विश्व टूर फाइनल्स के शुरुआती मुकाबले में हारे पीवी सिंधु और किदांबी श्रीकांत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 27, 2021   17:34
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विश्व टूर फाइनल्स के शुरुआती मुकाबले में हारे पीवी सिंधु और किदांबी श्रीकांत

सिंधु और श्रीकांत विश्व टूर फाइनल्स के शुरूआती मुकाबले में हारे।सिंधु की यह जु यिंग से 21वीं भिड़ंत में 16वीं हार है। उन्होंने कहा, ‘‘यह कठिन ग्रुप है। मुझे शत प्रतिशत देना होगा। ’’ वहीं 14वीं रैंकिंग पर काबिज श्रीकांत का मुकाबला गुरूवार को चीनी ताइपे के चौथे वरीय वांग जु वेई से होगा।

बैंकाक। भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और किदाम्बी श्रीकांत बुधवार को यहां एचएसबीसी बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर फाइनल्स में अपने ग्रुप बी के शुरूआती मुकाबलों में हार गये। टोयोटा थाईलैंड ओपन के क्वार्टरफाइनल में मिली हार के एक हफ्ते बाद विश्व चैम्पियन बैडमिंटन खिलाड़ी सिंधु ने हालांकि बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन वह 59 मिनट तक चले मुकाबले में ताईवान की दुनिया की नंबर एक शटलर ताइ जु यिंग के खिलाफ जीत दर्ज करने में नाकाम रही और 21-19 12-21 17-21 से हार गयी। सिंधु ने कहा, ‘‘यह अच्छा मैच था, कोई भी अंक आसानी से नहीं मिला। तीसरे गेम में मैंने वापसी की और एक समय सिर्फ एक अंक का अंतर था। मैं रैली के दौरान दो बार अपने रैकेट की स्ट्रिंग तुड़वा बैठी और इससे फर्क पड़ा। ’’ सिंधु की यह जु यिंग से 21वीं भिड़ंत में 16वीं हार है। उन्होंने कहा, ‘‘यह कठिन ग्रुप है। मुझे शत प्रतिशत देना होगा। ’’ विश्व रैंकिंग में पहले स्थान पर रह चुके श्रीकांत भी एक गेम में बढ़त बनाने के बावजूद 77 मिनट तक चले मुकाबले में दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी एंडर्स एंटोनसेन से 21-15 16-21 18-21 पराजित हो गये। ओलंपिक रजत पदकधारी सिंधु ने यह प्रतिष्ठित खिताब 2018 में अपने नाम किया था।अब वह 15 लाख डॉलर ईनामी राशि के टूर्नामेंट में घरेलू प्रबल दावेदार रतचानोक इंतानोन से भिड़ेंगी जिन्होंने पिछले हफ्ते उन्हें करारी शिकस्त दी थी। वहीं 14वीं रैंकिंग पर काबिज श्रीकांत का मुकाबला गुरूवार को चीनी ताइपे के चौथे वरीय वांग जु वेई से होगा।

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शुरूआती गेम काफी करीबी रहा जिसमें सिंधु और जु यिंग के बीच दिलचस्प मुकाबला हुआ। ताईवान की खिलाड़ी ने गेम में ज्यादातर समय बढ़त बनायी लेकिन सिंधु भी वापसी करती रहीं और अंत में लगातार चार प्वाइंट बनाकर गेम अपने नाम किया। जु यिंग 5-3 से बढ़त बनाये थी और फिर सिंधु के नेट पर कुछ अंक गंवाने से उन्होंने इसे 11-8 कर लिया। सिंधु शानदार क्रास कोर्ट स्लाइस शॉट और बैकहैंड रिटर्न से वापसी करते हुए 16-16 की बराबरी पर पहुंच गयी। जु यिंह हालांकि फिर आगे हो गयीं। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने दो तेज तर्रार स्मैश लगाकर अंक 19-19 कर लिये और गेम प्वाइंट हासिल किया। सिंधु ने फिर नेट पर क्रास कोर्ट रिटर्न शॉट खेला, उनकी प्रतिद्वंद्वी इसे बचा नहीं सकीं और इस भारतीय ने पहला गेम अपने नाम किया। पर दूसरे गेम में जु यिंह ने आक्रामक खेल दिखाते हुए 6-0 से बढ़त बना ली। सिंधु इसे 3-7 ही कर पायी थीं कि ताईवानी खिलाड़ी तेजी से 9-4 से आगे हो गयी। सिंधु की दो सहज गलतियों का फायदा उठाते हुए जु यिंग ब्रेक तक 11-4 से आगे थीं।

