FIFA World Cup: Cristiano Ronaldo पर सस्पेंस, Spain के खिलाफ Portugal के लिए 'करो या मरो' का मुकाबला

डलास में होने वाले फीफा विश्व कप प्री-क्वार्टर फाइनल में शानदार फॉर्म में चल रही स्पेनिश टीम का सामना पुर्तगाल से है, जिसके कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो की फॉर्म चिंता का विषय है। इस मुकाबले में मिडफील्ड की जंग निर्णायक साबित हो सकती है, जहां गेंद पर नियंत्रण रखने वाली टीम के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की संभावना अधिक होगी।
फीफा विश्व कप में अब नॉकआउट मुकाबलों का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। इसी कड़ी में सोमवार को डलास में स्पेन और पुर्तगाल के बीच होने वाला प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबला पूरे फुटबॉल जगत की नजरों का केंद्र बना हुआ है। दोनों पड़ोसी देशों के बीच वर्षों पुरानी प्रतिद्वंद्विता रही है और इस बार दांव पर क्वार्टर फाइनल में जगह होगी। ऐसे में मुकाबले के बेहद रोमांचक होने की उम्मीद की जा रही है।
बता दें कि स्पेन और पुर्तगाल अब तक 43 बार एक-दूसरे के खिलाफ खेल चुके हैं। दोनों टीमें कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी आमने-सामने आ चुकी हैं। हालांकि विश्व कप के इतिहास में यह मुकाबला सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हारने वाली टीम का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा।
इस मुकाबले से पहले सबसे बड़ी चर्चा पुर्तगाल के अनुभवी कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो को लेकर हो रही है। 41 वर्षीय रोनाल्डो ने इस विश्व कप में अब तक मिले-जुले प्रदर्शन किए हैं। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के खिलाफ पहले मुकाबले में वह कई आसान मौके चूक गए थे। इसके बाद उज्बेकिस्तान के खिलाफ उन्होंने दो गोल दागकर विश्व कप के छह अलग-अलग संस्करणों में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया। हालांकि इसके बाद कोलंबिया के खिलाफ वह प्रभाव नहीं छोड़ सके।
गौरतलब है कि क्रोएशिया के खिलाफ पिछले नॉकआउट मुकाबले में रोनाल्डो ने पेनाल्टी पर गोल जरूर किया, लेकिन उन्हें 81वें मिनट में मैदान से बाहर बुला लिया गया। उनकी जगह गोंसालो रामोस मैदान पर आए और उन्होंने एक्सट्रा समय में विजयी गोल दाग दिया। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुर्तगाल के मुख्य कोच रोबर्टो मार्टिनेज स्पेन के खिलाफ फिर रोनाल्डो को शुरुआती एकादश में मौका देंगे या गोंसालो रामोस पर भरोसा जताएंगे।
दूसरी ओर स्पेन शानदार लय में नजर आ रहा है। मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते की टीम पिछले 34 मुकाबलों से अजेय है। मौजूद जानकारी के अनुसार, स्पेन ने इस विश्व कप में अब तक बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लगातार मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाया है। टीम ने चार मुकाबलों में केवल चार गोल खाए हैं और लगातार छठा क्लीन शीट हासिल करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।
स्पेन के युवा स्टार लामिन यामाल पर भी सभी की नजरें रहेंगी। बार्सिलोना के लिए खेलते हुए अप्रैल में चोटिल होने के बाद उनके विश्व कप में खेलने पर सवाल खड़े हो गए थे। हालांकि उन्होंने वापसी करते हुए ऑस्ट्रिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया और अब पूरी तरह फिट बताए जा रहे हैं। उनके साथ मिकेल ओयारजाबाल, दानी ओल्मो, रोड्री और पेड्री स्पेन की सबसे बड़ी ताकत माने जा रहे हैं।
वहीं पुर्तगाल की मिडफील्ड भी काफी मजबूत है। ब्रूनो फर्नांडिस, वितिन्हा और जोआओ नेवेस जैसे खिलाड़ी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। यही कारण है कि विशेषज्ञ इस मुकाबले में मिडफील्ड की लड़ाई को सबसे निर्णायक मान रहे हैं। जो टीम गेंद पर ज्यादा नियंत्रण बनाए रखेगी, उसके जीतने की संभावना भी अधिक होगी।
बता दें कि दोनों टीमों के बीच पिछले बड़े मुकाबले काफी करीबी रहे हैं। वर्ष 2018 के विश्व कप में दोनों टीमों के बीच 3-3 से रोमांचक ड्रॉ हुआ था, जिसमें क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने हैट्रिक लगाई थी। वहीं 2025 में राष्ट्र संघ के फाइनल में पुर्तगाल ने पेनाल्टी शूटआउट में स्पेन को हराया था। हालांकि कुल रिकॉर्ड स्पेन के पक्ष में रहा है और पिछले 12 प्रतिस्पर्धी मुकाबलों में पुर्तगाल केवल एक बार ही जीत दर्ज कर पाया है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अनुभवी क्रिस्टियानो रोनाल्डो एक बार फिर बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ पाएंगे या फिर स्पेन की युवा और संतुलित टीम क्वार्टर फाइनल का टिकट अपने नाम करेगी। दोनों टीमों की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए फुटबॉल प्रेमियों को एक बेहद रोमांचक और उच्च स्तर का मुकाबला देखने को मिलने की उम्मीद हैं।
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