Chai Par Sameeksha: क्या इस बार नहीं चल पायेगा Mamata Banerjee का खेला? इतनी परेशान क्यों है TMC?

नीरज दुबे ने आगे कहा कि अगर ममता बनर्जी को लगता है कि जो कार्रवाई हो रही है वह किसी राजनीतिक दुर्भावना से की जा रही है तो उनको जवाब देना चाहिए कि आखिर पूरा मामला क्या है? पश्चिम बंगाल के कई मंत्रियों के यहां, कई विधायकों के यहां छापे पड़ते रहे हैं। लेकिन ममता बनर्जी सिर्फ आई पैक्क के ही ऑफिस में क्यों गईं?
प्रभासाक्षी के साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह हमने पश्चिम बंगाल और दिल्ली की राजनीति पर बातचीत की है। हमेशा की तरह इस कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे। नीरज कुमार दुबे ने पश्चिम बंगाल को लेकर साफ तौर पर कहा कि जिस तरह की स्थिति वहां पर देखने को मिल रही है, उससे ऐसा लगता है कि राज्य में कानून व्यवस्था की अच्छी स्थिति नहीं है। नीरज दुबे ने साफ तौर पर कहा कि जब कोई आम व्यक्ति सरकारी कामकाज में बाधा डालता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है लेकिन ममता बनर्जी के खिलाफ के कार्यवाही क्यों नहीं की गई? सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि जिनके ऊपर कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी है, वही कानून का मजाक बना रही हैं।
नीरज दुबे ने आगे कहा कि अगर ममता बनर्जी को लगता है कि जो कार्रवाई हो रही है वह किसी राजनीतिक दुर्भावना से की जा रही है तो उनको जवाब देना चाहिए कि आखिर पूरा मामला क्या है? पश्चिम बंगाल के कई मंत्रियों के यहां, कई विधायकों के यहां छापे पड़ते रहे हैं। लेकिन ममता बनर्जी सिर्फ आई पैक्क के ही ऑफिस में क्यों गईं? सिर्फ प्रतीक जैन के यहां ही क्यों गईं? इससे कई संदेह पैदा होता है। नीरज दुबे ने कहा कि इससे संदेह यह उठता है कि क्या ममता बनर्जी का कोई हित है जो प्रभावित हो रहा है।
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नीरज दुबे ने कहा कि अब तक हमने पश्चिम बंगाल में कई बार देखा है कि जो जांच एजेंसी जाती है, उन पर हमले किए जाते हैं, उन पर पत्थर बाजी की जाती है। ऐसे में जाहिर सी बात है कि कानून व्यवस्था को लेकर बंगाल में सवाल खड़े होते हैं। ममता बनर्जी उसको दुरुस्त करने की बजाय खुद सड़कों पर उतरकर कानून व्यवस्था को तार-तार करती हैं और अपने समर्थकों को खुली छूट मिलने का भी संदेश देती है। नीरज दुबे ने साफ तौर पर कहा कि ममता बनर्जी जो कुछ भी कर रही हैं, वह कार्यकर्ताओं के लिए भी एक संदेश देना चाहती हैं कि हमें भी ऐसे ही सड़कों पर उतरना होगा यही काम करना होगा। इसका मतलब साफ है कि पश्चिम बंगाल का चुनाव में विकास, रोजगार मुद्दा नहीं रहने वाला है सिर्फ सत्ता को बचाने की कवायद देखने को मिलेगी।
दिल्ली की राजनीति को लेकर नीरज दुबे ने कहा कि अरविंद केजरीवाल फिलहाल पूरी तरीके से पंजाब शिफ्ट हो गए हैं। उनको दिल्ली से कोई मतलब नहीं है। दिल्ली में विधानसभा का सत्र चल रहा है। लेकिन जो नेता प्रतिपक्ष है वह गोवा गायब हो जाती हैं। इसके अलावा आतिशी जब विधानसभा में आती है तो वह जिस तरीके से गुरुओं को लेकर बयान देती हैं जिसके बाद से बीजेपी सवाल खड़े कर रही है। आम आदमी पार्टी पूरा का पूरा पंजाब फोकस करके बैठी हुई है ताकि वहां सरकार बचाई जा सके। नीरज दुबे ने साफ तौर पर कहा कि अब आम आदमी पार्टी पंजाब से ही चल रही है। आम आदमी पार्टी पूरी तरीके से पंजाब में राजनीतिक कर रही है। दिल्ली में फिलहाल पार्टी सक्रिय दिखाई नहीं दे रही है।
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