सुप्रीम कोर्ट के आवश्यक न्यायिक फैसलों के उजाले
आज देश को ऐसी न्यायिक सक्रियता की आवश्यकता है, जो अन्याय के सामने निर्भीक हो, लेकिन अपने अधिकार क्षेत्र के प्रति सजग भी रहे, जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करे, लेकिन राजनीतिक आग्रहों से अप्रभावित रहे, जो संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखे, लेकिन उनकी जवाबदेही को भी सुनिश्चित करे।



























































