FIH World Cup: Indian Women Hockey Team ने चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोका, नवनीत और दीपिका चमकीं

एम्सटेलवीन में रविवार को खेले गए एफआईएच विश्व कप के पूल डी मुकाबले में भारतीय महिला हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता चीन की टीम को 2-2 से ड्रॉ पर रोक दिया। भारत की ओर से नवनीत कौर और दीपिका ने गोल दागे, जबकि हाफटाइम तक भारतीय टीम 2-1 से आगे चल रही थी। भारतीय टीम अपने अगले मुकाबले में 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका का सामना करेगी।
(मोना पार्थसारथी) एम्सटेलवीन, 16 अगस्त भारतीय महिला हॉकी टीम ने साहसिक प्रदर्शन करते हुए एफआईएच विश्व कप में रविवार को पेरिस ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को पूल डी के सबसे कठिन मुकाबले में 2-2 से ड्रॉ पर रोककर अपने अभियान की शानदार शुरूआत की। पूल डी में भारत के लिये सबसे कठिन चुनौती माने जा रहे इस मुकाबले में भारत ने शुरूआती क्वार्टर में ही दबदबा बना लिया था और चीन को खुलकर खेलने नहीं दिया। हाफटाइम तक उसके पास 2-1 की बढत थी।
आखिरी क्वार्टर में अगर भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिल जाता तो नतीजा कुछ और हो सकता था। पूरे मैच में शानदार फॉर्म में रही नवनीत कौर सर्कल में गेंद लेकर घुसने का प्रयास कर रही थी लेकिन चीन ने उनके प्रयास को नाकाम कर दिया। मैच के बाद भारतीय कोच शोर्ड मारिन ने भारत को पेनल्टी कॉर्नर नहीं दिये जाने पर नाराजगी भी जताई थी।
भारत के लिये नवनीत कौर (आठवां मिनट) और दीपिका (26वां मिनट) ने गोल दागे जबकि चीन के लिये 14वें मिनट में झांग यिंग ने पेनल्टी स्ट्रोक पर और 39वें मिनट में मा निंग ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया। भारत को अब 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका से खेलना है जिसे आज एक अन्य मैच में इंग्लैंड ने 4-0 से हराया। भारत ने बेहद आक्रामक शुरूआत की और दूसरे ही मिनट में बायीं विंग से सुनेलिटा टोप्पो गेंद लेकर सर्कल में घुसी जिन्होंने दीपिका को पास दिया लेकिन उनके डिफ्लेक्शन के प्रयास को चीनी गोलकीपर लि तिंग ने नाकाम कर दिया।
इसके तीन मिनट बाद बलजीत से गेंद लेकर दाहिनी विंग से लालरेम्सियामी ने सर्कल में प्रवेश करके भारत के लिये पेनल्टी कॉर्नर बनाया। उस समय ड्रैग फ्लिकर दीपिका मैदान पर नहीं थी जिनकी गैर मौजूदगी में नवनीत ने हिट लिया लेकिन सफलता नहीं मिली। हैदराबाद में विश्व कप क्वालीफायर में चार गोल करके ‘प्लेयर आफ द टूर्नामेंट’ रही नवनीत ने आठवें मिनट में भारत को पहली सफलता दिलाई।
भारत को मिली फ्री हिट पर नेहा ने सर्कल पर नवनीत को गेंद सौंपी और उसने जबर्दस्त टाइमिंग और नियंत्रण दिखाते हुए फील्ड गोल दागा। पहले क्वार्टर का खेल पूरी तरह से भारत के नाम रहा। बलजीत और लालरेम्सियामी ने दोनों विंग से उम्दा प्रदर्शन किया जबकि फॉरवर्ड पंक्ति ने कई बार चीन के सर्कल में सेंध लगाई।
रैफरी ने चीन को पहले क्वार्टर के आखिरी मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक दिया चूंकि उन्हें लगा कि शिल्पी डबास ने चीन की झांग यिंग को बाधा पहुंचाई थी। भारत ने रेफरल लिया जिसे टीवी अंपायर ने नकार दिया और यिंग ने चीन के लिये बराबरी का गोल दागा। दूसरे क्वार्टर की शुरूआत में ही शिल्पी ने पेंग यांग की रिवर्स हिट रोककर चीन को बढत बनाने से रोका।
भारतीय फॉरवर्ड पंक्ति ने लगातार हमले जारी रखे और इसका परिणाम 22वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के रूप में मिला। इस बार भी दीपिका मैदान पर नहीं थी और नवनीत का पहला और रिबाउंड शॉट चीनी डिफेंस ने कामयाब नहीं होने दिया। लालरेम्सियामी को दूसरी हिट पर चोट भी लगी और उन्हें कुछ देर के लिये मैदान से जाना पड़ा।
भारत को पेनल्टी कॉर्नर पर पहली सफलता दीपिका ने दिलाई और 24वें मिनट में गोल करके भारत को 2 -1 से बढत दिला दी। इस फैसले के खिलाफ चीन का वीडियो रेफरल नाकाम रहा। भारत ने हाफ टाइम तक चीन के खिलाफ 2-1 की बढत बना ली थी।
चीन ने तीसरे क्वार्टर में मैच में वापसी की और लगातार हमलों से भारतीय डिफेंस को व्यस्त रखा। वहीं पहले क्वार्टर में आक्रामक प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ी रक्षात्मक हॉकी खेलते दिखे जिसका फायदा चीन ने उठाया। अपना 314वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रही टूर्नामेंट की सबसे अनुभवी खिलाड़ी सविता ने 33वें मिनट में शानदार बचाव करके चीन को बढत लेने से रोका।
इसके पांच मिनट बाद पेंग यांग का गोल पर हमला उन्होंने फिर बचाया लेकिन अगले मिनट मिले पेनल्टी कॉर्नर पर मा निंग ने गोल करके स्कोर बराबर कर दिया। चीन को 39वें मिनट में फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला और एक बार फिर सविता ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करके झांग यिंग के प्रयास को नाकाम कर दिया। आखिरी क्वार्टर में नवनीत ने 52वें मिनट में सर्कल के भीतर लालरेम्सियामी को क्रॉस दिया लेकिन उसने स्टिक लगाने में देर कर दी।
रिबाउंड पर उसके शॉट लेने से पहले ही चीन के डिफेंडरों ने गेंद छीन ली। अगले मिनट चीन की झोउ मोरांग को ग्रीन कार्ड मिला और उसे दो मिनट तक दस खिलाड़ियों के साथ ही खेलना पड़ा लेकिन भारत इसका फायदा नहीं उठा सका। चीन को 56वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन गोल नहीं हो सका।
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