मध्यप्रदेश का हाईप्रोफाइल हनी ट्रेप कांड में ढाक के तीन पात

मध्यप्रदेश का हाईप्रोफाइल हनी ट्रेप कांड में ढाक के तीन पात

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार 18 सितंबर 2019 की शाम तीन महिलाओं सहित एक पुरूष को एटीएस की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से भोपाल के रिवेरा टाउन, कोटरा सुल्तानाबाद और मीनाल रेसीडेंसी से तीन महिलाओं को हिरासत में लिया था।

मध्यप्रदेश की राजनीतिक एवं प्रशासनिक गलियारों के साथ ही उच्चवर्गीय लोगों से अनैतिक संबंधो की आड़ में किए जा रहे अवैध कारोबार को लेकर पिछले पांच दिनों से चले आ रहे हनी ट्रेप कांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। लेकिन इन खुलासों के कोई पुख्ता प्रमाण अभी तक न तो जांचकर्ता एटीएस, क्राइम ब्रांच और न ही पुलिस ने सार्वजनिक किए हैं। हां यह जरूर है कि इंदौर में 60 वर्षीय नगर निगम इंजीनियर की शिकायत के बाद इस काले कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। आरोपी महिलाएं इन वरिष्ठ नागरिक यानि सीनियर सिटीजन से तीन करोड़ रूपए की मांग कर रही थी यह आरोपी महिलाएं पहले भी इनसे मोटी रकम वसूल चुकी है।

इंदौर के पलासिया थाने में हरभजन सिंह नाम के नगर निगम इंजीनियर ने यह शिकायत की है। हां यह जरूर है कि जांच शुरू होने के तीसरे दिन ही संबंधित केस से इंदौर के पलासिया थाने के टीआई अजीत सिंह बैस को जरूर हटा दिया गया और जांच के लिए सरकार ने नए थाना प्रभारी शशिकांत चौसरिया को नियुक्त कर दिया है। साथ ही जांच में सहयोग कर रहे दो एसआई जांच से दूर हो गए है। बताया जा रहा है कि आरोपी महिलाएं सफेदपोश, व्हाइट कालर उच्चवर्गीय व्यक्तियों के साथ अनैतिक और अवैध संबंध स्थापित करने के दौरान बनाए गए वीडियो क्लिप के जरिए भय दिखाकर उनसे मोटी रकम एठती थी। इसके अलावा उच्च पदों पर आसीन इन सफेदपोश लोगों से एनजीओ परियोजना और ठेकेदारी टेंडर हासिल करने जैसे काम भी अनैतिक रूप से करवाए जा रहे थे। जांच में नाम खुलने के बाद शासन और प्रशासन में खलबली मच गई और इन पुलिस अधिकारियों पर दवाब बनाया जाने लगा। यही नहीं एटीएस, क्राइम ब्रांच और पुलिस की पूछताछ और जांच में कई अहम सबूत हाथ लगे हैं। जिसे शासन और प्रशासन अपने तरीके से इस्तेमाल करना चाह रहा है।

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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार 18 सितंबर 2019 की शाम तीन महिलाओं सहित एक पुरूष को एटीएस की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से भोपाल के रिवेरा टाउन, कोटरा सुल्तानाबाद और मीनाल रेसीडेंसी से तीन महिलाओं को हिरासत में लिया था। जिसमें श्वेता विजय जैन, बरखा सोनी भटनागर और श्वेता स्वपनिल जैन सहित बरखा का पति अमित सोनी शामिल थे। वही इंदौर में दो महिलाओं आरती दयाल और मोनिका यादव सहित आरती के ड्राइवर को एटीएस ने हिरासत में लिय़ा था। इंदौर नगर निगम के 60 वर्षीय इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर एटीएस और क्राइम ब्रांच ने कार्यवाही करते हुए इन्हें गिरफ्तार किया था। इंदौर नगर निगम के साठ वर्षीय इंजीनियर हरभजन सिंह से 3 करोड़ रूपए की मोटी रकम की मांग करने की बात भी इन आरोपी महिलाओं ने कबूली है। पुलिस सूत्रों के हवाले से जानकारी के मुताबिक आरोपी रकम न देने पर फरियादी इंजीनियर के साथ गिरफ्तार हुई 18 वर्षीय मोनिका यादव का अश्लील वीडियो क्लीप वायरल करने की धमकी दे रही थी। 

प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस ने कई राजनीतिज्ञों, आईएएस, आईपीएस अधिकारियों सहित बिल्डरों, ठेकेदारों की अश्लील वीडियों क्लिप इनके पास से बरामद करने का दावा किया है। हनी ट्रैप मामले में पकड़ी गई पांचों महिलाओं से एटीएस और क्राइम ब्रांच ने अलग-अलग पूछताछ की है। जिसमें कई अहम खुलासे भी हुए हैं। जहां बरखा सोनी भटनागर और उसका पति अमित सोनी कांग्रेस में पदाधिकारी थे। जिन्हें हाल ही में पद से हटाया गया है। जबकि श्वेता विजय जैन, आरती दयाल, श्वेता स्वपनिल जैन नेताओं और अधिकारियों को अपने रूपजाल में फंसाकर उन्हें ब्लेकमेल करती थीं। वहीं मोनिका यादव बीएससी की छात्रा है, जो दौलत, शोहरत और सरकारी नौकरी की चाह में इनके जाल में फंस गई अपने आप को बताती है।

