को देश की पहली महिला डॉक्टर आनंदी गोपाल जोशी का निधन हो गया था। उस दौर में महिलाएं डॉक्टर बनने की सोच भी नहीं सकती थीं, लेकिन आनंदी गोपाल जोशी ने भारत की पहली महिला डॉक्टर बनकर इतिहास रच दिया था। आनंदी गोपाल ने डॉक्टर बनकर देश को गौरवान्वित किया था। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर आनंदी गोपाल जोशी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

पुणे जिले के एक रूढ़िवादी जमींदार परिवार में 31 मार्च 1865 को आनंदी गोपाल जोशी का जन्म हुआ था। कम उम्र 9 साल की उम्र में उनका विवाह गोपालराव जोशी से कर दिया गया था। वहीं महज 14 साल की उम्र में वह मां बन गई थीं। फिर 10 दिन बाद उन्होंने अपने बच्चे को खो दिया था। अपने बच्चे की मृत्यु से आनंदी को इतना अधिक दुख हुआ कि उन्होंने डॉक्टर बनने का लक्ष्य तय कर लिया।

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MD करने अमेरिका गईं

बता दें कि आनंदी गोपाल जोशी 14 साल की उम्र तक कभी स्कूल नहीं गई थीं। लेकिन जब उन्होंने यह ठाना कि उनको डॉक्टर बनना है, तो उनके पति ने आंनदी का एडमिशन मिशनरी स्कूल में कराया। साल 1880 में उन्होंने एक प्रसिद्ध अमेरिकी मिशनरी, रॉयल वाइल्डर को एक पत्र भेजा था। जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी की रुचि को देखते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका में चिकित्सा के पढ़ाई की जानकारी मांगी। जानकारी मिलने पर आनंदी गोपाल जोशी आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका चली गईं।

आनंदी गोपाल जोशी ने सिल्वेनिया स्थित महिला मेडिकल कॉलेज में एडमिशन ले लिया। वहीं 21 साल की उम्र में आनंदी ने एमडी की डिग्री हासिल की। यह डिग्री पाने वाली वह पहली भारतीय महिला बनीं। पढ़ाई के बाद भारत आकर आनंदी गोपाल जोशी ने कोल्हापुर रियासत के अल्बर्ट एडवर्ड हॉस्पिटल के महिला वार्ड में प्रभारी चिकित्सक के रूप में काम किया।

मृत्यु

वहीं डॉक्टरी की प्रैक्टिस शुरू करने से पहले आनंदी गोपाल जोशी बीमार पड़ गईं और वह टीबी की चपेट में आ गईं। वहीं महज 22 साल की उम्र में 26 फरवरी 1887 को आनंदी गोपाल जोशी का निधन हो गया था।

सम्मान

आनंदीबाई ने जिन कठिन परिस्थितियों में यह उपलब्धि हासिल की थी। उसके लिए उनको कई सम्मान और पुरस्कार मिले थे।

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