इस्लामाबाद मीटिंग के बाद चीन का बड़ा खेल, तेहरान में सैकड़ों टन बम और मिसाइल!
चीन और ईरान के बीच ये जो तकनीकी सहयोग है यह पहले से ही रहा है। यह नया नहीं है। सूत्रों का यह भी कहना है कि चीनी कंपनियां ईरान को ड्यूल यूज़ टेक्नोलॉजी देती रही है। जिससे ईरान जो है वो अपने हथियार और नेविगेशन सिस्टम को और भी ज्यादा बेहतर बना सके और यह बेहतर बनाता आया भी है। लेकिन अगर सीधे हथियार सिस्टम ट्रांसफर होता है तो यह मदद का एक बिल्कुल ही नया स्तर होगा।



























































