Suvendu Adhikari के शासन में Bengal Durga Puja का विराट स्वरूप देखकर हर Hindu खुशी से झूम रहा, पंडालों में भक्तिभाव के साथ राष्ट्रभाव भी झलक रहा
बंगाल में दुर्गोत्सव का इतिहास समय के साथ व्यापक सामाजिक भागीदारी की कहानी भी कहता है। कभी संपन्न और प्रभावशाली परिवारों की राजबाड़ियों तक सीमित रहने वाली पूजा धीरे-धीरे बारोवारी और सार्वजनिक पूजा के माध्यम से आम लोगों के बड़े उत्सव में बदल गई।



























































