ईरान ने US वार्ता के बीच पाक पर तालिबान का हमला, दागे रॉकेट, भागी मुनीर की सेना

ईरान और अमेरिका जैसे देशों के बीच यहां पर वो बातचीत करवाने की कोशिश कर रहा है। दावा कर रहा है। लेकिन इस्लामाबाद में जो हुआ उसने पाकिस्तान की पोल खोल कर रख दी है।
पाकिस्तान में इस वक्त शांति वार्ता चल रही है। ईरान, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बता दें कि इस्लामाबाद में हाई लेवल मीटिंग जारी है। लेकिन बता दें कि तभी अफगानिस्तान ने एक साथ कई सारे रॉकेट दाग दिए हैं पाकिस्तान पर और इस हमले के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है। पूरी दुनिया हैरान है। इस्लामाबाद तक हिल गया है। अलर्ट जारी कर दिया है हर तरफ। लेकिन सबसे हैरान कर देने वाली बात जो सामने आई वो यह है कि हमले से ठीक पहले ही पाकिस्तान के फेल मार्शल असीम मुनीर ने अपनी वर्दी तक उतार दी है। सोचिए यह कितनी बड़ी बेइज्जती है कि जब आपके देश में इंटरनेशनल डेलीगेशन मौजूद हो। दुनिया की सबसे बड़ी ताकत के जो प्रतिनिधि है, उपराष्ट्रपति है, वह आपके मेहमान हो। लेकिन दूसरी तरफ आप ही के देश पर हमले शुरू हो जाए। दरअसल बता दें कि पाकिस्तान इस वक्त खुद अपने आप को एक बड़े पीस ब्रोकर के तौर पर पेश करने की लगातार फेल कोशिश कर रहा है।
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ईरान और अमेरिका जैसे देशों के बीच यहां पर वो बातचीत करवाने की कोशिश कर रहा है। दावा कर रहा है। लेकिन इस्लामाबाद में जो हुआ उसने पाकिस्तान की पोल खोल कर रख दी है। इस्लामाबाद में इंटरनेशनल डेलीगेशन मौजूद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के बड़े नेता अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इस मीटिंग में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं। लेकिन इसी बीच जो हुआ उसने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सारे सवाल खड़े कर दिए हैं और पोल भी खोल कर रख दी है। खैर सबसे पहले जो ताजा मामला सामने आया है उसका खुलासा आपके सामने कर देते हैं। खबरों के मुताबिक अफगानिस्तान की तरफ से कुनार प्रांत के नारी जिले में डूंड लाइन के पास स्थित पाकिस्तान की टोर कमर चौकी को निशाना बनाया गया है। इससे टारगेट किया गया है और रॉकेट से इसे टारगेट किया गया। इस हमले में मोटार, रॉकेट और भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया अफगानिस्तान की तरफ से।यह दावा किया जा रहा है कि इस हमले में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ है और पाकिस्तान के जो कई सैनिक हैं ये अपनी पोस्ट छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए हैं।
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अफगानिस्तान ने इन्हें भगा दिया है। दरअसल बता दें कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पिछले दो महीनों से ही लगातार तनाव जो है वो बना हुआ है। लगातार यहां पर एक दूसरे पर हमले किए जा रहे हैं। डूरंड लाइन को लेकर विवाद कोई नया नहीं है। लेकिन हाल के दिनों में ये जो टकराव है ये और भी ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है।
अफगान की जो तालीबान सरकार है ये पहले ही पाकिस्तान को ये खुली चेतावनी दे चुकी है कि अगर आपने उकसावे जारी रखे तो पाकिस्तान को नक्शे से मिटा दिया जाएगा। पाकिस्तान को भूगोल से हटा दिया जाएगा। और ये जो ताजा हमला है ये उसी बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि जब पाकिस्तान में पहले ही अलर्ट था जब अंदरूनी इतने क्लेश चल ही रहे हैं जब इंटरनेशनल डेलीगेशन वहां पर पाकिस्तान में आया हुआ है तो फिर यह हमला कैसे हो गया? क्या इंटेलिजेंस फेल हुई या फिर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से यहां पर पाकिस्तान में नाकाम रही। एक तरफ पाकिस्तान दुनिया के सामने अपनी छवि को एक जिम्मेदार देश की भूमिका में निभाने वाला बनाना चाहता है। दिखावा कर रहा है जो बड़े देशों के बीच शांति पहल कर रहा है। लेकिन दूसरी तरफ जो जमीनी हकीकत है वो कुछ और ही कहानी यहां पर बयां कर रही है। सरहदों पर हमले हो रहे हैं पाकिस्तान के। बॉर्डर पर लगातार स्ट्राइक है। अंदर सुरक्षा में चूक हो रही है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अब ये लगातार सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान की सुरक्षा को लेकर। अब देखना ये होगा कि पाकिस्तान इस दोहरी चुनौती से कैसे निपटता है और क्या ये टकराव आने वाले दिनों में और भी ज्यादा बड़ा रूप लेगा।
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