West Asia में तनाव से भारत में Gas Supply पर संकट, Cricket League से आम आदमी तक पर असर

ईंधन और रसोई गैस आपूर्ति पर वैश्विक संकट के प्रभाव के बीच देश की प्रमुख क्रिकेट लीग की तैयारियां सवालों के घेरे में हैं, क्योंकि सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। लीग संचालन परिषद स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि होटल और रेस्तरां जैसे क्षेत्र पहले से ही गैस की कमी का सामना कर रहे हैं, जिससे बड़े आयोजनों की व्यवहार्यता पर असर पड़ सकता है।
देश में खेल आयोजनों की तैयारियां सामान्य रूप से चल रही हैं, लेकिन हाल के अंतरराष्ट्रीय हालात ने कई क्षेत्रों की तरह खेल जगत को भी सतर्क कर दिया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव के कारण ईंधन और रसोई गैस की आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते सरकार ने कुछ अहम कदम उठाए हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हाल ही में एक बयान जारी कर कहा है कि रसोई गैस की आपूर्ति को घरेलू उपभोक्ताओं और आवश्यक गैर घरेलू क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि ईंधन आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। कई देशों में तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं, जिसका असर दूसरे क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है।
इसी बीच आगामी क्रिकेट लीग को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। लीग संचालन परिषद के अध्यक्ष अरुण धूमल ने कहा है कि आयोजन समिति स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और हालात के अनुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति बदलती हुई है और इस समय कोई अंतिम फैसला कहना मुश्किल है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर परिस्थितियों के अनुसार उचित निर्णय लिया जाएगा।
गौरतलब है कि देश की प्रमुख क्रिकेट लीग का नया सत्र इस महीने के अंत में शुरू होने की तैयारी में है। हालांकि आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन आयोजन की तैयारियां विभिन्न शहरों में चल रही हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार कई टीमों ने अपने प्रशिक्षण शिविर शुरू भी कर दिए हैं। कुछ टीमें अपने घरेलू मैदानों पर खिलाड़ियों को अभ्यास करा रही हैं और नई रणनीतियों पर काम कर रही हैं।
इस बीच रसोई गैस आपूर्ति को लेकर होटल और रेस्तरां क्षेत्र में भी चिंता बढ़ने लगी है। कुछ बड़े शहरों के होटल संगठनों ने बताया है कि उनके पास फिलहाल केवल एक या दो दिन की गैस आपूर्ति बची है। इसके चलते कई जगह भोजन सूची को सीमित करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं ताकि गैस का उपयोग नियंत्रित किया जा सके।
सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए तेल रिफाइनरियों को रसोई गैस उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल तय किया गया है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके।
मौजूद जानकारी के अनुसार अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों को भी गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी। अन्य गैर घरेलू क्षेत्रों जैसे होटल, रेस्तरां और उद्योगों के लिए आपूर्ति पर निर्णय लेने के लिए एक विशेष समिति बनाई गई।
दरअसल हाल ही में समाप्त हुए विश्व कप क्रिकेट के दौरान भी हवाई मार्ग से जुड़ी समस्याओं के कारण कई टीमों को भारत से वापस लौटने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण उड़ानों के मार्ग प्रभावित हुए थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मौजूदा हालात लंबे समय तक बने रहते हैं तो इसका असर केवल खेल आयोजनों पर ही नहीं बल्कि उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं सहित कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है। फिलहाल सरकार और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के अनुसार कदम उठाए जा रहे हैं।
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