36 साल बाद पाकिस्तान बॉर्डर पर रूसी सेना, तालिबान के साथ मिलकर भारी गोलीबारी
रूस और उज़्बेकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य आतंकी घुसपैठ रोकना, क्षेत्रीय दबदबा बनाए रखना और नई तकनीक का परीक्षण करना है। वहीं दूसरी ओर, भारत सैन्य शक्ति के बजाय मानवीय सहायता, विकास परियोजनाओं और चाबहार पोर्ट जैसी व्यापारिक कनेक्टिविटी के माध्यम से संबंध मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।



























































