Ashmita Chaliha ने जीता Korea Masters, चीन की हान कियान को हराकर हासिल किया पहला BWF खिताब

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भारतीय शटलर अश्मिता चालिहा ने कोरिया के आसन में आयोजित कोरिया मास्टर्स सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट का महिला एकल खिताब अपने नाम कर लिया है। असम की 26 वर्षीय खिलाड़ी ने फाइनल मुकाबले में चीन की चौथी वरीयता प्राप्त हान कियान शी को 53 मिनट में 14-21, 21-14, 21-14 से पराजित किया। घुटने की सर्जरी से उबरकर वापसी करने वाली विश्व में 50वें नंबर की अश्मिता के करियर का यह पहला बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब है।

आसन (कोरिया), नौ अगस्त भारत की अश्मिता चालिहा ने रविवार को यहां कोरिया मास्टर्स सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल फाइनल में चीन की चौथी वरीयता प्राप्त हान कियान शी को हराकर अपना पहला बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब हासिल जीता। असम की रहने वाली इस 26 वर्षीय खिलाड़ी ने पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए विश्व में 35वें नंबर की खिलाड़ी हान को 53 मिनट तक चले मैच में 14-21, 21-14, 21-14 से हराया। चालिहा ने कहा, ‘‘मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।

यह अविश्वसनीय है लेकिन मैं इसे समझने की कोशिश कर रही हूं। इसने मेरी आगे और भी कुछ हासिल करने की भूख बढ़ा दी है।’’ इस तरह से भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार दूसरे सप्ताह बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर का खिताब जीता। तन्वी शर्मा ने पिछले रविवार को ताइपे ओपन का खिताब अपने नाम किया था।

भारतीय खिलाड़ी ने अच्छी शुरुआत की तथा पहले 3-0 और फिर 9-5 से बढ़त हासिल कर ली। लेकिन हान ने शानदार वापसी की और उन्होंने स्कोर 11-11 से बराबर कर दिया। चीनी शटलर ने अपनी लय हासिल करने के बाद लगातार अंक बनाए और मैच पर नियंत्रण बना दिया।

इसके बाद उन्हें पहला गेम जीतने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। विश्व रैंकिंग में 50वें स्थान पर काबिज चालिहा ने दूसरे गेम में अधिक आत्मविश्वास के साथ आक्रामक खेल दिखाया और अपने स्मैश का अच्छा इस्तेमाल करते हुए हान पर दबाव बनाया। एक समय दोनों खिलाड़ी 6-6 से बराबरी पर थी।

लेकिन इंटरवल तक भारतीय खिलाड़ी 11-8 से आगे हो गई। उन्होंने इसके बाद भी अपना दबदबा बनाए रखा। हान अंतर को कम करने के लिए संघर्ष करती रही।

चालिहा ने 17-10 से बढ़त हासिल करने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। तीसरे गेम के शुरू में दोनों खिलाड़ियों ने एक दूसरे के सामने कड़ी चुनौती पेश की। चालिहा ने शुरू में 5-2 की बढ़त हासिल कर ली, लेकिन इंटरवल तक हान 11-9 से आगे थी।

चालिहा ने संघर्ष जारी रखा और धीरे-धीरे मैच का रुख अपने पक्ष में मोड़ लिया। उन्होंने लगातार छह अंक बनाकर 15-11 से बढ़त हासिल कर ली। भारतीय खिलाड़ी ने एक क्रॉस-कोर्ट विनर से स्कोर 19-14 कर दिया।

इसके बाद हान ने अपना रिटर्न शॉट बाहर मार दिया, जिससे चालिहा को चैंपियनशिप प्वाइंट मिल गया और फिर उन्होंने अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीतने में देर नहीं लगाई। चालिहा ने कहा, ‘‘पहले गेम में ड्रिफ्ट की वजह से थोड़ी मुश्किल हुई, इसलिए मैं इस पर नियंत्रण नहीं बना सकी लेकिन दूसरे गेम में दूसरी तरफ स्थिति बेहतर थी और ड्रिफ्ट कम थी, इसलिए मैं इसे नियंत्रित कर पाई। तीसरे गेम में 11 प्वाइंट के बाद, मैंने फिर से रणनीति बदली, इसलिए मैं बेहतर स्थिति में थी।

मुझे खुशी है कि मैं यह कर पाई।’’ चालिहा 2024 में कोरिया ओपन के दौरान चोटिल हो गई थी। उनके दाहिने घुटने में चोट लगी थी जिसके लिए उन्हें सर्जरी करानी पड़ी। उन्होंने अगले साल फरवरी में वापसी की और 14 प्रतियोगिताओं में भाग लिया।

इस साल उन्होंने बीडब्ल्यूएफ टूर पर शानदार वापसी करते हुए चाइना मास्टर्स और मलेशिया मास्टर्स के क्वार्टर फाइनल और फिर मकाऊ ओपन के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। चालिहा गुवाहाटी स्थित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में पार्क ताए-सांग के मार्गदर्शन में अभ्यास करती है।

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