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ताईवानी खिलाड़ी ने सिंधु पर दबाव बरकरार रखते हुए 19-9 के स्कोर के बाद क्रास कोर्ट रिटर्न से गेम अपने नाम कर मैच 1-1 से बराबर कर लिया। निर्णायक गेम में भी जु यिंग ने शुरू में 6-3 की बढ़त ले ली, हालांकि कुछ गलतियों को फायदा उठाकर सिंधु 6-6 से बराबरी पर गयीं। पर दूसरी वरीय ताईवानी ने ब्रेक तक स्कोर 11-9 कर दिया। इसके बाद 13-15 के अंत तक सिंधु ने दो अंक का अंतर बनाये रखा पर भारतीय खिलाड़ी के नेट पर कमजोर रिटर्न से जु यिंग 17-13 से आने होने में कामयाब हो गयीं। जु यिंग ने तीन मैच प्वाइंट अपने नाम करने के बाद शानदार रिटर्न से मैच जीत लिया। सत्र के फाइनल में चौथी बार जगह बनाने वाले श्रीकांत पहले गेम में शुरू में 7-1 से आगे हो गये लेकिन कुछ सहज गलतियों से डेनमार्क के एंटोनसेन को फायदा मिला। दानिश खिलाड़ी ने 35 शॉट की लंबी रैली में भी अंक जुटाया लेकिन श्रीकांत ब्रेक तक तीन अंक की बढ़त बनाने में कामयाब रहे। पर फिर एंटोनसेन एक स्मैश से 12-12 से बराबरी पर आ गये।

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श्रीकांत ने फिर शानदार वापसी कर इसे 16-13 कर दिया और फिर दो स्मैश से वह 19-13 से आगे हो गये। जल्द ही उन्होंने पांच गेम प्वाइंट मौकों पर फायदा उठाकर इस गेम को अपनी झोली में डाल लिया। दूसरे गेम में एंटोनसेन ने 0-2 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए स्कोर 5-2 कर दिया। ब्रेक तक वह श्रीकांत पर चार अंक की बढ़त बनाये थे। श्रीकांत ने हालांकि वापसी की और इसे 15-16 कर दिया, पर एंटोनसेन ने फिर चार गेम प्वाइंट हासिल कर दूसरा गेम जीत लिया। निर्णायक तीसरे गेम में श्रीकांत ब्रेक तक दो अंक की बढ़त बनाये थे लेकिन वह कई सहज गलतियां कर बैठे और एंटोनेसन ने वापसी कर 13-13 से बराबरी हासिल कर ली। दो बेहतरीन रैलियों में दोनों ने एक एक पर अंक जुटाये लेकिन अंत में एंटोनसेन ने तीन मैच प्वाइंट अपने नाम किये और श्रीकांत एक अंक बचाने के बाद लांग हिट कर बैठे और दानिश खिलाड़ी ने मैच जीत लिया।





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भारत पर भारी पड़ा कोविड का मामला, तीन मुक्केबाज फाइनल से हटे

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   12:53
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भारत पर भारी पड़ा कोविड का मामला, तीन मुक्केबाज फाइनल से हटे

ओलंपिक के लिये क्वालीफाई कर चुके आशीष कुमार (75 किग्रा) का वायरस के लिये परीक्षण पॉजीटिव आया है और इस कारण उनके साथ एक कमरे में रह रहे मोहम्मद हुसामुद्दीन (57 किग्रा) और सुमित सांगवान (81 किग्रा) को भी शनिवार को फाइनल मुकाबलों से हटना पड़ा।

