Udham Singh Death Anniversary: Jallianwala Bagh का बदला लेने London पहुंचे उधम सिंह, Michael O'Dwyer को किया ढेर

क्रांतिकारी उधम सिंह को 31 जुलाई को फांसी की सजा दी गई थी। उधम सिंह को जलियांवासला बाग हत्याकांड ने झझकोर कर रख दिया था। जिसका बदला लेने कि लिए वह लंदन चले गए थे।
आज ही के दिन यानी की 31 जुलाई को क्रांतिकारी उधम सिंह को फांसी दी गई थी। उन्होंने जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला लेने के लिए अपनी जिंदगी न्योछावर कर दी थी। उधम सिंह को जलियांवासला बाग हत्याकांड ने झझकोर कर रख दिया था। वहीं उधम सिंह की हिम्मत ने अंग्रेजों को हिलाकर रख दिया था। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर उधम सिंह के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
पंजाब के संगरूर में 11 मई 1899 को उधम सिंह का जन्म हुआ था। इनके बचपन का नाम शेर सिंह था। छोटी उम्र में उधम सिंह के माता-पिता और भाई की मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद वह अमृतसर के खालसा अनाथालय में पले पढ़े थे।
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भगत सिंह के शागिर्द
उधम सिंह भगत सिंह से काफी ज्यादा प्रभावित थे। भगत सिंह से प्रेरित होकर उन्होंने क्रांतिकारी आंदोलन में कदम रखा। साल 1927 में वहीं हथियार और देशद्रोही साहित्य के आरोप में जेल गए। जेल से रिहाई के बाद उन्होंने लंदन की राह पकड़ी। यहां पर उन्होंने जलियांवाला बाग के जिम्मेदार माइकल ओ डायर को सबक सिखाने की सोची। 13 मार्च 1940 को उधम सिंह लंदन के कैक्सटोन हॉल पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने किताब में छिपाए रिवॉल्वर से ओ डायर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। उधम सिंह द्वारा लिया गया यह बदला जलियांवाला बाग हत्याकांड के घाव का प्रतीक थी। जिसके बाद उधम सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। मुकदमे में उधम सिंह ने गर्व से कहा कि उन्होंने यह अपने देश के लिए किया है।
मृत्यु
वहीं 31 जुलाई 1940 को उधम सिंह को लंदन की पेंटनविले जेल में फांसी दी गई।
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