सवालों के घेरे में हैं 'जेएनयू के क्रांतिकारियों' की 'चयनित चुप्पियां'
स्त्रियों ने इस समय में अपनी शक्ति को पहचान लिया है। वे बेहतर कर रही हैं और आगे आसमां छूने की कोशिशों में हैं। यहां भी पुरुष सत्ता चोटिल होती हुई लगती है। उसके प्रति सम्मान और संवेदनशीलता के बजाए, किस्से बनाने और उसे कमतर साबित करने की कोशिशें हर स्तर हो रही हैं।



























