नयी दिल्ली। भारत के एक खिलाड़ी के कोविड-19 के लिये पॉजीटिव पाये जाने के कारण उसके तीन मुक्केबाजों को स्पेन के कैस्टेलियोन में 35वें बोक्साम इंटरनेशनल टूर्नामेंट में फाइनल के अपने मुकाबलों से हटना पड़ा। ओलंपिक के लिये क्वालीफाई कर चुके आशीष कुमार (75 किग्रा) का वायरस के लिये परीक्षण पॉजीटिव आया है और इस कारण उनके साथ एक कमरे में रह रहे मोहम्मद हुसामुद्दीन (57 किग्रा) और सुमित सांगवान (81 किग्रा) को भी शनिवार को फाइनल मुकाबलों से हटना पड़ा। इन तीनों का स्वर्ण पदक पक्का माना जा रहा था लेकिन उन्हें इन विपरीत परिस्थितियों के कारण रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय मुक्केबाजी के हाई परफोरमेन्स निदेशक सैंटियागो नीवा ने कैस्टलियोन से कहा, ‘‘जिस प्रतियोगिता की शुरुआत शानदार रही उसका अंत निराशाजनक रहा। ’’ आशीष में बीमारी के कोई लक्षण नहीं हैं और वह स्वस्थ हैं। वह भारत लौटने से पहले कैस्टेलियोन में दो सप्ताह तक पृथकवास पर रहेंगे। हुसामुद्दीन और सुमित का परीक्षण नेगेटिव आया है और वे टीम के साथ सोमवार को स्वदेश लौट जाएंगे। भारतीय टीम स्पेन से मुंबई पहुंचेगी। सतीश कुमार (91 किग्रा से अधिक) भी बीमार होने के कारण फाइनल में भाग नहीं ले पाएंगे। इस तरह से मनीष कौशिक (65 किग्रा) भारत की तरफ से स्वर्ण पदक जीतने वाले एकमात्र मुक्केबाज रहे। 

उन्होंने फाइनल में डेनमार्क के निकोलेई टेरटेरयान को हराया। मनीष ने इस तरह से घुटने की चोट से उबरकर शानदार वापसी भी की। चोट के कारण वह एक साल तक बाहर रहे थे। महिलाओं में सिमरनजीत कौर (60 किग्रा) को भी फाइनल से हटना पड़ा क्योंकि सेमीफाइनल की उनकी प्रतिद्वंद्वी प्यूर्टोरिको की किरिया टापिया का परीक्षण पॉजीटिव पाया गया था। भारतीय खिलाड़ी का परीक्षण हालांकि नेगेटिव आया था। भारतीय महिला मुक्केबाजी के हाई परफोरमेन्स निदेशक राफेल बरगामस्को ने कहा, ‘‘स्थानीय सरकार के नियमों के अनुसार वह प्रतिस्पर्धा में भाग नहीं ले सकती। ’’ विकास कृष्णन (69 किग्रा) शनिवार को फाइनल में रिंग पर उतरे लेकिन वह संघर्षपूर्ण मुकाबले में स्पेन के योउबा सिसोखो से हार गये। इस मुकाबले के दौरान भारतीय मुक्केबाज की दायीं आंख के ऊपर चोट लग गयी थी। महिला वर्ग में पूजा रानी (75 किग्रा) और जैसमीन (57 किग्रा) को भी रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत ने इस तरह से इस प्रतियोगिता में एक स्वर्ण, आठ रजत और एक कांस्य पदक जीता। छह बार की विश्व चैंपियन एम सी मैरीकोम को कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा। इस प्रतियोगिता में रूस, अमेरिका, इटली और कजाखस्तान सहित 17 देशों के मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया था। भारतीय मुक्केबाज अगले कुछ दिनों में पटियाला में शिविर में हिस्सा लेंगे।





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पीवी सिंधु ने स्विस ओपन के फाइनल में हासिल की जगह, लंबे समय बाद किसी टूर्नामेंट के फाइनल में की एंट्री

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 6, 2021   18:32
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पीवी सिंधु ने स्विस ओपन के फाइनल में हासिल की जगह, लंबे समय बाद किसी टूर्नामेंट के फाइनल में की एंट्री

ओलंपिक रजत पदक विजेता पी वी सिंधु स्विस ओपन के फाइनल में पहुंच गई है।सिंधु 2019 में यहां विश्व चैम्पियनशिप के बाद पहले फाइनल में पहुंची हैं। पूर्व चैम्पियन किदाम्बी श्रीकांत शुक्रवार को पुरूष एकल सेमीफाइनल में पहुंच गए जबकि सात्विक साइराज रांकिरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने भी युगल वर्ग के अंतिम चार में जगह बनाई।