एटीएस और क्राइम ब्रांच सूत्रों की मानें तो गिरफ्तार की गई आरोपी महिलाओं की पृष्ठभूमि पर नज़र दौड़ाए तो श्वेता विजय जैन (48 वर्ष) मूलत: सागर जिले की निवासी है, वह पहले भाजपा युवा मोर्चा और बाद में भाजपा में सक्रिय रही है। सागर विधानसभा से 2013 में श्वेता विजय जैन ने टिकट की दावेदारी भी की थी लेकिन सोशल मीडिया पर एक अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद वह सागर छोड़कर भोपाल आ गई थी। इसके कई भाजपा नेताओं से अंतरंग संबंध बताए जाते है। जबकि बरखा सोनी भटनागर (34 वर्ष) निमाड़ के एक नेता के साथ कांग्रेस में आई। वर्तमान में दो मंत्री व एक पूर्व प्रदेशाध्यक्ष से इसकी नजदीकी बताई जा रही है। पति अमित सोनी कांग्रेस आईटी सेल में रहा है। जो राजनीतिक लाइजनिंग करता था। श्वेता स्वप्निल जैन (39 वर्ष) मूलतः जयपुर राजस्थान की रहने वाली है और भोपाल में एक एनजीओ चलाया करती है जिसकी आड़ में यह कई रसूखदार लोगों को अपने जाल में फसाया करती थी। जबकि इंदौर से गिरफ्तार की गई आरती दयाल (29 वर्ष) मूलतः छतरपुर जिले की रहने वाली है। बताया जा रहा है कि सीनियर आईएएस के साथ वीडियो वायरल कर पैसा वसूला साथ ही भोपाल और इंदौर में कलेक्टर रह चुके आईएएस से भी बेहद नजदीकी और अंतरंग संबंध है। कई भाजपा और कांग्रेस के करीबी है तथा उन्हें जाल में फसाया है। तो मोनिका यादव (18 वर्ष) राजगढ़ जिले की रहने वाली है। भोपाल में बीएससी की पढ़ाई कर रही है। उम्र 18 वर्ष से थोड़ी अधिक है। मोबाइल पर बातों और मैसेज से फांसने में सक्रिय है। यह लड़की अन्य आरोपियों के साथ मिलकर यह काला धंधा कर रही थी।

पुलिस ने इन आरोपी महिलाओं के पास से लगभग 17 लाख रूपए नगद, मोबाइल और लैपटॉप से कई अश्लील वीडियो क्लिप जिसमें 20 से अधिक राजनेताओं और प्रशासनिक अधिकारीयों के काले कारनामें कैद हैं बरामद किया है। पुलिस ने श्वेता विजय जैन, बरखा भटनागर और श्वेता स्वप्निल जैन की कोर्ट से रिमांड मांगी थी लेकिन कोर्ट ने तीनों को 03 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया वहीं आरती दयाल और मोनिका यादव को 27 तक पूछताछ के लिए पुलिस को रिमांड दी है।

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कुल मिलाकर समाचार पत्रों, समाचार चैनलों और सोशल मीडिया पर कई राजनेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम चल रहे है लेकिन इसकी अधिकारिक पुष्टि अभी तक होना बाकी है। जानकारों की मानें तो हनी ट्रेप कांड के खुलने के बाद अस्थिरता की स्थिति में झूल रही प्रदेश की कमलनाथ सरकार को संजीवनी मिली गई है। कई लोग समाचार चैनल और समाचार पत्र तो यह दावा कर रहे है कि हनी ट्रेप कांड में लिप्त आरोपी महिलाओं के जरिए कांग्रेस के कई वर्तमान विधायक और मंत्रियों को फंसाकर कमलनाथ सरकार को गिराने की साजिश रची जा रही थी। लेकिन पिछले पांच दिनों से जितने मुंह उतनी बातों के अलावा कुछ साफ तौर पर कहना मुश्किल है। भले ही सत्ताधारी कांग्रेस और पन्द्रह साल बाद विपक्ष की भूमिका में आई भाजपा के नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम इस हनी ट्रेप कांड में आ रहे हो लेकिन जांच एजेंसियों ने इसकी पुष्टि न होने से मामला गोलमाल लग रहा है साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि अब जांच एजेंसियां ही इन सफेदपोश लोगों को बचाने में लग गई है जिसके चलते तो यही कहावत समझ आ रही है कि इस हनी ट्रेप कांड में बस ढाक के तीन पात ही बचेंगे।

- दिनेश शुक्ल