बासेल। ओलंपिक रजत पदक विजेता पी वी सिंधु ने शनिवार को यहां शानदार प्रदर्शन करते हुए डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट के खिलाफ सीधे गेम में जीत दर्ज की और स्विस ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल फाइनल में जगह बनायी। मौजूदा विश्व चैम्पियन सिंधु ने चौथी वरीयता प्राप्त मिया को 43 मिनट में 22-20 21-10 से शिकस्त दी और जनवरी में योनेक्स थाईलैंड ओपन में दुनिया की 12वें नंबर की खिलाड़ी से पहले दौर में मिली हार का बदला चुकता किया। सिंधु 2019 में यहां विश्व चैम्पियनशिप के बाद पहले फाइनल में पहुंची हैं। पूर्व चैम्पियन किदाम्बी श्रीकांत शुक्रवार को पुरूष एकल सेमीफाइनल में पहुंच गए जबकि सात्विक साइराज रांकिरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने भी युगल वर्ग के अंतिम चार में जगह बनाई। दुनिया की दसवें नंबर की जोड़ी सात्विक साइराज और चिराग ने जनवरी में टोयोटा थाईलैंड ओपन में भी सेमीफाइनल में प्रवेश किया था।

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चौथी वरीयता प्राप्त श्रीकांत ने थाईलैंड के केंटाफोन वांगचारोन को 44 मिनट में 21 . 19, 21 . 15 से हराया। वहीं दूसरी वरीयता प्राप्त चिराग और सात्विक ने पांचवीं वरीयता प्राप्त ओंग यू सिन और टियो ई यि को 12 . 21, 21 . 19, 21 . 12 से मात दी। दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी श्रीकांत इससे पहले नवंबर 2019 में हांगकांग सुपर 500 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचे थे। अब उनका सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त और दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसेन से होगा। सात्विक और चिराग छठी वरीयता प्राप्त डेनमार्क के किम एस्ट्रूप और एंडर्स स्कार्प से खेलेंगे।





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भारतीय महिला हॉकी टीम की लगातार चौथी हार, जर्मनी दौरा हुआ समाप्त

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 5, 2021   11:43
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भारतीय महिला हॉकी टीम की लगातार चौथी हार, जर्मनी दौरा हुआ समाप्त

भारतीय महिला हॉकी टीम का जर्मनी का दौरा हार से समाप्त हो गया है।भारतीय टीम के लिये एकमात्र गोल लालरेमसियामी ने 51वें मिनट में किया। यह भारत की चौथे मैच में चौथी हार थी। बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई।जर्मनी ने शुरू में ही आक्रामकता बरती और 10वें मिनट में ही पेनल्टी कार्नर हासिल कर लिया।

डुसेलडोर्फ। भारतीय महिला हॉकी टीम ने गुरूवार को यहां चौथा और अंतिम मैच 1-2 से गंवाने से जर्मनी के दौरे का समापन एक और हार से किया। दुनिया की तीसरे नंबर की जर्मनी की टीम के लिये नाओमी हेन (29वें) और चार्लोट स्टापेनहोर्स्ट (37वें) ने गोल दागे। भारतीय टीम के लिये एकमात्र गोल लालरेमसियामी ने 51वें मिनट में किया। यह भारत की चौथे मैच में चौथी हार थी। बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। जर्मनी ने शुरू में ही आक्रामकता बरती और 10वें मिनट में ही पेनल्टी कार्नर हासिल कर लिया। सविता और उनकी रक्षात्मक पंक्ति ने विपक्षी टीम को दूर ही रखा। भारत को भी एक मिनट बाद एक पेनल्टी कार्नर मिला। लेकिन जर्मनी के मजबूत डिफेंस ने भी भारत को सफलता हासिल नहीं करने दी।

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दूसरे क्वार्टर के खत्म होने में एक मिनट बचा था कि हेन ने शानदार मैदानी गोल से मेजबानों को बढ़त दिला दी। जर्मनी ने पहले हाफ के बाद कोशिश करना जारी रखा और उन्हें दूसरा पेनल्टी कार्नर मिला। भारत ने फिर अच्छे डिफेंस का नमूना पेश किया और जर्मनी के लगातार हमलों को रोका। लेकिन 37वें मिनट में स्टापेनहोर्स्ट ने स्कोर 2-0 कर दिया। भारतीय टीम ने चौथे क्वार्टर में प्रयास तेज कर दिये और लालरेमसियामी ने 51वें मिनट में गोल कर अंतर कम किया। जर्मनी ने अंत तक बढ़त कायम रखी और दौरे पर लगातार चौथी जीत हासिल की।





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